झीरम श्रद्धाजंलि दिवस: राज्य में प्रति वर्ष 25 मई को मनाया जाएगा झीरम श्रद्धांजलि दिवस – मुख्यमंत्री ने दिया निर्देश

रायपुर। 25 मई का दिन छत्तीसगढ़वासी कभी नहीं भूल पाएंगे क्योंकि इसी दिन राज्य के दर्जनभर से अधिक जननेताओं व पुलिस जवानों को माओवादियों ने मौत के घाट उतार कर करोड़ों लोगों के हृदय को छलनी कर दिया था। आज भी इन जननायकों के कातिल खुलेआम घूम रहे हैं। कांग्रेस की सरकार द्वारा अभी तक इन कातिलों को सजा दिलाना तो दूर की कौड़ी है उन तक पहुँच ही नहीं है। दिल पर थोड़ा मरहम लगाते हुए छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भुपेश बघेल न छत्तीसगढ़ में प्रति वर्ष 25 मई के दिन को ’झीरम श्रद्धांजलि दिवस’ के रूप में मनाये जाने की आज घोषणा किया है।

इस संबंध में उन्होंने आज अधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं कि 25 मई 2013 को झीरम घाटी में नक्सल हिंसा के शिकार हुए प्रदेश के वरिष्ठ नेताओं, सुरक्षा बलों के जवानों और विगत वर्षो में नक्सल हिंसा के शिकार हुए सभी लोगों की स्मृति में 25 मई को प्रतिवर्ष “झीरम श्रद्धांजलि दिवस” के रूप में मनाया जाए।

प्रदेश के सभी शासकीय एवं गैर शासकीय कार्यालयों में 25 मई को शहीदों की स्मृति में दो मिनट का मौन धारण कर श्रद्धांजलि दी जाए तथा यह शपथ ली जाए कि राज्य को पुनः शांति का टापू बनाने के लिए हम सब संकल्पित रहेंगे।