क्वारंटाइन सेंटर में शिक्षक कर रहे चौकीदारी,ड्यूटी के दौरान एक शिक्षक की मौत ,अब शिक्षक खोजेंगे गांव -गांव कोरोना संदिग्ध मरीज 10000 से अधिक शिक्षकों की लगी ड्यूटी,साथ ही प्रवासी मजदूरों को लाने ले जाने लगी सैकड़ों शिक्षकों की ड्यूटी

बिलासपुर 19 मई: प्रवासी मजदूरों को लाने ले जाने एवं कोरोना संदिग्ध मरीजों को ढूंढने तथा क्वारंटाइन केंद्र में मजदूरों की चौकीदारी करने बड़ी संख्या में पुरे राज्य में शिक्षकों की ड्यूटी लगाई जा रही है। कोरोना वायरस से निपटने के लिए अब शिक्षकों को भी मैदान में उतारा जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्रो पर अब फोकस किया जा रहा है। क्योंकि बड़ी संख्या में मजदुर दूसरे प्रदेशों से अपने घर लौट रहे है। ऐसे में सर्वे के लिए सरकारी शिक्षकों की ड्यूटी लगाई जा रही है। हर शिक्षक को दो किलोमीटर की दायरे में कोरोना संदिग्ध मरीज को खोजने की जिम्मेदारी दी है। स्वास्थ्य विभाग में सिमित कर्मचारी होने के कारण ब्यापक रूप से ग्रामीण क्षेत्रो के संदिग्धों की तलाश नहीं हो पा रही थी। ऐसे में जिला प्रशासन ने आपातकालीन स्थिति को देखते हुए सर्वे के लिए सरकारी स्कूल के शिक्षकों को जिम्मेदारी दे दी है। हर शिक्षकों को अपने स्कूल के 2 किलोमीटर के दायरे में कोरोना संदिग्ध मरीज की तलाश करनी होगी।

क्वारंटाइन केंद्र में ड्यूटी के दौरान शिक्षक की मौत- बलरामपुर रामानुजगंज जिले के जिला मुख्यालय से कुछ दुरी पर स्थित सेमली लेंजुआ पारा में आंगनबाड़ी केंद्र को क्वारंटाइन केंद्र बनाया गया था जहाँ पर ड्यूटी के दौरान शिक्षक की मौत हो गयी है। प्राप्त जानकारी अनुसार अंबिकापुर निवासी शिक्षक सिया राम भगत ड्यूटी के दौरान नीचे अचानक गिर पड़े जिससे उसकी मौत हो गयी है। उक्त शिक्षक की मृत्यु हृदयाघात से होने की सम्भावना जताई जा रही है। शव को पीएम हेतु भेज दिया गया है। 

क्वारंटाइन केंद्र में चौकीदारी कर रहे शिक्षक- मुंगेली जिले के अंतर्गत पथरिया विकास खंड में शिक्षकों की ड्यूटी चौकीदारी हेतु लगाया गया है। शासन की योजना पढाई तुहर द्वार इससे प्रभावित हो रही है। शिक्षक बच्चों को ऑनलाइन पढ़ाये या चौकीदारी करें। उक्त ड्यूटी का शिक्षक संगठन विरोध कर रहा है। महिला शिक्षिका एवं दिब्यांग शिक्षकों का भी ड्यूटी लगा दिया गया है। जिस कारण से शिक्षकों में भारी रोष है। 

सरपंच की निगरानी में सर्वे- सर्वे कार्य में किसी भी प्रकार की चूक न हो इस लिए इस कार्य की देखरेख और निगरानी सरपंच करेंगे। हर दिन सर्वे करने के बाद शिक्षक सरपंच को रिपोर्ट भेजेंगे। सरपंच इस बात का ध्यान रखेंगे की शिक्षक सभी घरों में जाकर जानकारी एकत्रित करें।