अभी मास्क ही है वैक्सीन.. शुरुआती वैक्सीन 50% तक कारगर.. मास्क 98% तो कोरोना को रोकता है – डॉ. वीपी पाण्डेय..!


हेल्थ डेस्क। कोरोना के बढ़ते संक्रमण के बीच दुनिया बेसब्री से वैक्सीन का इंतजार कर रही है लेकिन शुरुआती वैक्सिंन सिर्फ 50% कारगर साबित रहती है यानी जिनको वैक्सीन दी जाएगी उनमें आधे कोरोना से पूरी तरह सुरक्षित रहेंगे जबकि शोध बताते हैं कि मास्क महामारी को 98% तक रोके रखते हैं। अगर मास्क पहने दो व्यक्ति सोशल डिस्टेंसिंग के साथ बात करें तो संक्रमण के एक से दूसरे में जाने की आशंका 98% कम हो जाती है। इसलिए कह सकते हैं कि मास्क शुरुआती वैक्सीन से ज्यादा प्रभावी साबित होगा। अभी तो वैक्सीन भी नहीं आई है इसलिए महामारी को नियंत्रण में रखने के लिए हर एक व्यक्ति का मास्क पहनना ही सबसे बड़ा कर्तव्य बन जाता है। खासकर युवाओं क्योंकि उनमें लक्षण ना के बराबर होते हैं। उन्हें पता ही नहीं चल पाता कि वे संक्रमित हैं। वे परिवार के लिए घातक साबित हो सकते हैं। रिपोर्ट्स बताती है कि अभी वैक्सीन आने में कुछ महीने और लगेंगे फिर हर एक तक पहुंचने में लंबा समय लगेगा इसलिए तब तक के लिए मात्र ही कारगर वैक्सीन है।

ढाल ही हथियार –

मास्क लगाने वाले को करना हो भी जाए तो बेअसर रहेगा

मास्क शरीर में प्रवेश होते भारत के मात्र 90 प्रश्न तक रोक देता है इससे वायरल लोड कम होता है जबकि एंटीबॉडी विकसित हो जाते हैं इससे मरीज गंभीर नहीं होता : – न्यू इंग्लैंड जर्नल ऑफ मेडिसिन

वैक्सीन पास सफर लंबा –

80% आबादी को वेक्शन मिलने तक मास्क जरूरी

जब तक किसी शहर मिलाकर क्या शिवप्रसाद लोगों को वेतन नहीं मिल जाती तब तक वहां मां हमारी को रोके रखने के लिए मांस के ही सबसे बड़ा हथियार बना रहेगा :- डब्ल्यूएचओ

यह ऐतिहात भी जरूरी –

  • मास्क अगर गिला हो जाए तो तुरंत बदल ले।
  • दुपट्टे से मुंह ढक ना कारगर नहीं है ।
  • मास्क थ्री लेयर ही होना चाहिए ।
  • मास्क को छूने के बाद साबुन से हाथ धो लें।
  • बात करते समय मास्क कतई न हटाये।