रायगढ़ अलर्ट/ रायगढ़ हो सकता पूर्ण बन्द..अब भी वक्त है..सावधान हो जाइए..!

रायगढ़ 29 जून। जिस प्रकार से शहर भीतर कोरोना के मरीज मिल रहें हैं इसे देखते हुए जानकारों द्वारा कम्युनिटी संक्रमण की संभावना जताई जा रही है हालांकि प्रशासन ने अभी इसकी कोई पुष्टि नहीं कि है लेकिन इस गंभीर बीमारी का रायगढ़ के निवासियों पर कुछ खास प्रभाव पड़ता नजर नहीं आ रहा है। आर्थिक स्थिति को सुदृण करने के लिए सरकार ने मार्केट ओपन कर दिया है और लोग दुकानें खोल रहे हैं ग्राहकों का आना – जाना लगा हुआ है लेकिन एक बड़ी समस्या प्रतिदिन देखी जा रही है कि लोग सोशल व फिजिकल डिस्टेंस के नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाते हुए कोरोना जैसे गंभीर बीमारी को स्वत: ही न्यौता दे रहे हैं।

शहर खुलते ही शहर के हर क्षेत्र में खुलेआम भीड़ देखी जा रही है फिर चाहे वह गली हो सड़क हो या फिर कोई कार्यालय हो ज्यादातर लोग सोशल/ फिजीकल डिस्टेंस के नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं और कोरोना जैसे महामारी को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। शादियों के अवसर पर भी हमने देखा है की मास्क का प्रयोग कई लोग नहीं कर रहें हैं और अब तो होटल और रेस्टोरेंट भी खुल गए हैं।

विदित हो कि जब से बजरंगपारा में एक व्यक्ति कोरोना संक्रिमत पाया गया है तब से कम्युनिटी संक्रमण की संभावना जताई जा रही है। विगत 5 दिनों से आज दिनांक तक रायगढ़ की स्थिति कोरोना के विषय में बिगड़ती जा रही है। चमड़ा गोदाम आदर्श नगर में एक मरीज मिलने के बाद उस क्षेत्र को सील कर दिया गया है तो वही हैदराबाद से आए 22 लोगों के कारण फ्रेंड्स कॉलोनी हॉटस्पॉट के रूप में उभरकर सामने आया है क्योंकि यहां 13 लोग संक्रमित पाए गए हैं और अभी 5 लोगों की रिपोर्ट आनी बाकी है तो वहीं शहर भीतर राजीव नगर में भी कल एक कोरोना मरीज मिलने से ईलाके में दहशत का माहौल व्याप्त है। जिला अस्पताल में दो अस्पताल के ही स्टाफ कोरोना पॉजिटिव मिले हैं जिसके कारण अस्पताल में दहशत फैला हुआ है, साथ ही साथ इन दोनों कर्मचारियों के घरों को (जिसमें एक का घर मधुबनपारा में हैं तो दूसरे का घर शारदा अपार्टमेंट्स में है) सील कर दिया गया है। जिस – जिस ईलाके में कोरोना मरीजों की पुष्टि हुई है, उस क्षेत्र के लोगो से पूछिए कि उनके मन में क्या बीत रही है, डर, मुसीबत व कोरोना की संभावनाओं के कारण प्रतिदिन उनका जीना दुश्वार हो चुका है।

जिन – जिन इलाकों को सील किया गया है। वहां पुलिस का पहरा है और आवाजाही बंद कर दी गई है लेकिन ठीक इसके विपरीत आप जब भी शहर में निकलेंगे तो देखेंगे कि यह शहर कोरोना से बिल्कुल भी भयभीत नहीं है। खुलेआम लोग विचरण कर रहे हैं, कोई मॉर्निंग वॉक कर रहा है, कोई इवनिंग वॉक कर रहा है लेकिन जिम्मेदारी नाम की कोई चीज नहीं है। अगर ऐसी ही स्थिति रही और आने वाले दिनों में ऐसे ही शहर के भीतर कोरोना के संक्रमितों की पुष्टि होती रही एवं लोगों की अपनी मनमानी जारी रही तो यह कहना अतिशयोक्ति नहीं होगी कि शासन प्रशासन जल्द ही कोई बड़ा कदम शहर की सुरक्षा के लिए उठा सकती है और ये कदम पूर्ण रूप से शहर को बन्द करना भी हो सकता है इसलिए अब भी वक्त है, सावधान हो जाइए।

प्रत्येक व्यक्ति अपने 100% जिम्मेदारी निभाते हुए शासन-प्रशासन के साथ अपने परिवार और अपने मित्रों का भी ख्याल रखते हुए सरकार द्वारा जारी कोविड-19 के नियमों का 100% पालन करें ताकि भविष्य में पुनः लॉकडाउन जैसे स्थिति का सामना ना करना पड़े।