जानिए कहाँ की निजी अस्पतालों से 185 नर्सों ने छोड़ी नौकरी, कोरोना वारियर्स को ना तो पीपीई किट उपलब्ध कराये गए और ना ही N – 92, 95 मास्क।

कोरोना संक्रमण के खिलाफ आज भी कई राज्यों में वारियर्स का बुरा हाल है | उन्हें राज्य सरकार ने ना तो पीपीई किट उपलब्ध कराई है और ना ही N – 92, 95 मास्क | ये कोरोना वारियर्स अपने स्तर पर बचाव साम्रग्री का इंतज़ाम करते रहे | लेकिन डेढ़ माह बाद भी जब हालात नहीं सुधरे तो उन्होंने नौकरी छोड़ना मुनासिब समझा | कोरोना वारियर्स के लिए यह बड़ा कठिन फैसला था क्योंकि उनके कई साथी संक्रमण का शिकार हो गए थे | लिहाजा खुद को सुरक्षित रखने के लिए उन्होंने अपने घरों का रुख कर लिया है | मामला पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता का है | 

पश्चिम बंगाल में हाल के दिनों में कोरोना वायरस संक्रमण के मामले तेजी से बढ़ने के बाद यहां विभिन्न निजी अस्पतालों में नौकरी करने वालीं मणिपुर की कम से कम 185 नर्स इस्तीफा देकर अपने गृह राज्य के लिए रवाना हो गई हैं। एक निजी अस्पताल के वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि कोविड-19 महामारी के दौरान पहले से ही नर्सों की कमी है और ऐसे में इन नर्सों के चले जाने से मरीजों की दिक्कते बढ़ेगी।

दरअसल कोलकाता के ज्यादातर निजी अस्पताल में मणिपुर की नर्से नौकरी पर है | लेकिन यहाँ सुरक्षित महसूस नहीं करने के चलते वे नौकरी छोड़ कर अपने गृहनगर जा रही हैं। इन नर्सों ने कई बार प्रशासन और अस्पताल मैनेजमेंट को कोरोना किट की मांग से अवगत कराया था |

लेकिन किसी ने इनकी सुध तक नहीं ली | इस्तीफा देने वाली एक नर्स ने न्यूज़ टुडे से फोन पर कहा, ‘हमारे अभिभावक चिंतित हैं और यहां रोजाना मामले बढ़ने से हम भी काफी तनाव में हैं। हमारा राज्य एक हरित प्रदेश है और हम घर वापस जाना चाहते हैं। परिवार और माता-पिता हमारी प्राथमिकता है।’ एक अन्य नर्स ने नाम नहीं बताने की शर्त पर कहा, ‘अगर हम जीवित बचे, तो आगे भी नौकरी मिल जाएगी।’ इस बीच पश्चिम बंगाल में पिछले 24 घंटे में कोरोना वायरस संक्रमण से 10 और लोगों की मौत हो जाने से कुल मृतकों की संख्या बढ़कर 153 हो गई। एक स्वास्थ्य बुलेटिन में यह कहा गया है।

वहीं, पिछले 24 घंटे में संक्रमण के कम से कम 84 नए मामले सामने आने के साथ कोविड-19 के कुल मामले बढ़कर 2,461 हो गए हैं। इनमें 1,407 मरीजों का इलाज चल रहा है।