जिला प्रशासन ने रुकवाया दो बाल विवाह, बारात वापस लौटी

सूरजपुर 21 मई:- कलेक्टर दीपक सोनी के निर्देशन में एवं जिला कार्यक्रम अधिकारी मुक्तानंद खुटे के मार्गदर्शन में बाल विवाह रोकने के लिए प्रशासनिक टीम मुस्तैद है। संयुक्त टीम को बाल विवाह का पता लगते ही टीम तत्काल मौके में पहुंच कर कार्यवाही एवं समझाईश कर बाल विवाह रोकवा रही है। इसी कड़ी में प्रशासनिक टीम को जिले में हो रहे दो बाल विवाह की सूचना मिलते ही विवाल को रोका गया। बता दें की जिले के सूरजपुर विकासखण्ड के ग्राम कुंजनगर में एक 19 वर्षिय बालक एवं सूरजपुर के ग्राम महंगवा की दसवीें में अध्ययनरत 15 वर्षीय बालिका का बाल विवाह संयुक्त टीम ने रोका। परियोजना अधिकारी सूरजपुर को लिखित सूचना प्राप्त हुई की एक 19 वर्षीय बालक का बारात कुंजनगर थाना जयनगर निकल कर सरगुजा जाने वाली है। यह विवाह बिना प्रशासन के अनुमति का किया जा रहा है। संयुक्त टीम जब कुंजनगर पहुंची तो बारात जा चुकी थी। इसकी सूचना अम्बिकापुर पुलिस को दी गई। जहां से बारात को वापस भेज दिया गया। कुंजनगर में संयुक्त टीम द्वारा जांच करने पर पता चला की बालक का उम्र मात्र 19 वर्ष है। इसकी समझाइश घर वालों को दी गई।दूसरे बाल विवाह की सूचना चाईल्ड हेल्प लाईन नम्बर 1098 में दी गई की एक 15 वर्षीय बालिका का विवाह उसकी मर्जी के खिलाफ तय किया गया है। संयुक्त टीम जब बालिका के घर पहुंची तो पता चला कि उसके पिता के दादा के जिद पर यह बाल विवाह कराया जा रहा है। बालिका आगे की पढ़ाई करना चाहती है। घर वालों को चेतावनी दी गई कि इतनी छोटी बालिका का विवाह जुर्म है और ऐसा करने पर दो वर्ष की सजा एवं 1 लाख जुर्माना की सजा हो सकती है। घर वालों को समझाईश देने पर सभी बालिका को पढ़ाने और 18 वर्ष पूर्ण होने पर विवाह करने को राजी हुए,जहां पंचनामा एवं अन्य दस्तावेज तैयार किया गया।