भूपेश बघेल छत्तीसगढ़ में लाख की खेती से सहमत, कैबिनेट की बैठक में होगी चर्चा

रायपुर 25 मई:- छत्तीसगढ़ में लाख की खेती को अब कृषि का दर्जा मिलेगा। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने वन विभाग के इस संबंध में प्रस्ताव को उपयुक्त और किसानों के लिए लाभकारी मानते हुए अपनी सहमति प्रदान कर दी है। मुख्यमंत्री ने कृषि, वन और सहकारिता विभाग को समन्वय कर लाख और इसके जैसी अन्य लाभकारी उपज को कृषि में शामिल करने का प्रस्ताव कैबिनेट की अगली बैठक में रखने के निर्देश दिए हैं। प्रदेश में लाख की खेती को कृषि का दर्जा मिलने से लाख उत्पादन से जुड़े कृषकों को भी सहकारी समितियों से अन्य कृषकों की भांति सहजता से ऋण उपलब्ध हो सकेगा। उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ राज्य में लाख की खेती की अपार संभावनाएं है।

यहां के कृषक कुसुम, पलाश और बेर के वृक्षों में परंपरागत रूप से लाख की खेती करते हैं। व्यवस्थित और आधुनिक तरीके से लाख की खेती न होने की वजह से कृषकों को लागत के एवज में अपेक्षित लाभ नहीं मिल पाता है। वन विभाग ने लाख की खेती को लाभकारी बनाने के उद्देश्य से इसे कृषि का दर्जा देने और कृषि सहकारी समितियों के माध्यम से अन्य कृषकों की तरह लाख की खेती करने वाले किसानों को भी ऋण उपलब्ध कराने का सुझाव मुख्यमंत्री को प्रेषित कर, प्रस्ताव को मान्य करने का आग्रह किया था।