बड़ी खबर/ मोदी सरकार ने किया 2.65 लाख करोड़ की राहत पैकेज का ऐलान.. जानिए किसके खाते में आएगा पैसा..!


वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने धनतेरस के दिन तीसरे राहत पैकेज का ऐलान किया। इस स्टिमूलस पैकेज के तहत सरकार ने कोरोना से लड़ाई और इकोऩॉमी बूस्ट करने के लिए 2.65 लाख करोड़ के राहत का ऐलान किया। होम बायर्स को टैक्स रिलीफ से लेकर किसानों को फर्टिलाइजर के लिए राहत की घोषणाएं की गई। आइए जानते हैं कि सरकार के इस राहत पैकेज से किसे कितना फायदा होगा।

इन मदों में हुआ इतने करोड़ का ऐलान

हाउसिंग फॉर ऑल ( पीएमएवाई) – 18000 करोड़
कोरोना वैक्सीन के आरएंडडी के लिए – 900 करोड़
रुरल डेवलपमेंट बूस्टर के लिए – 10,000 करोड़
इंफ्रा, इंसेटिव व डिफेंस इक्विपमेंट – 10,200 करोड़
एक्सिम बैंक को मदद – 3,000 करोड़
आत्मनिर्भर मैन्युफैक्चरिंग ( इंसेटिव) – 1,45,980 करोड
फर्टिलाइजर सब्सिडी – 65,000 करोड़
एनआइआइ डेट फंड – 6000 करोड़
आत्मनिर्भर भारत रोजगार .योजना – 6000 करोड

कुल रकम 2,65, 080 करोड़निर्यात बढ़ाने के लिए उठाया ये कदम

निर्यात को बढ़ावा देने के लिए एक्जिव बैंक को लाइन ऑफ क्रेडिट के लिए दिया जाएगा.प्रोजेक्ट एक्सपोर्ट बढ़ाने के लिए एक्जिम बैंक को 3000 करोड़ रुपये लाइन ऑफ क्रेडिट के रूप में दिए जाएंगे।

कोविड के वैक्सीन पर अतिरिक्त 900 करोड़ का खर्च

कोरोना से लड़ने के लिए इंडियन कोविड वैक्सीन बनाने इनके रिसर्च एंड डेवलपमेंट के लिए 900 करोड़ रुपए का अतिरिक्त प्रावधान किया गया। कोविड वैक्सीन के शोध एवं विकास के लिए 900 करोड़ रुपये का प्रावधान। कोविड सुरक्षा मिशन के तहत यह राशि डिपार्टमेंट ऑफ बायोटेक्नोलॉजी को दी जाएगी, यह खर्च स्वास्थ्य मंत्रालय के अतिरिक्त होगा।

हेल्थ केयर और 26 स्ट्रेस्ड सेक्टर के लिए क्रेडिट गारंटी स्कीम

सरकार ने कोविड-19 की वजह से हेल्थ केयर और 26 स्ट्रेस्ड सेक्टर के लिए क्रेडिट गारंटी स्कीम लॉन्च की. कामत कमेटी की सिफारिश के मुताबिक 26 दबावग्रस्त सेक्टरों और स्वास्थ्य सेक्टर के लिए ECLGS के तहत लाभ दिया गया है. मूलधन चुकाने के लिए 5 साल का समय दिया गया है. इसके साथ ही मूलधन चुकाने के लिए एक साल का मोरेटोरियम दिया गया है. यह योजना 31 मार्च 2021 तक रहेगी।

प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव का ऐलान

सरकार ने घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिये बुधवार को दूरसंचार, वाहन और औषधि समेत 10 प्रमुख क्षेत्रों के लिये उत्पादन आधारित प्रोत्साहन (PLI) योजना को मंजूरी दी. आत्मनिर्भर मैन्युफैक्चरिंग बूस्ट के 1.46 लाख करोड़ रुपए प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव की घोषणा बुधवार को हुई।