मौसम अलर्ट: सक्रिय हुआ चक्रवातीय घेरा, आज ऐसा रहेगा छत्तीसगढ़ का मौसम.. रविवार और सोमवार को भारी बारिश के आसार, IMD ने दी ये चेतावनी..


रायपुर। चक्रवातीय घेरे के सक्रिय होने के साथ ही राज्य में कई इलाकों में बारिश हो रही है। पिछले 24 घंटों के दौरान उत्तर से लेकर दक्षिण छत्तीसगढ़ तक कई जगहों पर बारिश हुई। कुछ इलाकों में आसमानी बिजली भी गिरी है। मुंगेली में बिजली की चपेट में आने से कई मवेशियों की मौत हो गई। आज भी मौसम इसी तरह का बने रहने के संकेत हैं। पूरे राज्य में अनेक स्थानों पर आसमान में बदली छाई हुई है।

पिछले 24 घंटों के दौरान राजपुर, दंतेवाड़ा में 6 मिमी, गीदम, अकलतरा, जांजगीर, नारायणपुर, चांपा में 5 मिमी, बैकुंठपुर, केशकाल में 4 मिमी, जगदलपुर, कुनकुरी, बीजापुर, अंबिकापुर, करतला, फरसगांव में 3 मिमी, नगरी, बिलासपुर, लखनपुर, पेंड्रारोड, लुंड्रा, भोपालपट्टनम, खैरागढ़ में 2 मिमी, कांसाबेल, कोंडागांव, खड़गंवा, डौंडी, भोहला, बलौदा, तिल्दा, बालोद, दरभा, अभनपुर, छिंदगढ़, छुरिया, पामगढ़, मस्तूरी, छुईखदान, मनेन्द्रगढ़ में 1 मिमी वर्षा दर्ज की गई।

राजधानी रायपुर में आसमान में आंशिक रूप से बादल छाए हैं और यहां दिन- भर धूप छांव का खेल चलता रहेगा। रात के वक्त यहां बारिश के संकेत हैं। बिलासपुर में भी मौसम का मिजाज कुछ इसी तरह का है और यहां दोपहर बाद बारिश की संभावना है। बस्तर संभाग में कई इलाकों में अभी भी बारिश हो रही है। संभाग मुख्यालय जगदलपुर में भी दोपहर के बाद मौसम बदल सकता है। अंबिकापुर में भी दोपहर के वक्त तेज बारिश का अनुमान है।

मौसम विज्ञानी एचपी चंद्रा ने बताया कि एक ऊपरी हवा का चक्रीय चक्रवाती घेरा 1.5 किलोमीटर से 3.1 किलोमीटर ऊंचाई तक दक्षिण तटीय आंध्र प्रदेश और उसके आसपास स्थित है। एक द्रोणिका दक्षिण तटीय आंध्र प्रदेश से उप हिमालयीन पश्चिम बंगाल तक, अंदरूनी उड़ीसा होते हुए 1.5 किलोमीटर से 2.1 किलोमीटर तक स्थित है। एक ऊपरी हवा का चक्रीय चक्रवाती घेरा तेलंगाना और उसके आसपास 0.9 किलोमीटर ऊंचाई पर स्थित है।

देश के की हिस्सो में भी बारिश की संभावना

उत्तरी अंडमान सागर के ऊपर बने कम दबाव के क्षेत्र के और मजबूत होने और पूर्वी तट की ओर बढ़ने से ओडिशा से लेकर आंध्र प्रदेश के तट तक और कर्नाटक एवं तेलंगाना में रविवार और सोमवार को भारी बारिश होने की संभावना है। भारत के मौसम विभाग (आईएमडी) ने यह चेतावनी दी है। आईएमडी ने बताया कि इस इलाके में कम दबाव का क्षेत्र शनिवार सुबह बना और अगले 24 घंटे में इसके और मजबूत होने की संभावना है। बता दें कि कम दबाव का क्षेत्र चक्रवात बनने का पहला चरण है लेकिन यह जरूरी नहीं है कि प्रत्येक कम दबाव का क्षेत्र चक्रवात में ही तब्दील हो।

हालांकि, सामान्यत: अक्टूबर के महीने में बंगाल की खाड़ी में चक्रवात बनते हैं और पूर्वी तट से टकराते हैं. कम दबाव वाले क्षेत्र के प्रभाव और चक्रवाती हवा की वजह से अधिकतर इलाकों और अंडमान-निकोबार द्वीपसमूह के कुछ इलाकों में शुक्रवार और शनिवार को मध्यम से भारी बारिश होने की संभावना है.

समुद्र के भी अशांत रहने की उम्मीद

आईएमडी ने बताया कि शनिवार से ओडिशा, तटीय आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, रायलसीमा, भीतरी कर्नाटक और मराठवाड़ा में बारिश शुरू हो जाएगी और रायलसीमा को छोड़ बाकी इलाकों में रविवार और सोमवार को बारिश तेज होगी. मौसम विभाग ने बताया कि समुद्र के भी अशांत रहने की उम्मीद है.


मछुआरों को अंडमान सागर में नहीं जाने की सलाह

इसके मद्देनजर आईएमडी ने मछुआरों को नौ और 10 अक्टूबर को अंडमान सागर और पूर्वी मध्य बंगाल की खाड़ी में नहीं जाने की सलाह दी है. इसके साथ ही ओडिशा, आंध्र प्रदेश, पुडुचेरी और तमिलनाडु के अपतटीय क्षेत्र में भी रविवार से सोमवार दोपहर तक मछुआरों को नहीं जाने का परामर्श दिया गया है. आईएमडी ने बयान में कहा, ”बंगाल की खाड़ी में गए मछुआरों को भी तट पर लौटने की सलाह दी जाती है.”