ठंडे मौसम में कोरोना का प्रभाव कैसा होगा…जानिए विशेषज्ञ क्या कहते हैं !


दसवें महीने में भी कोरोना महामारी के खत्म नहीं होने से विशेषज्ञों की चिंता बढ़ गई है. अब सर्दी का मौसम आता देख उन्होंने ‘ट्विंडेमिक’ की आशंका जताई है. शुरू में माना गया था कि सख्त गर्मी के महीने में कोरोना का प्रकोप कम हो जाएगा. लेकिन गर्मी का मौसम बीतने पर भी महामारी लोगों की जिंदगी लील रही है.

विशेषज्ञों का कहना है कि आनेवाले सर्दी के मौसम में कोविड-19 संक्रमण की दर बढ़ सकती है. इसके लिए सांस प्रणाली का संक्रमण सर्दी में बढ़ने की प्रवृत्ति को समझना जरूरी है. ठंडी जल्वायु और शुष्क हवा में वायरस तेजी से पनपता है.

‘ट्विंडेमिक’ का मंडरा रहा है खतरा


विशेषज्ञों का कहना है कि इंनफ्लुएंजा और कोविड-19 का साथ खतरनाक हो सकता है.

मेडिकल सुविधा पर बढ़ते दबाव के चलते आनेवाले मौसम से पहले तैयारी कर लेनी चाहिए.

सांस की समस्या सर्दी में खतरनाक क्यों?


वायरस का जन्मजात स्वभाव शुष्क हवा और ठंडी जलवायु में ज्यादा देर तक रहने का होता है. इसलिए सर्दी में वायरस के फैलने का ज्यादा डर है. आद्रता भी बीमारी के फैलने की अनुकूल स्थिति होती है. दूसरा कारण होता है सूर्य की रोशनी में कमी. जिससे शरीर में विटामिन डी लेवल गिर जाता है. विटामिन डी की कमी होने पर इम्यून सिस्टम कमजोर पड़ जाता है.

सर्दी के लिए हम खुद को कैसे तैयार करें ?


स्वास्थ्य विशेषज्ञों का सर्दी कोविड-19 के प्रसार को बढ़ाने में मददगार साबित होगी. जिसका परिणाम भवायह हो सकता है. उनकी चिंता कोविड वैक्सीन पर ज्यादा जोर देने के चलते कंपनियों की तरफ से फ्लू वैक्सीन के कम उत्पादन पर है. इसलिए अगर सर्दी में कोविड-19 से मुकाबला करना है तो खास रणनीति पर काम करना होगा. उनकी सलाह है कि दूसरी महामारी की लहर का मुकाबला करने के लिए कोविड-19 की टेस्टिंग को बढ़ाना चाहिए. सोशल डिस्टेंसिंग और साफ-सफाई का सख्ती से पालन किया जाना चाहिए. सबसे ज्यादा जरूरी है फेस मास्क या फेस कवर पहने बिना बाहर निकलने से बचें.