दो लाख से ज्यादा माता – पिता ने सरकार को भेजी अर्जी..स्कूल खोलने के विषय पर कहीं ये बात..!

दिल्ली 02 जून। देश में बच्चों के माता-पिता अभी स्कूल खोले जाने के पक्ष में नहीं हैं। देशभर में दो लाख से ज्यादा माता-पिता ने केंद्र सरकार को भेजी अर्जी पर हस्ताक्षर करके कहा है कि जब तक कोरोना के हालात सुधर नहीं जाते या उसकी वैक्सीन तैयार नहीं हो जाती, तब तक स्कूल नहीं खोले जाने चाहिए। करीब 2.13 लाख माता-पिता द्वारा हस्ताक्षरित यह अर्जी ऐसे समय भेजी गई है जब केंद्र सरकार ने घोषणा की है कि स्कूलों, कॉलेजों, कोचिंग सेंटरों और अन्य शिक्षण संस्थाओं को जुलाई में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के साथ कोरोना वायरस के हालात की चर्चा के बाद खोला जाएगा। केद्रीय गृह मंत्रालय ने पिछले शनिवार को लॉकडाउन की जगह ‘अनलॉक1’ की गाइडलाइन जारी की। इसमें 31 मई को खत्म हो रहे लॉकडाउन 4 के बाद देशव्यापी रियायतें थीं। इसमें 25 मार्च से लगे देशव्‍यापी लॉकडाउन के बाद एक-एक कर सभी सेक्‍टरों को खोला जा रहा है।

जुलाई में स्कूलों को खोलना सरकार का सबसे खराब फैसला होगा

अर्जी में कहा गया है, ‘जुलाई में स्कूलों को खोलना सरकार का सबसे खराब फैसला होगा। यह ऐसे समय आग से खेलने जैसा होगा, जब हमें उसे पूरी ताकत से बुझाना चाहिए। वर्तमान शैक्षणिक सत्र को ई-लर्निग मोड में जारी रखा जाना चाहिए। अगर स्कूल दावा करते हैं कि वर्चुअल लर्निग के जरिये वे अच्छा काम कर रहे हैं तो क्यों न इसे बाकी शैक्षणिक सत्र में भी जारी रखा जाए।’

कई राज्‍य कर रहे हैं स्‍कूल खोलने की तैयारी

गौरतलब है कि महाराष्ट्र, केरल सहित नार्थ-ईस्ट के कई राज्यों ने जून से ही स्कूली गतिवधियों को शुरू करने के संकेत दिए है। ऐसे में एचआरडी मंत्रालय भी स्‍कूल-कॉलेजों के लिए सेफ्टी गाइडलाइन को जल्द जारी करने की तैयारी में है। स्कूल, कॉलेज, शैक्षिक संस्थान, कोचिंग संस्थान आदि खोले जाने का निर्णय राज्य सरकारों से विचार विमर्श के बाद लिया जाएगा। अब ज्‍यादा जिम्‍मेदार राज्‍य सरकारों के पास होगी।