डॉक्टरों के इस्तीफे पर बोले स्वास्थ्य मंत्री सिंहदेव, व्यवस्था बनी रहेगी, अब ऐसा अवसर नहीं आना चाहिए, सबको रायपुर में पोस्टिंग चाहिए तो कैसे होगा…

रायपुर 28 मई। कोविड-19 के संकट में पोस्टिंग नहीं होने से जूनियर डॉक्टरों के इस्तीफा दिए जाने पर स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने नाराजगी जताई है।उन्होंने कहा कि रिजाइन कोई विकल्प नहीं, एक बार प्रकिया के तहत सूचना देनी चाहिए थी। संचालक, सचिव को नहीं तो मुझे तो फोन कर सूचित करना था। लोकतंत्र में अपना बात कहने को सबको अधिकार है, सबको पोस्टिंग रायपुर चाहिए तो कैसे होगा। स्वास्थ्य मंत्री सिंहदेव ने कहा कि कभी-कभी प्रशासनिक कमी के कारण चूक होती है। समय पर वेतन देने लिए निर्देशित किया गया है। उन्होंने कहा कि मुझे बताया गया है कि जिनकी इंटर्स पूरी हो गई है उनकी पोस्टिंग होनी थी. पोस्टिंग के लिए हर आदमी को रायपुर चाहिए. अपने करियर के हिसाब से या जो भी सुविधा हो. इस तरह क़रीब-क़रीब हर बच्चे चाहते हैं कि उनकी पोस्टिंग रायपुर में हो जाए।

उन्होंने कहा कि एक रोस्टर बना हुआ है कि कौन से जिले में कितने लोगों को भेजना है, पोस्ट डिसाइड है, ऐसी स्थिति में ज़्यादा लोग होने के कारण तनख्वाह नहीं मिलती है। उन्होंने कहा कि पांच अप्रैल के आस पास का एक ऑर्डर था, जिसमें इंटर्नशिप पूरा होने के बाद इनको तैनाती देना था, इसलिए कुछ दिन पहले मैंने फ़ाइल भी निकाली थी, जिसमें 361 डॉक्टरों की पोस्टिंग का बॉण्ड के आधार पर ही किसको कहां जाना है यह तय हुआ था।

सिंहदेव ने कहा कि कभी-कभी प्रशासनिक कार्यों की कमी के कारण तनख्वाह नहीं मिलती है, वो भी दबाव बन जाता है. दो-तीन बार पहले बोल चूका हूं, और मैं प्रयास करुंगा कि इसका कड़ाई से पालन हो, वेतन नहीं रुकना चाहिए. मैंने कई बार कहा है पैसे हैं. आप अनुमति लीजिए एक मद से नहीं तो दूसरे मत से अनुमति लेनी चाहिए। अगर तनख़्वाह के मद में पैसा नहीं है, तो दूसरे मद से पहले निकालना चाहिए और बाद वापस करना देना चाहिए, ऑटोनमस होने के कारण जो मेडिकल स्टूडेंट का फीस होता है, जो स्टूडेंट आते हैं, वही उसका फंड होता है।

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि लोकतंत्र, प्रजातंत्र है तो उनका अधिकार है।अपनी भावनाओं को व्यक्त करना. एक बार प्रक्रिया के तहत सब से मिल लेना चाहिए. फिर मुझ तक सूचनाओं को पहुंचाना चाहिए था. सेक्रेटरी लेवल, संचालक लेवल पर एक बार अपनी बात रखनी चाहिए, तब भी नहीं होता है तो कदम उठाते. फिलहाल, आदेशित कर दिया गया है। व्यवस्था बनी रहेंगी, लेकिन ऐसा अवसर अब नहीं आनी चाहिए।