पहले घास छिलता था ये क्रिकेटर अब ..

नई दिल्ली. एक ऐसा गेंदबाज जो ऐसी धरती पर जन्मा जहां स्पिनर्स के लिए कुछ खास नहीं लेकिन फिर भी वो इस वक्त महानता के ऐसे शिखर पर है, जहां तक पहुंचना सभी के लिए मुमकिन नहीं।

हम बात कर रहे हैं ऑस्ट्रेलिया के ऑफ स्पिनर नाथन लायन की जो मौजूदा दौर में सबसे बड़े टेस्ट स्पिनर कहे जाएं तो गलत नहीं होगा। वैसे तो मौजूदा दौर में अश्विन और जडेजा जैसे गेंदबाज भी हैं लेकिन नाथन लायन इसलिए खास हैं क्योंकि वो दुनिया की हर पिच पर विकेट लेते हैं. एशिया ही नहीं ऑस्ट्रेलिया, साउथ अफ्रीका और इंग्लैंड में भी उनका प्रदर्शन लाजवाब है।नाथन लायन के नाम 390 टेस्ट विकेट हैं, वहीं वनडे में उन्होंने 29 विकेट झटके हैं। नाथन लायन ने फर्स्ट क्लास क्रिकेट में 572 विकेट लिये हैं वहीं लिस्ट ए और टी20 में ये संख्या 84 और 54 है. मतलब लायन ने अपने करियर में कुल 710 विकेट झटक लिए हैं। नाथन लायन के करियर का टर्निंग प्वाइंट क्या है? आखिर कैसे उन्होंने कामयाबी का सफर तय किया है?

ग्राउंड्समैन थे नाथन लायन
आपको ये जानकर बेहद हैरानी होगी कि नाथन लायन (Nathan Lyon) ऑस्ट्रेलिया के एडिलेड ओवल मैदान के ग्राउंड्समैन थे. उनका काम मैदान की घास की देखभाल करना था और वो पिच का भी ख्याल रखते थे. लेकिन सिर्फ 7 महीने के अंदर उनकी किस्मत ऐसी पलटी कि वो ऑस्ट्रेलिया की टेस्ट टीम में आ गए, जबकि उन्होंने कोई फर्स्ट क्लास मैच तक नहीं खेला था. लायन की कहानी किसी फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं है।

नाथन लायन ने हर बच्चे की तरह क्रिकेटर बनने का सपना देखा था। न्यू साउथ वेल्स के यंग में पैदा हुए नाथन लायन बेहद कम उम्र में कैनबरा शिफ्ट हो गए. यहां उन्होंने एसीटी क्रिकेट के लिए अंडर 17 और अंडर 19 क्रिकेट खेला। साल 2008 में लायन क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया कप में साउथ ऑस्ट्रेलिया इलेवन सेकेंड के खिलाफ खेले जहां उन्होंने पहले दिन एक विकेट लिया। इस दौरान उनकी मुलाकात साउथ ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान और कोच मार्क हिग्स से हुई। हिग्स को नाथन लायन का एक्शन काफी अच्छा लगा और उन्होंने उसपर काम करना शुरू किया। 2 साल तक नाथन ऐसे ही खेलते रहे और फिर साल 2010 में उन्होंने एडिलेड बसने का फैसला किया. दरअसल नाथन लायन की उम्र हो रही थी और उन्हें क्रिकेट में कुछ खास कामयाबी नहीं मिल रही थी तो उन्होंने सोचा कि पेट पालने के लिए अब क्यों ना नौकरी की जाये वो हिग्स के संपर्क में थे जिन्होंने उन्हें एडिलेड ओवल मैदान के ग्राउंड स्टाफ में नौकरी दिला दी। अब नाथन लायन रोज पिच को पानी देते. उसकी घासों का ख्याल रखते थे। सपना स्टेडियम में जबर्दस्त प्रदर्शन कर स्टार बनने का था लेकिन यहां तो कुछ और ही होने लगा।

ऐसे बदली लायन की किस्मत
साल 2010-11 था और बिग बैश टूर्नामेंट की ऑस्ट्रेलिया में धूम थी. एडिलेड ओवल वेस्टएंड रेडबैक्स का घरेलू मैदान था। रेडबैक्स के कोच डैरेन बैरी ने अपने खिलाड़ियों के साथ सेंट्रल विकेट पर प्रैक्टिस करने का मन बनाया. हालांकि उस समय उनके पास एक खिलाड़ी की कमी पड़ रही थी। डैरेन बैरी को किसी ने नाथन लायन की ओर इशारा कर बताया कि वो खिलाड़ी काफी अच्छा ऑफ स्पिनर है। उस वक्त नाथन लायन पिच पर रोलर चला रहे थे। कोच डैरेन बैरी लायन के पास पहुंचे और उन्होंने उन्हें गेंदबाजी के लिए बुलाया. लायन ने मना कर दिया और कहा कि उन्हें विकेट रोल करनी है लेकिन डैरेन बैरी ने जिद की और उन्हें गेंदबाजी करने के लिए कहा। डैरेन बैरी ने जब लायन की गेंदबाजी देखी तो वो हैरान रह गए। लायन ने महज 3-4 गेंद फेंकी और बैरी ने उनकी गेंदबाजी में ड्रिफ्ट और लूप देखा और उन्होंने कहा- ये तो खास टैलेंट है, ये साधारण गेंदबाज नहीं।

लायन की गेंदबाजी देखने के बाद डैरेन बैरी ने साउथ ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट के डायरेक्टर और उस वक्त के ऑस्ट्रेलियाई सेलेक्टर को फोन मिलाया. उन्होंने कहा कि मैंने एक स्पेशल टैलेंट खोजा है और मैं उसे बिग बैश में खिलाना चाहता हूं. डायरेक्टर ने कहा कि उसने किसी बड़े स्तर पर नहीं खेला है उसे ऐसे ही टीम में नहीं ले सकते, लोग सवाल खड़े कर सकते हैं. लेकिन बैरी ने जिद की और डायरेक्टर को मैदान पर बुलाया। लायन की गेंदबाजी देख डायरेक्टर कॉक्स भी हैरान रह गए, हालांकि उन्होंने लायन को एक मैच में खेलने के लिए कहा। ये टूर्नामेंट टूराक पार्क में चल रहा था और नाथन लायन ने इस मैच में महज 14 रन देकर 3 विकेट झटक लिये. बस फिर लायन को बिग बैश के लिए रेडबैक्स की टीम में चुन लिया गया।

बिग बैश में लायन का धमाका
2010-11 बिग बैश में नाथन लायन को देख सभी लोग हैरान रह गए। वो एक अनजान से गेंदबाज थे लेकिन टूर्नामेंट खत्म होते-होते उन्होंने पूरे ऑस्ट्रेलिया में तहलका मचा दिया। लायन ने 7 मैचों में सबसे ज्यादा 11 विकेट झटके. यही नहीं रेड बैक्स ने वो सीजन भी जीता और उसके बाद उनका चयन ऑस्ट्रेलिया-ए टीम में हो गया। जिम्बाब्वे में हुई ट्राई सीरीज में लायन ने 11 विकेट झटके और उन्हें मैन ऑफ द सीरीज अवॉर्ड मिला। यही नहीं उन्हें श्रीलंका दौरे के लिए ऑस्ट्रेलियाई टीम में भी चुन लिया गया। 7 महीने पहले तक लायन पिच बना रहे थे और अब वो ऑस्ट्रेलिया की टीम में चुन लिये गए।

सपनों जैसा डेब्यू
नाथन लायन ने 31 अगस्त 2011 को गॉल के मैदान पर अपना डेब्यू किया। लायन ने अपने टेस्ट करियर की पहली ही गेंद पर विकेट झटका. ये विकेट श्रीलंका के महानतम बल्लेबाज कुमार संगाकारा का था. लायन ने पहली गेंद से ही दिखा दिया कि वो टेस्ट क्रिकेट के लिए ही बने हैं. इस पारी में उन्होंने महज 34 रन देकर 5 विकेट चटका दिये।ये टेस्ट मैच ऑस्ट्रेलिया ने 125 रनों से जीता. वो दिन है और आज का दिन है नाथन लायन फर्श से अर्श पर पहुंच गए हैं। नाथन लायन टेस्ट क्रिकेट में ऑस्ट्रेलिया के तीसरे सबसे कामयाब गेंदबाज हैं. उनके नाम 390 विकेट हैं। शेन वॉर्न और ग्लेन मैक्ग्रा के बाद उनका ही नंबर आता है।