मौसम अलर्ट: एम्फान चक्रवात की 12 फीट ऊंची लहरें,अगले 48 घण्टों में तबाही मचा सकता है चक्रवाती तूफान -Live Updates

18 मई। Cyclone Amphan LIVE Updates: बंगाल की खाड़ी में उठने वाला चक्रवाती तूफान चक्रवाती तूफान ‘अंफन’ इस समय बंगाल की खाड़ी पर है। यह अगले कुछ घंटों में ही भीषण चक्रवात बन जाएगा। इसके प्रभावी होने के लिए लिए समुद्र में स्थितियाँ अनुकूल हैं। यह आज रात तक सक्रिय हो सकता है। 19 मई की रात या 20 मई की सुबह तक इसके लैंडफॉल करने यानी तटों से टकराने की संभावना है। इसका मतलब यह हुआ कि यह ओडिशा और पश्चिम बंगाल के तटों पर तबाही मचा सकता है। अगले 24 घंटों में यह भीषण तूफान में बदल सकता है। ओडिशा के कई तटीय जिलों और पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्सों में चक्रवात अम्फन के तेज होने की आशंका है। इस तूफान के प्रभाव के चलते देश के कई राज्यों में भारी बारिश, तेज हवाओं और आंधी की संभावना जताई जा रही है।

एक नजर में जानिये – 17 मई की सुबह से यह 6 किलोमीटर प्रतिघंटे की गति से आगे बढ़ रहा है। दोपहर तक यह कोलकाता के दक्षिण में 712 किलोमीटर दक्षिण में पहुँच गया था।- प्रभावी होने के साथ-साथ तूफान अगले 24 घंटों तक उत्तरी दिशा में आगे बढ़ता रहेगा। इसके बाद 24 घंटों के बाद यह अपनी दिशा बदलेगा और उत्तर तथा उत्तर-पूर्वी दिशा में आगे बढ़ेगा।- अनुमान है कि तूफान अंफन 21 मई को बांग्लादेश पर लैंडफॉल करेगा। जिस समय इसका लैंडफाल होगा उस समय हवा की रफ्तार 140 से 150 किलोमीटर प्रति घंटा होगी।- बंगाल की खाड़ी पर बना मौसमी सिस्टम प्रभावी होते हुए चक्रवाती तूफान बन गया है। ‘अंफन’ अब अपनी पूरी क्षमता में है। इस समय यह बंगाल की खाड़ी में चेन्नई से पूर्व-दक्षिण-पूर्व में 650 किलोमीटर दूर है।

– स्कायमेट वेदर के मौसम विशेषज्ञों के अनुसार तूफान ‘अंफन’ 19 मई की रात या 20 मई की सुबह पश्चिम बंगाल और इससे सटे ओडिशा के पास लैंडफॉल कर सकता है। अनुमान है कि तूफान कोलकाता के दक्षिण-पूर्व से होकर गुजरेगा। इसके चलते न सिर्फ बंगाल के तटीय भागों में बल्कि ओडिशा के तटीय इलाकों में भी भीषण बारिश देखने को मिलेगी।

– मौजूदा समय भारत के पूर्वी तटों पर खासतौर पर ओडिशा, पश्चिम बंगाल तथा पूर्वोत्तर राज्यों के तटीय इलाकों में सतर्क होने का समय है। इस संबंध में चेतावनी पहले ही जारी की जा चुकी है ताकि जानमाल का नुकसान कम से कम हो।

12 फीट ऊंची लहरें दे रहीं खतरे का संकेत

जिस स्थान पर वर्तमान में तूफान चल रहा है उसके आसपास तकरीबन 12 फीट ऊंची लहरें उठ रही है। इसके चलते अनुमान है कि अगले 48 घंटों तक चक्रवाती तूफान ‘अंफन’ उत्तरी दिशा में आगे बढ़ेगा। उसके बाद यह उत्तर और उत्तर-पूर्वी दिशा की तरफ मुड़ जाएगा। इसी दौरान यह अति भीषण चक्रवाती तूफान का रूप लेगा।

यह है ताजा बुलेटिन

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा जारी किए गए ताजा बुलेटिन के अनुसार यह चक्रवात ओडिशा के पारादीप से लगभग 960 किमी दक्षिण में, दिघा (पश्चिम बंगाल) के 1110 किमी दक्षिण-दक्षिण पश्चिम में और 1230 किमी दक्षिण बंगाल की खाड़ी के मध्य भागों में केंद्रित है। खेपुरा (बांग्लादेश) के दक्षिण-दक्षिण पश्चिम में अगले 24 घंटों के दौरान इसे ‘बेहद गंभीर चक्रवाती तूफान’ के रूप में और तेज होने की संभावना है। इसके बाद इसके अगले 24 घंटों के दौरान धीरे-धीरे उत्तर की ओर बढ़ने की संभावना है।

चलेंगी बहुत तेज़ हवाएं, हो सकता है बड़ा नुकसान

मौसम विज्ञानियों के अनुसार मंगलवार को बंगाल के तटीय जिलों में 60 से 65 किमी प्रति घंटे की तेज हवाएं चल सकती हैं। बुधवार को तूफान की रफ्तार 95 किमी तक बढ़ सकती है, जिससे व्यापक क्षति का अंदेशा है। तूफान जैसे-जैसे जमीन की तरफ बढ़ेगा, समुद्र अशांत होने लगेगा। इस बाबत प्रशासन ने समुद्री इलाकों में रहने वाले लोगों को हटाकर सुरक्षित जगहों पर ले जाने का काम शुरू कर किया है। तूफान का सबसे ज्यादा रोष फणि की तरह ही एक बार फिर ओडिशा को झेलना पड़ सकता है।

मछुआरों को कहा गया समुद्र के पास ना जाएं

आईएमडी ने बुलेटिन में कहा कि अगले 24 घंटों के दौरान अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में अधिकांश स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। तटीय ओडिशा में इस बीच अलग-अलग स्थानों पर कई स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा की संभावना है। इसके चलते प्रशासन ने मछुआरों को 18 से 21 मई तक बंगाल की उत्तरी खाड़ी और पश्चिम बंगाल-ओडिशा तटों से दूर जाने की सलाह दी गई है। जो लोग समुद्र तरफ गए हैं, उन्हें वापस लौटने के लिए कहा गया।

NDRF की 17 टीमें तैनात

ओडिशा और पश्चिम बंगाल में NDRF की 17 टीमों को तैनात किया गया है। बल के सात दल पश्चिम बंगाल के छह जिलों- दक्षिण 24 परगना, उत्तरी 24 परगना, पूर्वी मिदनापुर, पश्चिम मिदनापुर, हावड़ा और हुगली में तैनात किए गए हैं। ओडिशा के सात जिलों- पुरी, जगतसिंहपुर, केंद्रपाड़ा में 10 टीमें अलर्ट पर हैं , जाजपुर, भद्रक, बालासोर और मयूरभंज में भी बल तैनात है।