बैंक लोन रिपेमेंट मोरेटोरियम को लेकर आज होने वाली सुनवाई 5 अक्टूबर तक टल गई…क्या मोरेटोरियम का समय खत्म होगा ? बैंक ब्याज देना होगा… जानने के लिये विस्तार से पढ़े !

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पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने लोन के रिपेमेंट के लिए मोरेटोरियम को 28 सितंबर तक बढ़ा दिया था. सोमवार को मामले की सुनवाई थी. लेकिन, केंद्र सरकार ने अनुरोध किया कि वह इस मामले में कुछ और समय चाहती है.

सुप्रीम कोर्ट में लोन मोरेटोरियम के दौरान ईएमआई पर ब्याज के ऊपर ब्याज मामले में सुनवाई 5 अक्‍टूबर तक टल गई है. तब तक शीर्ष न्‍यायालय के अंतरिम आदेश जारी रहेंगे. सरकार ने इस पर सुप्रीम कोर्ट से कुछ और समय मांगा है. कोर्ट ने सोमवार को इसकी इजाजत दे दी.

इस तरह फिलहाल मामला 5 अक्टूबर तक टल गया है. सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को 1 अक्टूबर तक हलफनामा दाखिल करने का समय दिया है. साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने बैंकों से अभी एनपीए घोषित नहीं करने को कहा है. अपने अंतरिम आदेशों में उसने बैंकों को निर्देश दिया था कि वे इस अवधि के दौरान नहीं अदा की गई किस्‍तों को एनपीए के तौर पर घोषित न करें.

पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने लोन के रिपेमेंट के लिए मोरेटोरियम को 28 सितंबर तक बढ़ा दिया था. सोमवार को मामले की सुनवाई थी. लेकिन, केंद्र सरकार ने अनुरोध किया कि वह इस मामले में कुछ और समय चाहती है.

कोरोना की महामारी से लोगों की आर्थिक स्थिति पर असर पड़ा था. इससे राहत देने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने लोन पर मोरेटोरियम देने का फैसला किया था. इसमें ग्राहकों की इच्‍छा पर था कि वे अपनी ईएमआई का भुगतान करें या न करें. मोरेटोरियम की अवधि 31 अगस्‍त को समाप्‍त हो चुकी है. ग्राहकों को इसमें लोन का रिपेमेंट टालने के लिए छह महीने की मोहलत मिली थी.

शीर्ष न्‍यायालय ने सरकार से मोरेटोरियम के दौरान लोन के ब्‍याज पर ब्‍याज नहीं वसूलने की याचिका पर विचार करने के लिए कहा है. याचिका में इस दौरान कर्ज लेने वालों की क्रेडिट रेटिंग या एसेट क्‍लासिफिकेशन को नहीं बदलने की भी अपील की गई है.

सरकार की ओर से पेश हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि यह थोड़ा जटिल मामला है. कई तरह के आर्थिक मसले आ रहे हैं. इसलिए कुछ समय दिया जाए.

जस्टिस अशोक भूषण के अध्‍यक्षता वाली पीठ को बताया गया कि सरकार प्राथमिकता के साथ मामलों को देख रही है. 2-3 दिनों के भीतर कोई फैसला लिया जा सकता है. इस बारे में गुरुवार तक हलफानामा दाखिल कर दिया जाएगा. जस्टिस भूषण ने कहा कि तब तक अंतरिम आदेश जारी रहेंगे. मामले की सुनवाई जस्टिस अशोक भूषण, सुभाष रेड्डी और एमआर शाह की बेंच कर रही है.