रायगढ़ की जनता जिले के महानायक मंत्री श्री उमेश नँदकुमार पटेल की सादगी की हुई कायल – गणेश अग्रवाल रायगढ़

गणेश अग्रवाल की फेसबुक वाल से जैसा है वैसा आपके सामने प्रस्तुत कर रहें हैं ताकि लेखक की भावना में कोई बदलाव न हो..।आदरणीय….जी साहब….वरिष्ठजन…माफी…जानिए कौन है ये मंत्री जो संत्री की भाषा बोल रहा है..

मंत्री की सादगी जनचर्चा का बिषयजी हाँ…..

रायगढ़ नगर निगम सभागृह कांग्रेसी महापौर व संभापति के शपथ ग्रहण की गवाह बनने के पहले सूबे के एक मंत्री के अल्फाजो की गवाह बनी….उदबोधन के दौरान…..आदरणीय….जी….साहब..वरिष्ठनजन…..व माफी जैसे अल्फाजो के उल्लेख ने जिले की जनता के दिलो में पूरी पार्टी के प्रति अलग स्थान बना दिया…… ऐसे शब्दों का उपयोग एक संत्री कर सकता है लेकिन खरसिया विधायक उमेश पटेल ने मिलनसारिता व सादगी ने जनता के दिलो में अहम स्थान बना लिया…शपथ ग्रहण के दौरान ऐसे मार्मिक शब्दों के उल्लेख कर उमेश पटेल ने यह एहसास करा दिया कि सत्ता की कुर्सी से ज्यादा बड़ी कुर्सी जनता के दिल की कुर्सी होती है जिसमे बैठ पाना हर नेता के बस की बात नही l मंचासीन लोगो को आदरणीय….एक एक कार्यकर्ताओ को जी….प्रशासनिक अधिकारियो को साहब….मुख्यमंत्री का आगमन निरस्त होने पर जनता से माफी के उल्लेख ने जिले में कांग्रेस को चुने जाने के निर्णय को सही ठहरा दिया l…..सादगी मिलनसारिता के मामले में उमेश पटेल सूबे के सबसे तेज चलने वाले जन नेता है l चुनाव के दौरान भी उनका मौन गहरे सियासी तूफान का संकेत रहा…अपनी साफगोई से उन्होंने स्वीकार किया कि पार्षद… महापौर….संभापति….विधायक….मंत्री…. मुख्यमंत्री कांग्रेस का होना सुखद संयोग है …उमेश पटेल ने इस संयोग को बड़ी जवाबदारी के रूप में साफगोई से स्वीकार करते हुए हर मांग को संजीदगी से पूरा करने का वादा किया l जिले की जनता इस महानायक की सादगी की कायल हो गई …पिछले कार्यकाल के दौरान कुछ ऐसे भी जनप्रतिनिधि रहे जिनके व्यवहार का गहरे जख्म जनता के दिलो में मौजूद है l लेकिन मंत्री उमेश पटेल का सादगी पूर्ण व्ययवहार इन जख्मो के लिए मलहम बन गया l चुनाव जीतना बड़ी बात नही लेकिन जनता के दिलो को जितना बड़ी बात है और उमेश पटेल जनता का दिल जीतने वाले पहले जनप्रतिनिधि है….