रायगढ़ जिला अस्पताल में गर्भवती महिला कोरोना पॉजिटिव..अस्पताल में मचा हड़कम्प…सम्पर्क में आये डॉक्टरों व नर्सों को किया गया क्वारन्टीन..!

रायगढ़ 02 जून। गक्त रात कोरोना को लेकर रायगढ़ जिले के लिए संकट बढ़ता ही जा रहा हैं प्रतिदिन अब इक्के दुक्के कोरोना पॉजिटिव आते जा रहें है इसी क्रम में गक्त रात एक और कोरोना पॉजिटिव मरीज की पुष्टि होने की जानकारी मिली है।

बता दे कि रायगढ़ जिले के सारंगढ़ क्षेत्र अंतर्गत जम्मू से वापस आई महिला को ब्लड सैंपल लेकर में वही के क्वारन्टीन सेंटर में रखा गया था। जहां गर्भवती महिला को सारंगढ़ के केरोटाइन सेंटर से लेकर के डिलीवरी होने के लिए परिजन सहित महिला को एंबुलेंस द्वारा रायगढ़ जिला अस्पताल में भिजवाया गया। वही गत रात रायगढ़ मेडिकल कॉलेज अस्पताल में महिला को एडमिट किया गया और देर शाम को उसकी रिपोर्ट आई पॉजिटिव जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग का अमला रायगढ़ मेडिकल कॉलेज अस्पताल अपनी टीम के साथ पहुंचा और महिला को कोरेटाइन में रखा गया है। महिला की पॉजिटिव रिपोर्ट आने के बाद महिला के ईलाज में लगे 8मेडिकल स्टाफ को क्वारनटाईन करने की तैयारी की जा रही है। महिला जिसे डिलीवरी के लिए जिला अस्पताल लाया गया था उस महिला की रिपोर्ट रैपिड टेस्ट किट में तीन बार नेगेटिव आयी लेकिन जब बाद में महिला की सैंपल की रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आयी तो डॉक्टरों के हाथ पांव फूल गए पूरे जिला अस्पताल में रात को हड़कंप मच गया क्योंकि डॉक्टर व नर्सो की टीम बिना किसी सुरक्षा किट पहने महिला का ईलाज कर रहे थे।

रात भर मचे हड़कम्प के के बीच कोरोना‍ पॉजिटिव गर्भवती महिला के संपर्क में आए 1 डॉक्टर व 4 नर्सो को क्वारन्टीन सेंटर भेज कर दिया गया है। अस्पताल में इन डॉक्टर्स और नर्सो के संपर्क में आए लोगों की जिला प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग की टीम पतासाजी कर रही हैं। लेकिन स्पष्ट है स्वास्थ्य विभाग के ऐसी लापरवाही समस्त जिले को कोरोना के संकट में धकेल सकती हैं व जिस डॉक्टर व नर्सो ने कोरोना पॉजिटिव आए महिला का ईलाज किया था वे उसके बाद नजाने अस्पताल के कितने मरीजों के संपर्क में आए होंगे। जिस जगह डिलवरी हुई है वो भी अस्पताल का ही कमरा है और अब उस कमरे को लगातार सेन्टाइज करके कुछ दिन तक उपयोग में नहीं लाया जाना चाहिए लेकिन देखना है कि इतनी बड़ी लापरवाही के पश्चात प्रशासन क्या रुख अपनाती है।