महिला पुलिसकर्मी से मारपीट मामले में अर्नब पर हो सकती है कार्रवाई


मुंबई। सर्वोच्च न्यायालय से Republic tv के प्रधान संपादक अर्नब को भले ही बेल मिल गई हो, लेकिन उनकी मुश्किलें कम नहीं हुई हैं। अर्नब गोस्वामी के खिलाफ अब महिला पुलिसकर्मी के साथ कथित तौर पर मारपीट के मामले पर भी कार्रवाई हो सकती है।

बता दें कि 4 नवंबर को 53 वर्षीय इंटीरियर डिजाइनर अन्वय नाइक और उनकी मां को 2018 में आत्महत्या के लिए मजबूर करने के आरोप में पुलिस की टीम जब गोस्वामी को गिरफ्तार करने उनके आवास पर पहुंची थी तो उस दौरान उन्होंने एक महिला पुलिसकर्मी की कथित रूप से पिटाई कर दी थी। इस सिलसिले में मध्य मुंबई के एन. एम. जोशी मार्ग थाने में पिछले सप्ताह उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी।

व्यक्तिगत स्वतंत्रता के साथ न्याय भी जरूरी’
अर्नब गोस्वामी के मुद्दे पर नवभारत टाइम्स ऑनलाइन से बात करते हुए राज्य के मंत्री नवाब मलिक ने कहा कि कानून के सामने सब एक समान हैं और किसी व्यक्ति की व्यक्तिगत स्वतंत्रता और किसी पीड़ित को न्याय देने के बीच में अंतर जरूर होना चाहिए। वहीं कांग्रेस पार्टी (congress party) ने अर्नब की जमानत पर कहा कि उन्हें सिर्फ बेल मिली है, मामला अभी खत्म नहीं हुआ है।

कांग्रेस ने भी इशारों में साधा निशाना
महाराष्ट्र कांग्रेस के प्रवक्ता सचिन सावंत ने एनबीटी ऑनलाइन से बात करते हुए कहा कि अर्नब गोस्वामी का मसला अभी भी न्यायालय में विचाराधीन है। भले ही सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें जमानत दे दी हो लेकिन यह मामला अभी भी खत्म नहीं हुआ है। उन्होंने शायरी वाले अंदाज में कहा कि ‘जेल से गई वह बेल से नहीं आएगी’। शिवसेना के विधायक प्रताप सरनाईक ने अर्नब गोस्वामी के मामले पर एनबीटी ऑनलाइन से बात करते हुए कहा कि हमने इस मामले में पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने का पूरा प्रयास किया है। आरोपी को जेल के पीछे और अदालत तक पहुंचाया है। माननीय सर्वोच्च अदालत ने जो भी फैसला दिया है।

महाराष्ट्र की सरकार उसका सम्मान करते हुए आगे काम करेगी। लेकिन हमें उम्मीद है की अदालत से पीड़ित परिवार को भी न्याय जरूर मिलेगा। वहीं शिवसेना सांसद अरविंद सावंत कहा कि अभी फिलहाल मामला अदालत में विचाराधीन है, इसलिए ज्यादा कुछ नहीं कहा जा सकता।