24×7 ब्रेकिंग: मासूम बिटिया की नादानी पर प्रशासन की लापरवाही भारी.. हाईटेंशन बिजली तार की चपेट में आकर चोटिल हुई बच्ची.. उसके घाव से लगातार गल रहा मांस.. देखें वीडियो


  • गरीब और दिव्यांग माता-पिता की घायल बच्ची का सहारा बनी चाइल्ड लाइन रायगढ़

रायगढ़। शहर के भगवानपुर रोड पर एच एम ओ कार्यालय के पास झोपड़ी पारा में रहने वाले पूरी तरह से गरीब दिव्यांग पिता और मजदूर मां की 8 वर्षीय मासूम बिटिया के बीते दिनों हाई टेंशन वायर की चपेट में आकर बुरी तरह से घायल होने की जानकारी मिलने पर जब मीडियाकर्मी उसके प्लास्टिक पन्नियों और बोरियों से बने घर पहुंचे तो पाया कि उचित इलाज के अभाव में बच्ची का घाव भर नही रहा है बल्कि इंफेक्शन की वजह से घाव से मांस गलने लगा है।

घटना के विषय मे विस्तार से बताते हुए गरीब मां पिता ने बताया कि हमारे पास जितनी व्यवस्था थी उतने में बच्ची का इलाज करवाया परन्तु घटना की जानकारी होने के बावजूद सी एच एम ओ कार्यालय और शासन-प्रशासन से उन्हें कोई सहायता नही मिली। बच्ची घाव न भर पाने की वजह से रात भर दर्द से तड़पती रहती है।

वहीं पड़ोसियों ने बताया कि घटना के दिन दोपहर करीब 1 बजे जब बच्ची पास की खाली जगह पर दिशा मैदान के लिए गई तो वहां घांस-फूंस के बीच गिरे बिजली के हाई टेंशन तार की चपेट में आ गई। उसकी किस्मत अच्छी थी जो वह बिजली के झटके की वजह से दूर जा छिटकी और उसने चिल्लाया,जब तक हम उसकी आवाज सुनकर घटना स्थल पर पहुंचते तब तक बच्ची बेहोश हो चुकी थी। उसके शरीर मे कई जगह पर झुलसने से घाव बन गया था। हमने तुरन्त एम्बुलेश बुलाया और बेहोश बच्ची की अस्पताल ले गए। जहां इलाज के बाद बच्ची को होश आया गया। तब से उसका इलाज चल रहा है,परन्तु गरीबी की वजह से इसके माता-पिता उसका इलाज नही करा पा रहे हैं। इस वजह से बच्ची का घाव भरने के अलावा और बढ़ रहा है। पड़ोसियों ने यह भी बताया कि बिजली का यह तार पिछले कई महीने पहले गिरा था।जिसकी चपेट में आकर दो अन्य दुर्घटनाएं घटी थी। जिंसमे।एक आदमी की मौत भी हो चुकी है। हमें लगा कि घटना के बाद बिजली विभाग के लोग तार हटा लिए होंगे। परन्तु उन्होंने हटाया नही और बारिश के बाद में यहां बड़ी घांस उग आई और उस दिन घटना का कारण बन गई। इस घटना के बाद विभाग ने तार को हटाया है।

उसी दिन घटना की जानकारी जिला कलेक्टर भीम सिंह और समाजिक श्रीमती कार्यकर्ता जस्सी फिलिप को दी गई और उनसे बिटिया के इलाज में सहायता करने की अपील की।

इस तरह सूचना मिलने प्रेस कर्मियों से मिलने पर श्रीमती फिलिप ने बाल संरक्षण समिति के लोगों को जानकारी देकर बच्ची को बिना समय गंवाए समय पर इलाज दिलवाने का निवेदन किया। सूचना के बाद बाल कल्याण समिति(चाइल्ड लाइन)के सदस्य बच्ची के घर पहुंचे। वहां से उसे रिकवर कर जिला अस्पताल इलाज के लिए ले आये।

अंततः शहर के एक गरीब असहाय मां-पिता की आहत मासूम बच्ची को समाजिक कार्यकर्ता श्रीमती जस्सी फिलिप की पहल से चाइल्ड लाइन रायगढ़ का सहारा मिला। जिससे बच्ची का समय को समय पर अस्पताल लाकर उसका इलाज करवाया गया अब चाइल्ड लाइन के सदस्य उसके इलाज के अलावा उसकी आगे की शिक्षा-दीक्षा की जिम्मेदारी उठाने को तैयार है।