अपनी बेटी को भोपाल से दिल्ली भेजने के लिए बुक किया 180 सीटर प्लेन, एयरबस 320 में मात्र 4 यात्रियों ने किया सफर, 40 से 50 लाख किये खर्च

भोपाल 29 मई:- शराब ठेकेदारों का जो जलवा पूर्ववती बीजेपी सरकार में था , वैसा ही जलवा कांग्रेस सरकार में भी है। इस बात में दोराय नहीं कि प्रवासी शराब ठेकेदारों के लिए छत्तीसगढ़ आज भी कमाई की खदान है। ऐसी खदान जिससे निकलने वाली रकम फिजूलखर्ची और दिखावे के काम आती है। ना की लोक कल्याण के कार्यों में अपनी कुछ हिस्सेदारी तय करती हो। बहरहाल प्रवासी मजदूरों को अपने गृह नगरों में वापसी के लिए छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश दोनों ही सरकार जूझ रही है।

उधर इन राज्यों के मजूदर कही पैदल तो कही साईकिल पर तो कही ट्रेन पर सफर के लिए दो दो हाथ कर रहे है। इस बीच छत्तीसगढ़ में कार्यरत एक प्रवासी शराब ठेकेदार ने अपने परिवार के 3 सदस्यों और एक सहयोगी को भोपाल से दिल्ली भेजने के लिए एयरबस 320 बुक करवाई। इस ठेकेदार की जड़े जितनी छत्तीसगढ़ में फैली है, उतनी मध्यप्रदेश में।और हां यह भी बताया जाता है कि संयुक्त मध्यप्रदेश के दौरान रायपुर में हुए शराब ठेके के लिए फर्जी ड्राफ्ट कांड की नींव भी इन्ही साहब के हाथों से रखी गई थी।     

भोपाल एयरपोर्ट पर दिल्ली से उड़ान भरने वाले एयरबस 320 को देखकर लोगों को लगा कि यात्रियों से लबालब फ्लाइट आई है। लेकिन इस फ्लाइट से यात्री नहीं बल्कि क्रू मेंबर्स बाहर आये। कुछ देर बाद मध्य प्रदेश में चर्चित एक शराब कारोबारी के परिवार के तीन सदस्य और एक सहयोगी इस विमान पर सवार हुए। लोग हैरत में थे कि मात्र चार लोगों को भोपाल से दिल्ली पहुंचाने के लिए 180 सीटर विमान एयरबस A320 किराये पर लिया गया। मात्र चार यात्रियों में इस शराब कारोबारी की एक बेटी, और उसके दो बच्चों समेत एक आया बाई (बच्चों की देखभाल करने वाली महिला) ने उड़ान भरी। दरअसल भोपाल से दिल्ली नियमित फ्लाइट चल रही है। लेकिन उस पर सफर करने के बजाये एयरबस किराये पर लेना शराब ठेकेदार की शान बताई जा रही है।

बताया जाता है कि शराब कारोबारी जगदीश अरोड़ा मध्य प्रदेश में सोम डिस्टिलरीज के मालिक हैं। छत्तीसगढ़ में भी उनका बड़ा कारोबार है जब उनसे हवाई सफर को लेकर संपर्क किया गया तो उन्होंने पहले ऐसी किसी एयरबस को हायर करने से इनकार किया। उन्होंने यह भी कहा कि “आप निजी चीजों में क्यों दखल दे रहे हैं?” बहरहाल जानकारी के मुताबिक विमान को दिल्ली से हायर किया गया था। विमान ने सुबह 9.30 बजे दिल्ली से उड़ान भरी और करीब 10.30 बजे भोपाल पहुंचा। फिर भोपाल से चार यात्रियों के साथ करीब 11.30 बजे विमान ने दिल्ली के लिए वापसी की उड़ान भरी।

ईंधन बचाने और अपव्यय रोकने से जुड़े आरटीआई कार्यकर्ताओं के मुताबिक छह या आठ सीटर चार्टर्ड विमान से यात्रा का मकसद पूरा हो सकता था। ऐसे में ” ए320 एयरबस को किराए पर लेना फिजूलखर्ची से ज्यादा कुछ नहीं। जानकार बताते है कि इस तरह के विमान का खर्च 10 से 12 लाख रूपये प्रति घंटे के बीच आ सकता है। बहरहाल यह हवाई सफर राजनैतिक और प्रशासनिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है।