चीन ने भी माना भारत का लोहा, भिलाई स्टील प्लांट से खरीदा लोहा

भिलाई 23 मई। चीन दुनिया को निर्यात करने के लिए जाना जाता है लेकिन उस पर कोरोना की ऐसी मार पड़ी है कि उसको आयात करने के लिए भारत का रुख करना पड़ा है। स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया के उपक्रम भिलाई स्टील प्लांट (बीएसपी) में उत्पादित लौह की गुणवत्ता का लोहा चीन ने भी मान लिया है। चीन ने बीएसपी को 60 हजार टन बिलेट (ठोस लोहे की बीम) की आपूर्ति का ऑर्डर दिया है। बीएसपी ने लॉकडाउन के दौरान बनाए गए 50 हजार टन बिलेट की सप्लाई अप्रैल से मई के बीच की है। इसमें 10 हजार टन की खेप गुरुवार को विशाखापत्‍तनम के लिए रवाना की गई।

चीन में नहीं शुरू हो पा रहीं इस्पतात फैक्‍ट्र‍ियां:

बीएसपी के अधिकारियों ने बताया कि कोरोना संकट के चलते चीन की बड़ी इस्पतात फैक्‍ट्र‍ियां चालू नहीं हो पा रही हैं।इस वजह से सेकेंडरी इस्पात उत्पादक कारखानों की जरूरतों को भिलाई इस्पात संयंत्र पूरा कर रहा है। अप्रैल से अब तक 50 हजार टन बिलेट की आपूर्ति चीन को की जा चुकी है। चीन में इस लोहे को रोल करके सरिया आदि बनाया जाएगा। चीन से मिले ऑर्डर को बीएसपी हाथ से नहीं जाने देना चाहता है। इसलिए स्टील मेल्टिंग शॉप-3 और बिलेट यार्ड में नाइट शिफ्ट में भी काम चल रहा है ताकि चीन के ऑर्डर को पूरा किया जा सके।

इसलिए बढ़ी बीएसपी की साख:

स्टील एक्जीक्यूटिव फेडरेशन ऑफ इंडिया (सेफी) के चेयरमैन नरेंद्र कुमार बंछोर का कहना है कि बीएसपी की साख बढ़ती जा रही है। क्वालिटी के मामले में भारत दुनिया का दूसरा इस्पात उत्पादक देश है। यही कारण है कि चीन से सीधा ऑर्डर मिल रहा था। अब वहां से एजेंसियों के जरिए ऑर्डर मिलना शुभ संकेत माना जा रहा है। एसएमएस-3 द्वारा पिछले वित्तीय वर्ष में 8,100 टन कास्ट बिलेट्स का निर्यात फिलीपींस और लगभग 800 टन कास्ट बिलेट्स का निर्यात नेपाल को किया गया था।