कोविड-19 के लिए रिजर्व मातृ शिशु अस्पताल के टेंडर पर सवालिया निशान..! आधा दर्जन कंपनियों ने जताई आपत्ति! सीएमओ, कलेक्टर से लेकर मंत्री रविंद्र चौबे, टीएस सिंह देव और उमेश पटेल को भेजा ईमेल.. जानिए पूरा मामला, पढ़ें पूरी खबर

रायगढ़। रायगढ़ के सीएमओ ऑफिस के टेंडर को लेकर काफी बवाल हो रहा है। टेंडर प्रक्रिया को लेकर इस तरह का बवाल शायद कभी सुनने को मिला होगा। बवाल इतना बड़ा है कि इस टेंडर प्रक्रिया में शामिल करीब आधा दर्जन कंपनियों ने टेंडर प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं और टेंडर रद्द करने की मांग की है। यह पूरा टेंडर मातृ शिशु अस्पताल जो कि अभी कोविड-19 के लिए रिजर्व है। उसकी सीसीटीवी कैमरा, इंटरकॉम तथा अनाउंसमेंट सिस्टम के लिए जारी किया गया है। एक साथ जब इतनी कंपनियों ने इस टेंडर पर सवाल उठाए तो इसकी पड़ताल हमने भी की। हमने जब इसके बारे में पता किया तब हमें पता चला कि यह टेंडर 15 मई को जारी हुआ था। उस दिन शुक्रवार था। शनिवार रविवार धारा 144 यानी कि कंप्लीट लॉक डाउन था। टेंडर की अंतिम तिथि आज 20 मई थी और आज दोपहर 3:00 बजे टेंडर जमा करने की अंतिम तिथि है।

इस बारे में आदित्य इन्फोटेक और केबी टेक कंपनियों का कहना है कि इसकी तारीख बढ़ाई जाए क्योंकि शुक्रवार शनिवार रविवार यह 3 दिन कोई काम नहीं हो पाया। वजह थी धारा कंप्लीट लॉक डाउन। अब उनके पास सिर्फ ढाई दिन बचते हैं। क्योंकि बुधवार दोपहर 3:00 बजे तक टेंडर भरने का आखिरी टाइम हैं। पूरी साइड का सर्वे, प्रोजेक्ट का आकलन और अन्य कई सरकारी फॉर्मेलिटी पूरी करने के लिए ये वक्त काफी कम था। इसलिए उन्होंने इस पूरे टेंडर की तिथि बढ़ाए जाने के लिए सीएमओ रायगढ़ से लेकर रायगढ़ कलेक्टर, स्वास्थ्य सचिव रायपुर ,स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंह देव, मंत्री रविंद्र चौबे और मंत्री उमेश पटेल को मेल भेजा है।

इसके साथ ही रायगढ़ की चार-पांच कंपनियों ने भी तिथि बनाए जाने के लिए कहा है। टेंडर प्रक्रिया के लिए दिए गए स्पेसिफिकेशन (विशेष विवरण) पर भी शंका जाहिर की है। उनका कहना है कि जिस प्रकार से टेक्निकल स्पेसिफिकेशन दिया गया है,इससे फायदा किसी एक विशेष कंपनी कोई होता दिखाई दे रहा है। इस पूरे स्पेसिफिकेशन में कैमरा के लिए जो कैमरा ब्रांड दिया गया है। उसमें भी जमीन आसमान का अंतर है। जिसमें Bosch, PelCo, Gobbler, Samsung, Honeywell, Axix, Sony काफी महंगे ब्रांड है। इनकी तुलना में TVT काफी सस्ता है।

इस बारे में स्पेसिफिकेशन के एक और पॉइंट पर कंपनियों को आपत्ति है। जिसमें कहा गया है कि EPABX सिस्टम मैन्युफैक्चर कंपनी का कॉर्पोरेट या ब्रांच ऑफिस कोलकाता में होना अनिवार्य है। इस पॉइंट पर भी स्थानीय स्तर से लेकर मंत्री एवं सचिव लेवल तक मार्किंग कर मेल भेजा गया है। इस बारे में कैमरा मैन्युफैक्चर कंपनी सीपी प्लस और EPBAX बनाने वाली मैट्रिक्स का कहना है कि उसमें उनकी भी भागीदारी सुनिश्चित की जाए। उन्हें भी स्वच्छ प्रतिस्पर्धा का मौका मिले। इसमें सबसे बड़ा अड़ंगा टेंडर के लिए जारी टेक्निकल स्पेसिफिकेशन बन रहा है, जिसमे तयशुदा ब्रांड हैं। इस बारे में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को कंपनियों ने ईमेल के माध्यम से टेंडर के लिए जारी स्पेसिफिकेशन को संशोधित करने के लिए कहा है। ताकि एक स्वस्थ प्रतिस्पर्धा संभव हो सके और जिसका फायदा काम में गुणवत्ता के रूप में दिखाई दे। अब इसमें देखने वाली बात यह है कि एक तो ऐसे ही समय का लाला कंपनियों को पड़ा था। इसके बाद आज शाम 4:00 बजे टेंडर किसे मिलना है, यह भी अनाउंस हो जाएगा। कंपनियों ने अपने स्तर पर भरसक कोशिश की कि टेंडर प्रक्रिया को स्वस्थ एवं प्रतिस्पर्धी बनाए जा सके। इसके लिए उन्होंने अपनी सारी भी जायज मांगों को स्थानीय लेवल से लेकर राजधानी तक प्रेषित भी कर दिया है। अब देखना यह है की स्वास्थ्य विभाग इनकी मांगों को कितनी गंभीरता से लेता है।

क्योंकि इसमें गौर करने वाली बात यह है कि अगर मांग किसी एक इक्का-दुक्का कंपनी ने से होती तो हो सकता है कि किसी व्यापारिक द्वेष या दुर्भावना प्रेरित हो, लेकिन एक साथ इतनी कंपनियों का टेंडर पर सवाल उठाना कहीं ना कहीं सवाल तो खड़े करता है..!!”

News Source Rig24.in Raigarh