मड़वारानी मंदिर में ट्रस्ट बनाने की प्रक्रिया शुरू..!


कोरबा ।मड़वारानी मंदिर को एक न्यास के हवाले करने की कार्यवाही शुरू हो गई है कोरबा के अनुविभागीय दंडाधिकारी सुनील नायक ने इसके लिए वांछित औपचारिकताएं पूरी करने का कार्य प्रारंभ कर दिया है।। उल्लेखनीय है कि मड़वारानी परिसर में वर्तमान में तीन समितियां अलग अलग मंदिरों के रखरखाव का कार्य कर रही हैं ऊपर मे दो समिति तथा नीचे मे एक समिति मड़वारानी देवी के नाम पर अपनी अपनी दुकान दारी चला रहे हैं लेकिन सुविधा के नाम पर दर्शनार्थियों को भटकते देखा जा सकता है क्योंकि देवी देवताओं के नाम पर भी काफी दिनों से राजनीति करने का चलन यहां आम हो गया है यही कारण है कि मड़वारानी का अपेक्षित विकास अभी तक नहीं हो पाया है।पर्वत वासिनी मंदिर परिसर पर दो समिति का कब्जा है उनमें से एक कांग्रेस का है तो दूसरा भाजपा का है नीचले मंदिर पर एक समिति का कब्जा है जो भाजपा का ही है लेकिन समिति के पदाधिकारी अलग है।मड़वारानी मे वर्ष में दो बार मेला लगता है प्रथम शारदीय नवरात्रि में तथा दूसरा चैत्र नवरात्रि में।चैत्र नवरात्रि की अपेक्षा शारदीय नवरात्रि में अधिक भीड़ होता है क्योंकि यहां का नवरात्रि तीन दिन के बाद प्रारंभ होता है जिसके कारण दूर दूर से श्रद्धालु यहां आकर देवी का दर्शन करके पुन्य लाभ अर्जित करते हैं, पर्वत वासिनी मंदिर जाने के लिए तीन रास्ते हैं प्रथम मुख्य मार्ग पर स्थित नीचले मंदिर के बगल से, दूसरा पुरैना गांव से तथा तीसरा ग्राम बरपाली से होकर चुहरी के रास्ते, उपरोक्त तीनों रास्ते से आस पास के गांव वाले तथा दूर से आने श्रद्धालु यहां आते हैं।लेकिन ऊपर मे कोई विशेष सुविधा नहीं है यहां तक की पानी को भी खरीद कर पीना पड़ता है जिसके कारण पिछले कई वर्षों से प्रबुद्ध नागरिकों खासकर क्षेत्रीय पत्रकारों ने मड़वारानी मे ट्रस्ट बनाने की पुरजोर मांग की थी और आये दिन इस संबंध में समाचार प्रकाशित किए जाते रहे हैं।इस मांग को1997 मे तत्कालीन अनुविभागीय दंडाधिकारी एवं जनपद पंचायत करतला के मुख्य कार्य पालन अधिकारी अशोक तिवारी ने गंभीरता से लिया था और एक अस्थायी समिति का गठन भी किया था ताकि स्थाई रूप से न्यास बनने तक मंदिर तथा मेला के संचालन में कोई ब्यवधान उत्पन्न ना हो।लेकिन दुर्भाग्य से तथा कथित अस्थायी समिति में कुछ राजनीतिक दल के लोग जुड़ गए और अपना उल्लु सीधा करने लगे,आज भी एक समिति में उन्हीं का वर्चस्व है।। .. कोरबा के वर्तमान अनुविभागीय दंडाधिकारी सुनील नायक की पहल प्रशंसनीय है जिन्होंने मड़वारानी मे ट्रस्ट बनाने की औपचारिकताओं का प्रारंभ कर दिया है जिसके लिए इस क्षेत्र के पत्रकार हमेशा से आवाज बुलंद करते आ रहे हैं उम्मीद की जानी चाहिए कि यह बहुप्रतीक्षित मांग अब जल्द पूरा होगा साथ ही एक निवेदन है कि नवगठित ट्रस्ट मे मड़वारानी केआसपास के गांवों के प्रबुद्ध नागरिकों को अवश्य शामिल किया जाना चाहिए जो मड़वारानी से भावनात्मक तथा भौगोलिक रूप से जुड़े हुए हैं जिसमें ग्राम खरहरी, बीरतराई,महोरा,झींका,सण्डैल,बरपाली, पुरैना, मड़वारानी, परसाभाठा,खरहरकुडा़ तथा नाका आदि हैं।