लद्दाख के सीमा पर चीन को जवाब देने के लिए भारत तैयार..PM को तीनों सेना ने दिए अपने सुझाव

नई दिल्ली 27 मई –  देश में तेजी से फैल रहे कोरोना संक्रमण के बीच पूर्वी लद्दाख के सीमा पर भारतीय जवानों को चीनी सेना द्वारा बार-बार परेशान किया जा रहा है। इस मामले को नई दिल्ली ने गंभीरता से लिया है। यही वजह है कि मंगलवार को देश की राजधानी में उच्च स्तरीय बैठक की गई है। प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) में नरेंद्र मोदी ने तीनों सेनाओं के प्रमुख व राजनाथ सिंह के साथ बैठक की है।

एएनआई के मुताबिक, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तीनों सेनाओं से मौजूदा हालात पर विकल्प सुझाने के लिए कहा, जिसके बाद सेना प्रमुखों ने इस मामले में तैयारियों को लेकर विस्तृत रिपोर्ट अपनी ओर से सौंपा है।

तीनों सेनाओं ने मौजूदा हालातों के मद्देनजर आसपास मौजूद डिफेंस असेट्स और तनाव बढ़ने की हालात में रणनीतिक और सामरिक विकल्पों को लेकर सुझाव दिए।

लद्दाख क्षेत्र के इलाके में चीन लगातार सैनिकों की संख्या बढ़ा रहा है। उसके मद्देनजर भारत भी अपनी तैनाती को बढ़ाएगा। लद्दाख में बीते दिनों जो हुआ है, उसके बाद से ही सुरक्षा की दृष्टि से भारत ने अपनी नजर पैनी की है और हर एक कदम पर कड़ी निगाहें बनी हुई हैं।

इसके साथ ही बता दें कि चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने सबसे खराब स्थिति की कल्पना करते हुए सेना को युद्ध की तैयारियां तेज करने का मंगलवार को आदेश दिया और उससे पूरी दृढ़ता से देश की सम्प्रभुता की रक्षा करने को कहा। देश की सत्तारूढ़ चीनी कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीसी) के महासचिव और करीब 20 लाख सैनिकों वाली सेना के प्रमुख 66 वर्षीय शी ने यहां चल रहे संसद सत्र के दौरान पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) और पीपुल्स आर्म्ड पुलिस फोर्स के प्रतिनिधियों की पूर्ण बैठक में हिस्सा लेते हुए यह टिप्प्णी की।

सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ की खबर के मुताबिक, शी ने सेना को आदेश दिया कि वह सबसे खराब स्थिति की कल्पना करे, उसके बारे में सोचे और युद्ध के लिए अपनी तैयारियों और प्रशिक्षण को बढ़ाए, तमाम जटिल परिस्थितियों से तुरंत और प्रभावी तरीके से निपटे। साथ ही पूरी दृढ़ता के साथ राष्ट्रीय सम्प्रभुता, सुरक्षा और विकास संबंधी हितों की रक्षा करे।

उनकी टिप्पणी वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर भारत और चीन के बीच करीब 20 दिन से जारी गतिरोध की पृष्ठभूमि में आयी है। हाल के दिनों में लद्दाख और उत्तरी सिक्किम में भारत और चीन की सेनाओं ने अपनी उपस्थिति काफी हद तक बढ़ाई है।

यह दोनों देशों की सेनाओं के बीच दो अलग-अलग तनातनी के दो सप्ताह बीत जाने के बाद भी तनाव बढ़ने और दोनों पक्षों के रुख में कठोरता आने का स्प्ष्ट संकेत देता है। करीब 3,500 किलोमीटर लंबी एलएसी दोनों देशों के बीच वस्तुत: सीमा का काम करती है।