PM मुद्रा योजना योजना से पाए 5 से 10 लाख तक बिना गारंटी के लोन..!


कोरोना संकट के चलते इन दिनों नौकरियों पर संकट मंडरा रहा है। यदि आप या आपका कोई साथी नौकरी की तलाश कर रहा है तो ऐसे में आय के लिए स्वरोजगार एक बेहतर ऑप्शन है। अक्सर युवा वर्ग लोन लेकर अपना स्वयं का बिजनेस शुरू करते हैं।

सरकार की ओर से कुछ योजनाएं भी इसके लिए संचालित की जाती हैं। यहां हम आपको एक ऐसी योजना के बारे में जानकारी दे रहे हैं जिससे अभी तक बड़ी संख्या में लोग लोन ले चुके हैं। इस योजना का नाम है प्रधानमंत्री मुद्रा योजना जिसे PMMY भी कहा जाता है। केंद्र सरकार की यह योजना की शुरुआत अप्रैल 2015 में शुरू हुई थी। जानिये इस योजना से लोन लेने की प्रक्रिया क्या है और आप कैसे इसका लाभ ले सकते हैं। इस योजना की और अधिक जानकारी के लिए इच्छुक लोग इस आधिकारिक वेबसाइट https://www.mudra.org.in/ पर लॉग इन कर सकते हैं।

PMMY में मिलते हैं 3 तरह के लोन

PMMY में तीन तरह के लोन दिए जाते हैं। पहला शिशु, दूसरा किशोर और तीसरा तरूण लोन। शिशु लोन के तहत 50 हज़ार रुपए तक की राशि का कर्ज दिया जाता है। किशोर लोन में यही राशि 50 हज़ार से बढ़कर 5 लाख हो जाती है और तरूण लोन में इसका प्रावधान 5 से 10 लाख रुपए तक का है।

इन दस्तावेजों की जरूरत होगी

प्रधानमंत्री मुद्रा योजना PMMY के तहत लोन लेने के लिए आपको सबसे पहले बैंक की किसी शाखा में आवेदन देना होगा। आप किस प्रकार का काम शुरू करना चाहते हैं, इसकी पूरी जानकारी आपको ब्रांच मैनेजर को देना होगी। यदि आपका काम स्वयं का है तो उसके संचालन के लिए भवन आदि की जरूरत होगी। आपको संबंधित भवन के मालिकाना हक के कागज, किरायानामा, किरायेनामे से जुड़े कागज़ात, कामकाज से जुड़ी जानकारी, आदि देना होगी। स्वयं की जानकारी के लिए आपको आधार कार्ड, पैन कार्ड आदि अहम दस्तावेज देना होंगे।

अच्छी बात यह कि गारंटर की नहीं है जरूरत

खास बात यह है कि इस योजना से लोन लेने की प्रक्रिया में किसी गारंटर की जरूरत नहीं होती। ना ही आवेदक को अपनी संपत्ति या दस्तावेज गिरवी रखने की जरूरत होती है। भारत सरकार स्वयं ही गारंटर के रूप में होती है। लेकिन, लोन की श्रेणी के अनुसार संबंधित आवेदक की वित्तीय हालत की जांच ज़रूर की जाती है। खास तौर पर 2 लाख रुपए से अधिक लोन की राशि के लिए आवेदक को टर्न ओवर, बैलेंस शीट आदि के प्रमाण उपलब्ध कराना होते हैं।

यह होंगी योजना की ब्याज दरें

वैसे तो प्रधानमंत्री मुद्रा योजना की ब्याज दर निश्चित नहीं होती, लेकिन अक्सर यह न्यूनतम ब्याज दर 10 से 12 फीसदी वार्षिक ही होती है। यहां ब्याज दर लोन लेने वाले व्यक्ति के बिजनेस प्रकृति और उससे जुड़े रिस्क फैक्टर पर निर्भर करता है। इसके अलावा अलग-अलग बैंक मुद्रा योजना के तहत लोन के लिए अपनी अलग ब्याज दर भी रख सकते हैं।

किस लोन में चुकाना होगी कितनी ब्याज दर

शिशु लोन की सीमा 50 हजार रुपए तक होती है। इसे चुकाने की अवधि 5 साल है। इसे 10-12% ब्याज दर से चुकाना होता है। किशोर लोन की सीमा 50 हजार से 5 लाख रुपए तक होती है। इसे चुकाने की अवधि लोन के हिसाब से तय होती है। इसे 14-16% ब्याज दर से चुकाना होता है। तरुण लोन की सीमा 5 लाख से 10 लाख रुपए तक होती है। इसे चुकाने की अवधि लोन के हिसाब से तय होती है। इसे 16% की ब्याज दर से चुकाना होता है।

पहले से व्यापार है तो उसके लिए भी लोन संभव

आपको प्रधानमंत्री मुद्रा योजना PMMY के तहत लोन तो मिलेगा लेकिन इसके लिए आपको जिस बात का सबसे अधिक ध्यान रखना है वह है अपने कार्य की प्रकृति के बारे में जानकारी देना। उसके आधार पर ही लोन स्वीकृत होगा। खास बात यह है कि यदि आपके पास पहले से ही कोई व्यापार है और आप उसे आगे बढ़ाना चाहते हैं तो इसके लिए भी आप मुद्रा योजना के तहत आवेदन दे सकते हैं।

नहीं होगा ब्याज दरों में बदलाव

लोन लेते समय संबंधित बैंक या वित्तीय संस्थान ने जो ब्याज दरें तय की होती हैं, पूरे कार्यकाल तक वह नहीं बदलती हैं। यदि ऐसा होता भी है तो स्वीकृत लोन पर उसका प्रभाव नहीं पड़ता।

लोन चुकाने की समय सीमा बढ़ सकती है

मुद्रा योजना में लोन को चुकाने की अवधि बढ़ाई जा सकती है। योजना में जो आवेदक लोन लेता है, उसे एक मुद्रा कार्ड दिया जाता है। इस कार्ड की मदद से व्यक्ति अपने कारोबार में आवश्यक्ता के हिसाब से वह धनराशि खर्च कर सकता है।

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