माता के इस मंदिर में जंगल से पूजा करने आते हैं भालू..!


महासमुंद (बागबहरा)। माता चंडी का यह मंदिर महासमुंद जिले (छत्तीसगढ़) के बागबहरा में है , जिस तरह इंसान पूजा और दैवी शक्ति पर भरोसा रखते हैं। ठीक उसी तरह जानवर भी पूजा करते है। आज हम आपको माता चंडी के एक ऐसे ही मंदिर के बारे में बताने वाले हैं जहां बड़ी आस्था से भालू आते हैं पूजा करने और प्रसाद लेकर चले जाते हैं !

माता चंडी का यह मंदिर महासमुंद जिले के बागबहरा से करीब पांच किलोमीटर दूर जंगल के बीच स्थित है। इस मंदिर में नवरात्रि के दिन से भक्तों की भीड़ उमड़ने लगती है। लेकिन इसी भीड़ के बीच भालुओं का एक झुण्ड आता है। जो मुखिया भालू होता है वह मंदिर के मुख्य दरवाजे पर खड़ा हो जाता है। बाकी परिवार मंदिर के भीतर जाकर देवी चंडी की मूर्ति का प्रकिमा कर प्रसाद लेती हैं उसके बाद लौट जाते है।भालुओं के इस झुण्ड में एक नर एक मादा और बच्चे हैं। मंदिर के पुजारी की माने तो यह भालू का परिवार शांति से आते है और प्रसाद लेते है। कुछ भक्त इन्हें अपनी आस्था से खिलाते है उसे यह खा ने बाद उनके साथ आनंद लेते हैं।

हैरान करने वाली बात यह है की इन भालुओं ने कभी किसी को नुकसान नही पहुँचाया है।कहतें है इस मंदिर में देवी मां की मूर्ति खुद प्रकट हुई थी। उसके बाद यहां पर तांत्रिक अपनी योग साधना के लिए आया करते थे। तकरीबन डेढ़ सौ साल पुराना यह मंदिर आज भी लोगों में आस्था का एक प्रमुख केंद्र बना हुआ है और स्थानीय लोग मानते हैं इन भालुओं पर देवी माँ की कृपा है। फ़िलहाल आज भी इस तरह की घटना इंसान को जरूर सोचने पर मजबूर कर देती है।
प्रेम से बोलो जय माता दी जय माता चंडी..!