रायगढ़ मेडिकल कॉलेज के JR डाक्टर्स काम पर लौटे..उनकी समस्याओं को समाधान करने की पहल हुई शुरू

रायगढ़ 28 मई। सुबेरे से रायगढ़ मेडिकल कॉलेज में ये खबर मिल रही थी कि मेडिकल कॉलेज के डाक्टर्स को काफी समस्या हो रही थी जिसका निदान न होने के कारण सभी ने कॉलेज के डीन को सामुहिक इस्तीफा तक दे दिया गया था लेकिन मेडिकल कॉलेज के डीन और प्रशासनीक अधिकारीयों के हस्तक्षेप के बाद सुखद परिणाम निकल कर सामने आया है। मेडिकल कॉलेज के सभी डाक्टर्स अब मान गए हैं और अपने अपने काम पर पुनः वापिस आ चुके हैं।

इसी विषय पर हमारी बात मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर सुबित माने से तो उन्होंने स्पष्ट किया कि:

“ हम डाक्टर्स की मूलतः उनकी दो डिमांड थी एक सैलरी से रिलेटेड और ग्रामीण सर्विसेस से रिलेटेड डिमांड थी जो सेलरी से रिलेटेड थी उसमें कुछ कंफ्यूजन था कॉलेज प्रबंधन की तरफ से जो सैलरी रिलीज की जाती है वो दो मद से आती है, एक सरकारी मद से और दूसरी कॉलेज के ऑटोनामस मद से आती है। हमारे ऑटोनॉमस फंड से जो राशि आनी थी व राशि आने में इस बार लेट हो गया। इसी कारण सेलरी रिलीज करने में थोड़ा लेट हो गया जिसका कंपनसेशन अगले सैलरी में हमने उन्हें देने का वादा किया है और इस और इससे वो सन्तुष्ट हो गए हैं। आल इंडिया कोटे से 6 डॉक्टर हमारे कॉलेज से चले गए हैं क्योंकि उनमें से कुछ लोग बाहर सर्विस करना चाह रहे थे या सर्विस देना चाह रहे थे वो सभी 6 लोग रायगढ़ से चले गए हैं। हमारे पास 2014 बैच के फिलहाल कुल 30 डॉक्टर्स हैं। हमारे द्वारा सभी को सेलरी से रिलेटेड समस्या पर मना लिया गया है और जो ग्रामीण रिलेटेड समस्या है उसके लिए प्रशासन से बात हो रही है। हमारे पास उसका पॉजिटिव इंपैक्ट है भी और उम्मीद है इस समस्या का जल्द निवारण हो जाएगा। इनका 1 साल का 25 लाख का बांड होता है उस बांड के मुताबिक डाक्टर्स को सेवा तो कहीं भी देना है या तो वे ग्रामीण सर्विसेज में दे या अगर सरकार चाहे तो मेडिकल कॉलेज में दें । हमारे यहां मेडिकल कालेज में उनकी अधिक जरूरत थी इसलिए प्रशासनिक तौर ओर उन्हें यहाँ रखा गया था। जुनियर डाक्टर्स को जो समस्या हो रही थी तो उन्होंने हमे बताया है उस पर हम प्रशासन से बात कर रहें हैं और मुझे यकीन हैं कि हमें पॉजिटिव रिस्पॉन्स मिलेगा। वेतन के विषय में उन्होंने बताया JR डॉक्टर का कुल सैलरी का 60 हजार तय किया गया है जिसका 30 हजार कॉलेज के ऑटोनॉमस मद से और 30 हजार सरकारी मद से आता है। उनके दो महीने की एक किश्त बची हुई है जो हमारे में एक महीना काउंट होता है जिसका अगले महीने भुगतान हो जाएगा। कालेज के डीन और प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा सभी को समझाइश दिया गया है और सुखद पहलू है कि सभी JR डाक्टर्स मान गए हैं। ”

अब देखना है की कितने दिनों में कॉलेज प्रबंधन इन JR डाक्टर्स की समस्या का समाधान करता है। फिलहाल जिलेवासियों के लिए ये राहत की बात है की jr डाक्टर्स अपने काम पर वापस आ गए हैं।