शुक्रवार को हुए वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में गोबर खरीदी की चौथी क़िस्त जारी…केंद्र सरकार के रिपोर्ट को किसानो के खिलाफ नही बल्कि गरीबो के भी खिलाफ है बताया…


रायपुर. मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा, केंद्र सरकार शांता कुमार कमेटी की रिपोर्ट को लागू करना चाहती है। इसकी वजह से ही धान का बोनस देने से रोका गया। इसी के आधार पर मंडी के खिलाफ कानून लाया गया है। यह बेहद घातक है। मुख्यमंत्री ने ये भी कहा की अभी जनता को जो एक रुपए किलो में चावल मिल रहा है। आने वाले दिनों में इस पर भी रोक लगायेगी। यह बातें मुख्यमंत्री शुक्रवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए गोबर खरीदी की चौथी किस्त का भुगतान करने के समय कहीं।

किसान ही नहीं गरीबों के खिलाफ भी
रिपोर्ट के मुताबिक पूर्वोत्तर के राज्यों में चावल की कमी है। तो छत्तीसगढ़ और आंध्र प्रदेश राज्यों से चावल भेजने की जरूरत नहीं है। क्योंकि पड़ोसी देश भूटान से चावल मिल रहा है। तो सस्ते मूल्यों पर वहां से लाया जा सकता है। मुख्यमंत्री ने ये भी कहा, फैसला केवल किसानों के खिलाफ नही, बल्कि गरीबों के खिलाफ भी है।

मुख्यमंत्री जी की कड़ी बाते-

  • हम किसानों से 2500 रुपए में सीधा धान खरीदना चाहते थे। परन्तु केंद्र सरकार साफ मना कर दिया।
  • जो कानून बना है।उसके तहत मंडी के बाहर ही खरीदी-बिक्री होगी। जिससे भविष्य मे मंडी धीरे-धीरे करके समाप्त हो जाएगी।
  • ऐसे में राज्य के किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य मिलना एक सपना जैसा हो जाएगा।
  • कृषि राज्य सरकार का विषय है। बिना राज्य सरकार को विश्वास में लिए ऐसा कानून प्रदेश के हित में नहीं।

गौपालकों को चौथी भुगतान सीधे खाते में

मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को हुए वीडियो कॉन्फ्रेंस के दौरान ही गोधन न्याय योजना के तहत प्रदेश के 83 हजार 809 गौपालकों एवं गोबर विक्रेताओं को चाैंथी किश्त के रूप में 8 करोड़ 2 लाख रुपए का ऑनलाइन भुगतान सीधे उनके संबंधित के खातों में किया गया हैं। तारीख 1 से लेकर 15 सितंबर तक गोधन न्याय योजना के अंतर्गत जशपुर जिले के 1794 गोबर विक्रेता हितग्राहियों द्वारा 5088 क्विंटल गाेबर विक्रय किया गया है। जिसका 10 लाख 18 हजार ऑनलाइन भुगतान उनके खाते में की गई है। कलेक्टर महादेव कावरे जी ने जानकारी देते हुए कहा कि जशपुर जिले में 64 ग्राम पंचायत और 5 नगरीय निकाय इस प्गौरकार कुल कुल 69 गौठानों में एप के माध्यम हितग्राहियों से गोबर खरीदी की जा रही है। श्जुक्रवार को जिले के 1794 विक्रेताओं को राशि मिली है। उन्होंने कहा कि एप के माध्यम से गौठानों में ही गोबर विक्रय की ऑनलाइन एन्ट्री की जाती है। अब एप के माध्यम से हितग्राही गोबर विक्रय और प्राप्त राशि की भी जानकारी प्राप्त कर रहे है।