रायगढ़/बरमकेला : रसूख के आगे प्रशासन हुई बौनी, व्यक्ति की रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आने के बाद प्रशासन आयी हरकत में..सोशल मीडिया में पोस्ट डलते ही लोग हुए आहत..प्रशासन व रसूखदार बाबू की कार्यप्रणाली को लिया आड़े हाथ..पढ़े पूरी जानकारी

रायगढ़ 29 मई। कल रात सोशल मीडिया में एक पोस्ट डाला गया था जिस पर नाराजगी जताते हुए कई लोगों ने प्रशासन व उस रसूखदार व्यक्ति को आड़े हाथों लिया है। जब हमने ये पोस्ट देखा तो आप तक बात पहुँचे और प्रशासन को भी खबर लगे। पोस्टकर्ता लेखक कैलाश ने फेसबुक पर एक पूरी डिटेल्स पोस्ट किया है आप भी पढ़िए –


जिला रायगढ़ के बरमकेला क्षेत्र के गोबरसिंघा गांव में क्वॉरेंटाइन सेंटर में रह रहे दो लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है जिसमें से एक उड़ीसा से आया था। तथा दूसरा दिल्ली से आया था। पिछले दिनों दिल्ली से आया युवक प्रशासन को बिना जानकारी दिए घर में हुआ था प्रवेश गांव वालों द्वारा विरोध किए जाने पर हरि प्रसाद पटेल द्वारा रसूख के दम पर व्यक्ति विशेष के लिए आनन-फानन में बीज बस्ती में बना दिया गया। क्वॉरेंटाइन सेंटर रह रहे युवक की आज रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद पूरी गांव में खलबली मची मच गई और प्रशासनिक अमला हरकत में आ चुका है। पीड़ित युवक को स्वास्थ्य विभाग द्वारा रायगढ भेजा जा रहा है।

क्या है पूरा मामला ?

बरमकेला ब्लाक के गोबरसिंघा गांव में दिल्ली से आया युवक जिसकी उम्र 24 वर्ष, ग्राम आने की तिथि 17.05.2020, वेस्ट पटेल नगर नई दिल्ली से आया था। पॉजिटिव आया युवक आई ए एस की कोचिंग करता है। जिसके ग्राम आने का समय शाम 7 बजे, स्वास्थ्य विभाग के ANM द्वारा शाम 7 बजे होम आइसोलेट का कागज उसके घर के बाहर दरवाजे पर चिपकाया गया था। जिसकी खबर पूरे गांव में आग की तरह फैल गई और हो हल्ला मचा ये बात क्वारन्टीन सेंटर में रह रहे लोगों तक पहुंचा तो उन्होंने ने अपने घरवालों को और ग्राम के सरपंच को भी फोन करके पूछे। कि हम सभी लोगों को आप लोग यहाँ रखे हैं। और उसको उनके घर में रहने दिया जा रहा है। तो हम लोग भी अपने घर जाएंगे। तब तक रात गई बात गई और अगली ही सुबह के रसूखदार प्रशासनिक कर्मचारी के घर जाकर पूरी पंचायत के सभी सदस्यों के द्वारा बोला गया तो हरिप्रसाद पटेल ने गांव वालों की बात मान लिया। और बोले कि गाँव से बढ़कर मैं नहीं जाऊँगा। तथा अपने पुत्र को लेकर स्वास्थ्य विभाग बरमकेला में बीएमओ से जांच कराया गया। जहां स्वास्थ्य विभाग के अनुसार उक्त युवक में किसी प्रकार के लक्षण भी नहीं दिख रहे थे। किन्तु जनपद पंचायत बरमकेला में तृतीय श्रेणी कर्मचारी (बाबू) हैं। तो उनकी पहुंच ऊपर तक होने के कारण अपनी रसूख के दम पर गाँव के ही बीच बस्ती में मिडिल स्कूल है। जिसे आनन-फानन में अपने सुपुत्र के लिए क्वॉरेंटाइन सेंटर बना दिया गया।

जब उस स्कूल के आसपास एक बस्ती है जिसे चौहान मोहल्ला के नाम से जाना जाता है। वहाँ के सारे लोग सरपंच, पंच एवं जागरूक ग्रामीणों द्वारा उन्हें बुलाकर बताये तो उल्टा उनको डराया धमकाया गया। और तो हद तब हो गई हरिप्रसाद पटेल जी के द्वारा उस मोहल्ले वालों को बोले कि मेरा लड़का उस गरवा कोठा को नही भेजा जाएगा। जिसे जो करना है कर ले, यहाँ तक कि शाम को उस मोहल्ले वालों ने सलाह मशविरा करके 112 को बुलवाये थे। उन्हें भी लड़के के पिता के द्वारा धमका चमका कर वापिस भेज दिया अब आप भी समझ सकते हैं कि उनको उनकी पद की दबंगई किस हद तक चला रहे हैं और हमारा ब्लॉक बरमकेला पटेल बाहुल्य होने के कारण आम जनता बहुत दिक्कतों का सामना कर रही हैं। एक खास बात वो जनपद में विगत कई वर्षों से काबिज हैं नियम के विपरीत भी है जिससे हमारे जनपद में ऐसे लोगों की ही तूती बोलती है। पूरा गाँव उसके रसूख के डर के आगे बेबस बना रहा। बरमकेला जनपद के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने 19 मई से जनपद कार्यालय आने को मना भी किया कर दिया था।

इस प्रकरण में सीईओ,112 तथा टी आई बरमकेला का रवैय्या भी पूर्ण संदिग्ध है :

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार दिल्ली से आए युवक की जानकारी गांव के जागरूक लोगों को हुई तो उनके द्वारा जनप्रतिनिधि के माध्यम से बरमकेला थाने में फोन द्वारा सूचना भी दी गई एवं व्हाट्सएप के माध्यम से दिल्ली से आए युवक की पुरी जानकारी सरपंच पति के द्वारा दी गई थी। किंतु बरमकेला पुलिस द्वारा किसी युवक के विषय में कोई जानकारी नहीं ली गई और ना ही किसी प्रकार की कार्यवाही की गई जबकि नियमानुसार अगर दूसरे प्रदेश से आया युवक पुलिस को बिना जानकारी दिए घर में प्रवेश करता है तो उसके ऊपर कानूनी कार्यवाही करने का भी प्रावधान है मगर इस मामले में रसूख के आगे प्रशासन बौनी साबित हो गई। वही बात करें अगर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारि की तो उनके द्वारा भी अपने कर्तव्य के निर्वहन में भारी कोताही बरतने का मामला प्रकाश में आता दिख रहा है। आप सब को बताना लाजिमी होगा कि अंचल के प्रतिष्ठित नेता जगन्नाथ पाणिग्रही के सुपुत्र डॉ. अवधेश पाणिग्राही खण्ड चिकित्सा अधिकारी है। तथा बरमकेला ब्लाक के निवासी भी हैं। शायद यही कारण है कि आपसी संबंधों की वजह से एहतियात के तौर पर उनके द्वारा पूरे परिवार का ना तो स्वास्थ्य जांच की गई और ना ही उनके परिवार को क्वॉरेंटाइन किया गया। जबकि नियमानुसार पूरा परिवार उक्त युवक के संपर्क में आया था और सभी का करोना टेस्ट के साथ एहतियात के तौर पर क्वॉरेंटाइन होना चाहिए था।

रसूखदार ने पूरे गांव को डाल दिया खतरे में…

दिल्ली से आए संक्रमित युवक को लेने गए उनके बड़े भाई एवं परिवार वालों का 18 तारीख से लेकर आज तक लगातार गांव के सार्वजनिक जगहों पर जाना, तालाबों में नहाना, ब्लॉक मुख्यालय, सब्जी मार्केट इत्यादि कई सारे कर्म किए हैं। जिससे अन्य गांव वालों के भी संक्रमित होने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता ।तत्काल पूरे परिवार सहित गांव वालों की स्वास्थ्य जांच होनी चाहिए वैसे शासन के द्वारा कोरोना पॉजिटिव मरीज मिलने के बाद उस मरीज की ट्रैवल हिस्ट्री निकाली जाती है।

इतना सब कुछ हो जाने के बाद भी हरि पटेल के दूसरे बेटे जो दिल्ली से आए अपोजिट युवक को बिलासपुर से लाया है। उस व्यक्ति को नए वाले सेंटर में फिर रख दिया गया है। जो अभी और खतरा बढ़ सकता है तो सवाल अब यह है कि आखिर कब तक शासन के नुमाइंदे उस रसूखदार बाबू के ऊपर दया करते रहेंगे।

कौन है रसूखदार बाबू ?

बरमकेला जनपद पंचायत में तृतीय श्रेणी कर्मचारी बाबू और उस रसूखदार का संबंध हमारे विधानसभा क्षेत्र सरिया के विधायक व रायगढ़ जिले बीजेपी के अध्यक्ष रह चुके डॉ जवाहर नायक के बहनोई भी है।

बाहरहाल इस पूरे घटनाक्रम में प्रशासन की एक बड़ी चूक दिखाई दे रही है। हरिप्रसाद पटेल जोकि प्रतिष्ठित परिवार के हैं एवं शासकीय कर्मचारी भी तथा स्वास्थ्य विभाग के अवधेश पाणिग्रही और बरमकेला पुलिस की लापरवाही की वजह से पूरे गांव आज खतरे में है अब देखना या लाजमी होगा कि प्रशासन इतिहास के तौर पर इस गांव में क्या कार्यवाही करती है। या इतना होने के बाद भी रसूखदार की तूती बोलती है।

फेसबुक पोस्ट का लिंक देखे कमेंट बॉक्स में लोग इस हरकत से आहत हुए हैं म पोस्टकर्ता ने रात का कुछ वीडियो भी अपलोड किया है एक बार पोस्ट को ओपन करें –

नीचे दिए गए लिंक को टच करे :

https://m.facebook.com/story.php?story_fbid=566657210657750&id=100019404277772