रायगढ़: सिखों के पांचवे गुरु श्री अर्जुन देव की शहादत दिवस की याद में रायगढ़ के सिख समुदाय द्वारा राहगीरों को ठंडी शरबत पिलाकर की जा रही है सेवाकाज

रायगढ़ 29 मई । सिख धर्म की महानता और वीर योद्धाओं की कहानियाँ हम सबने पढ़ी हैं। इन्‍हीं योद्धाओं में से एक सिखों के पांचवें गुरु श्री अर्जुन देव जी का 26 मई को शहादत दिवस था। सिख गुरुओं ने धर्म के नाम पर बलिदान होने की ऐसी कई मिसालें पेश की हैं जो इतिहास के सुनहरे पन्नों पर और लोगों के दिलों पर अंकित हैं लेकिन इनमें सिक्खों के पांचवें गुरु श्री अर्जुन देव के बलिदान सबसे महान माना जाता है। मानवता के उच्च आदर्शों और मानवीय मूल्यों की रक्षा के सिलसिले में किसी सिख द्वारा दी गई यह पहली शहादत मानी जाती है। यही कारण है कि उन्हें ‘शहीदों का सरताज’ कहा जाता है। सिक्ख धर्म के पांचवे गुरु श्री अर्जुन देव जी को उनके भक्त शहीदों के सरताज, बाणी के बोहित, नाम के जहाज, शांति के पुंज के नाम से पुकारते हैं।

26 मई से पिलाया जा रहा है राहगीरों को शरबत: विगत तीन दिनों से (26 मई से) गुरु श्री अर्जन देव जी के शहादत दिवस के दिन उनकी याद में रायगढ़ के सिख समाज की तरफ से गुरुद्वारा के बाहर और शहर के हृदय स्थल सत्तीगुड़ी चौक में इस नवतपा की तेज धूप में भ्रमण करने वाले राहगीरों की प्यास बुझाने के लिए सुबेरे 12 बजे 4 बजे तक ठंडा शर्बत (छबील) पिलाकर उनकी सेवा की जा रही है।

इस विषय में जब हमारी बात शहर के होनहार युवा अंशु टुटेजा से बात हुई तो उन्होंने बताया कि –

सिख समाज के पांचवें गुरु श्री अर्जुन देव जी के शहादत दिवस की याद में रायगढ़ के सिख समुदाय द्वारा विगत 3 दिनों से सुभाष चौक गुरुद्वारे के बाहर और सत्तीगुड़ी चौक में ठंडी शरबत का इंतजाम कर राहगीरों की प्यास बुझाने का प्रयास किया जा रहा है और यह निरन्तर आगे भी चलता रहेगा। अंशु ने आगे कहा कि हम सभी ने इस कार्यक्रम के लिए प्रशासन से बकायदा अनुमति लिया है और हम पूरी तरह से लॉकडाऊन के नियमों का पालन कर रहें हैं इस पुनीत कार्य से हम सिखों को गुरुदेव की दी हुई शिक्षा व मार्गदर्शन हमेशा प्रेरणा बनकर याद रहती है और हम सभी उनके बताए मार्ग पर चलने की कोशिश करते हैं ।

बहरहाल रायगढ़ के सिख समुदाय द्वारा प्यासे को ठंडी शरबत पिलाकेर तृप्त करने के इस पुण्य कार्य की जितनी तारीफ की जाए वह कम है।