नई सरकार बनते ही इजरायल ने लगाया भारत के विदेश मंत्री को फोन….

इजराइल के नवनियुक्त विदेश मंत्री गाबी अश्केनजी ने मंगलवार को भारत को फोन किया और पदभार संभालने के बाद उनके द्वारा किसी देश को किया गया यह पहला फोन है। उन्होंने इस दौरान विदेश मंत्री एस जयशंकर से बातचीत की। इससे एक दिन पहले, इजराइल और भारत के विदेश मंत्रियों ने पारस्परिक रूप से लाभकारी भागीदारी के लिए बहुआयामी द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत और विस्तारित करने के उद्देश्य से मिलकर काम करने का संकल्प लिया था।

सूत्रों ने यहां बताया कि इजराइल के नए विदेश मंत्री की यह सामान्य शिष्टाचार कॉल थी और इस दौरान उच्च स्तरीय यात्राओं को शुरू करने तथा द्विपक्षीय रणनीतिक भागीदारी को और मजबूत करने एवं कोरोना वायरस महामारी के मद्देनजर सहयोग को और आगे ले जाने पर जोर दिया गया।

इजराइली विदेश मंत्री के फोन के बाद विदेश मंत्री एस जयशंकर ने ट्वीट किया, ”फोन करने के लिए धन्यवादद इजराइल के विदेश मंत्री गाबी अश्केनजी। हमारे विशेष संबंधों को मजबूत करने पर चर्चा हुई। भारत के बारे में आपकी नेक भावनाओं के बारे में सुनकर प्रसन्नता हुई। आपसे व्यक्तिगत रूप से मिलने को लेकर आशान्वित हूं।”

इजराइल की नयी सरकार ने प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के नेतृत्व में रविवार को शपथ ग्रहण की और इसके साथ ही देश के इतिहास में सर्वाधिक लंबे राजनीतिक गतिरोध पर विराम लग गया। इस गतिरोध के चलते देश को 500 से अधिक दिन तक कार्यवाहक सरकार के नेतृत्व में काम करना पड़ा और एक के बाद एक तीन आम चुनावों का सामना करना पड़ा जिनमें किसी को स्पष्ट जनादेश नहीं मिला।

इजराइली संसद ‘नेसेट’ में विश्वासमत के दौरान नयी सरकार के पक्ष में 73 तथा विपक्ष में 46 वोट पड़े। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने सोमवार को अपने नवनियुक्त इजराइली समकक्ष गाबी अश्केनजी को बधाई दी जो इजराइली रक्षा बलों के पूर्व प्रमुख हैं।

जयशंकर ने हिब्रू में ट्वीट किया, ”इजराइली विदेश मंत्री के रूप में पदभार संभालने पर माजाल तोव (बधाई) गाबी अश्केनजी। हमारी बहुआयामी और पारस्परिक लाभ वाली भागीदारी को मजबूत करने के लिए मैं आपके साथ मिलकर काम करने को आशान्वित हूं।”

अश्केनजी ने जयशंकर को धन्यवाद दिया और दोनों देशों के बीच विभिन्न क्षेत्रों में संबंधों को मजबूत करने पर जोर दिया। इजराइली विदेश मंत्री ने सोमवार को हिन्दी और अंग्रेजी में ट्वीट किया, ”धन्यवाद डॉ. जयशंकर। मैं भी भारत और इजराइल के बीच विभिन्न क्षेत्रों में संबंधों को मजबूत और विस्तारित करने के लिए आपके साथ मिलकर काम करने को आशान्वित हूं।”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विश्व के उन नेताओं में शामिल थे जिन्होंने नेतन्याहू को रिकॉर्ड पांचवीं बार सरकार का गठन करने पर रविवार को पहले-पहल बधाई दी थी। मोदी ने हिन्दी और अंग्रेजी में ट्वीट किया था, ”इजराइल में पांचवीं बार सरकार बनाने के लिए माजाल तोव (बधाई) मेरे मित्र नेतन्याहू।”

नेतन्याहू ने इसके जवाब में रविवार को हिब्रू में ट्वीट किया, ”धन्यवाद मेरे प्रिय मित्र, भारत के प्रधानमंत्री। हम, हमारे बीच महत्वपूर्ण संबंधों को मजबूत बनाना जारी रखेंगे।”

इजराइल में राजनीतिक गतिरोध का तब समापन हुआ जब 70 वर्षीय नेतन्याहू और उनके प्रतिद्वंद्वी रहे बेनी गैंट्ज ने सत्ता साझेदारी समझौते के तहत गठबंधन सरकार बनाने के लिए आपस में हाथ मिला लिया। समझौते के तहत गैंट्ज 18 महीने बाद 17 नवंबर 2021 को प्रधानमंत्री का पद संभालेंगे और तब तक वह रक्षा मंत्री के रूप में काम करेंगे।