New Labour Codes : अब सभी मजदूरों को मिलेगी ESIC और EPFO की सुविधा


दिल्ली / नए मजदूर कोड पारित होने का लाभ देश के 50 करोड़ से ज्यादा संगठित, असंगठित और स्व-नियोजित कामगारों को मिलेगा। इसके तहत पूरे देश में एक समान मजदूरी मिलेगी। ESIC और EPFO के सामाजिक सुरक्षा कवच को व्यापक बनाकर सभी मजदूरों और स्वरोजगार करने वालों को इसमें शामिल किया गया है।

महिला मजदूरों को भी पुरुष कामगारों के समान वेतन मिलेगा। महिला कामगारों को नाइट शिफ्ट में काम करने की अनुमति होगी, लेकिन कंपनी को उन्हें सुरक्षा मुहैया करानी होगी। नियमित कर्मचारियों की तरह ही अस्थायी कर्मचारियों को भी एक तरह की सेवा शर्तें, ग्रेच्युटी और छुट्टी मुहैया कराई जाएगी। वर्किंग जर्नलिस्ट की परिभाषा में अब डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में काम करने वाले पत्रकार भी शामिल होंगे। प्रवासी मजदूरों को कंपनियां अपने घर जाने के लिए साल में एक बार भत्ता देगी। वित्तीय घाटे, कर्ज या लाइसेंस पीरियड खत्म हो जाने से कोई कंपनी बंद हो जाती है कर्मचारियों को नोटिस या मुआवजा देने से इंकार नहीं किया जा सकेगा। कंपनियों को नियुक्ति के समय कर्मचारियों को नियुक्ति पत्र देना होगा। उन्हें हर साल मेडिकल चेकअप की सुविधा भी देनी होगी।New Labour Code के तहत हर मजदूर को नौकरी छूटने पर तीन महीने की आधा वेतन मिलेगा। नौकरी छूटने पर रि-स्किलिंग के लिए 15 दिन की सैलरी मिलेगी। ESIC, मजदूर बीमा और उपचार सुविधा, छोटी सी कॉन्ट्रीब्यूशन में ESIC के हॉस्पिटल और दवाखानों में मुफ्त इलाज की सुविधा मिलेगी। ESIC के दरवाजे अब असंगठित क्षेत्र के मजदूरों के लिए और सभी क्षेत्रों में काम करने वाले मजदूरों के लिए खुलेंगे।

असंगठित क्षेत्र के लिए सामाजिक सुरक्षा निधि का निर्माण, महिला मजदूरों को सभी क्षेत्रों में काम करने की इजाजत होगी।

महिला सफ़ाईकर्मी

महिलाओं के लिए कई सुविधाएं

महिलाओं के लिए कई प्रावधान किए गए हैं। गर्भावस्था लाभ के अलावा महिला मजदूर शाम 7 से सुबह 6 बजे तक भी काम कर सकती हैं। इसके लिए उन्हें वाहन एवं सुरक्षा की व्यवस्था रहेगी। शिकायत निवारण समितियों में भी महिला सदस्यों की भागीदारी होगी। सामाजिक सुरक्षा से संबंधित कानूनों को संशोधन होने की वजह से श्रमिक अब भविष्य निधि (EPFO) एवं बीमा (ESIC) के लाभ उठा सकेंगे।