रायपुर में जघन्य हत्याकांड : युवक ने साड़ी के टुकड़े से अपनी मां पत्नी व बच्चों का घोंट दिया गला फिर खुद झूल गया फांसी के फंदे पर.. एक ही परिवार के पांच सदस्यों की जली चिता.. लॉकडाऊन व गरीबी से कातिल था परेशान.. पुलिस जांच में जुटी..!


  • आर्थिक तंगी और बीमारी से तंग आकर परिवार को खत्म करने की चर्चा, अब भी जांच जारी
  • सुबह टंकी का पानी ओवरफ्लो होकर गली में बहता रहा, लोगों ने शक पर पुलिस बुलाई और हुआ दर्दनाक घटना का खुलासा
  • लाॅकडाउन, बीमारी से परेशान होने के कारण था अवसाद में

रायपुर। रायपुर के अभनपुर स्थित केंद्री गांव में मंगलवार की शाम एक साथ पांच चिताएं जली जिसने भी इस मंजर को देखा मायूस हो उठा। पूरे गांव में इस घटना की वजह से मातम का माहौल है। केंद्री के मुक्तिधाम में मृतक के भाई ने परिवार के लोगों का अंतिम संस्कार किया। दरअसल सुबह केंद्री गांव के निवासी कमलेश साहू (35) की साड़ी के फंदे से लटकी लाश मिली थी। पुलिस जब मौके पर पहुंची तो यहां दो कमरों में कमलेश की पत्नी प्रमिला और बेटे नरेंद्र दूसरे कमरे में बेटी कीर्ति और मां ललिया बाई की लाश मिली थी।

साड़ी के टुकड़े को हथियार बनाकर की हत्या
अब तक तक की जांच में इस केस से जुड़ा अहम खुलासा हुआ है। अभनपुर पुलिस ने बताया कि साड़ी को फाड़कर उसके पतले टुकड़े से मृतक कमलेश ने अपनी पत्नी, बच्चों और मां की जान ली। फिलहाल सामने आए तथ्यों के मुताबिक सबसे पहले आरोपी ने अपनी 10 साल की बेटी का दम घोंटा, फिर बूढ़ी मां और 6 साल के बेटे को मारा। इसके बाद उसने पत्नी का गला दबाया। सभी उस वक्त गहरी नींद में थे। पुलिस को साड़ी का टुकड़ा मिला है।

एक ही दिन पांच अपनों की अर्थी एक साथ निकलेगी किसने सोचा था। जब इनके शव निकाले गए, तो रिश्तेदार और आसपास के लोग अपने आप को संभाल न सके।

दिवाली के तीसरे ही दिन नवा रायपुर के केंद्री इलाके में सोमवार-मंगलवार की रात कमलेश साहू (35) नाम के एक वेल्डर ने 60 साल की मां, 30 साल की पत्नी, 10 साल की बेटी और 8 साल के बेटे को एक-एक कर गला घोंटकर मार डाला, फिर खुद फंदे पर झूलकर आत्महत्या कर ली। कमलेश के कमरे में उसकी पत्नी और बेटे की लाश मिली। उसने फांसी भी इसी कमरे में लगाई। उसकी मां और बेटी का शव दूसरे कमरे में मिला। घटनास्थल का मुआयना करने के बाद पुलिस और फोरेंसिक अफसरों का कहना है कि गला घोंटते वक्त किसी तरह के विरोध के निशान नहीं मिले हैं। अर्थात, जिनका गला दबाया गया, सोते-सोते ही उनकी मृत्यु हो गई। इस दर्दनाक वारदात से पूरा केंद्री दहल गया है। शुरुआती जांच में लाॅकडाउन की वजह से बिगड़ी आर्थिक स्थिति तथा मानसिक अवसाद (डिप्रेशन) जैसी बातें सामने आ रही हैं। कुछ लोगों का कहना है कि सुसाइड नोट मिला है, हालांकि पुलिस ने ऐसे किसी भी पत्र की बात सिरे से खारिज कर दी है। अभनपुर पुलिस के साथ रायपुर पुलिस की विशेष टीम भी हत्याकांड की जांच में जुट गई है।

सुबह कमलेश और उसके परिवार की मौत की बात तब सामने आई, जब उनकी टंकी का पानी ओवर फ्लो होकर बहने लगा। गांव के कुछ लोगों ने मकान का दरवाजा खटखटाया, लेकिन भीतर से किसी ने जवाब नहीं दिया। गांव वालों ने वहीं कमलेश के मकान के बाजू में रहने वाले उसके भाई को सूचना दी। फिर गांव के सरपंच तक बात पहुंची। सरपंच ने पुलिस को सूचना दी और खुद उसके घर पहुंचे। इस बीच पुलिस आ गई। अब तक गांव वाले कई बार कमलेश के परिवार के एक-एक सदस्य का नाम पुकार चुके थे। भीतर से कोई जवाब नहीं आ रहा था। पुलिस के पहुंचते ही दरवाजा तोड़ा गया। पुलिस और गांव वाले जैसे ही भीतर पहुंचे बिस्तर पर लाशें दिखाईं दी। एक कमरे में लाश के पास ही कमलेश का शव फंदे पर लटक रहा है। पुलिस के प्रारंभिक जांच के अनुसार कमलेश ने रात में पहले अपनी पत्नी और बेटे की गला दबाकर हत्या की। उसके बाद मां और बेटी को मारा। फिर आखिरी में खुद भी फंदे में झूल गया। एएसपी तारकेश्वर पटेल ने बताया कि केंद्री में कमलेश साहू (35) मां ललिता (60), पत्नी प्रमिला (30)और बेटी कीर्ति (10)और बेटा नरेंद्र (8)एक साथ रहते थे। कमलेश नवा रायपुर में वेल्डिंग का काम करता था। मंगलवार को सुबह कमलेश फंदे में लटका मिला है। बाकी सदस्यों के शव बिस्तर पर मिले।

रात में दिखे थे बच्चे

मृतक कमलेश के दो बड़े भाई और तीन बहन हैं। पिता के मौत के बाद तीनों भाई में संपत्ति का बंटवारा हो गया। कमलेश अपनी बुजुर्ग मां काे अपने पास रखा था। उसकी पत्नी गांव में ही मजदूरी करने जाती थी। सोमवार को कमलेश के गांव में मातर था। वह बच्चों को लेकर वहां गया। शाम को बच्चों के साथ ही चिकन लेकर घर लौटा। रात 8.30 बजे उसके बच्चों को आखिरी बार घर के बाहर खेलते हुए देखा गया था। रात 10 बजे मकान की लाइट बंद हो गई थी। पुलिस को शक है कि भोजन के बाद सभी सो गए। जब सभी गहरी नींद में थे, तब कमलेश ने पहले अपनी पत्नी और बेटे की हत्या की। दोनों उसके साथ कमरे में सोते थे। फिर वह दूसरे कमरे में गया और अपनी बुजुर्ग मां व बेटी की हत्या की। फिर अपने कमरे में आकर फांसी लगा ली।

पुलिस को शक घर में बने चिकन में जहर मिलाने से सब बेहोश, फिर हत्या

एक ही परिवार के पांच लोगों की लाशें मिलने के बाद पुलिस अफसरों ने फोरेंसिक एक्सपर्ट की टीम को बुलाया। पूरे मकान की बारीकी से जांच की गई। कमलेश की मां, पत्नी और बेटी-बेटा के गले में निशान हैं और जांच से यह संकेत मिल रहे हैं कि चारों का गला घोंटकर हत्या की गई। गला दबाने के दौरान किसी ने विरोध क्यों नहीं किया? किसी के चिल्लाने या छटपटाने की आवाज सुनकर परिवार के बाकी सदस्यों की नींद क्यों नहीं खुली? इस वजह से भोजन में जहर का शक हुआ है। किचन में पुलिस को पका हुआ चिकन मिला है। इसे जब्त करके जांच के लिए भेजा गया है।

लाॅकडाउन, बीमारी से परेशान होने के कारण था अवसाद में

अभनपुर पुलिस के मुताबिक कमलेश को पथरी की बीमारी थी। वह दर्द से हमेशा परेशान रहता था और इलाज करवा रहा था। उसकी पत्नी प्रमिला को भी किडनी की समस्या थी और थाइराइड भी था। उसके शरीर में अक्सर सूजन आती थी, जिसका इलाज चल रहा था। मां भी बीमार रहती थी। लॉकडाउन के कारण कुछ महीने से कमलेश का काम बंद था। इससे उसके आर्थिक स्थिति भी बिगड़ गई थी और पड़ोसियों का कहना है कि वह अवसाद में नजर आने लगा था। पुलिस को पता चला है कि वह पत्नी को फोन पर बातचीत करते हुए देखकर अक्सर नाराज हो जाता था। इसे लेकर उनके बीच कुछ विवाद भी हुआ था।

इस पूरे मामले में राजधानी को हिला कर रख दिया है वरिष्ठ पुलिस अधिकारी इस पूरे मामले के पर नजर बनाए हुए हैं। इसके साथ ही गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू ने भी पूरे मामले की जांच की आदेश दिया हैं। गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू  ने रायपुर जिले के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय यादव से दूरभाष पर चर्चा की और कहा कि एक ही परिवार के पांच लोगों की मौत होना बड़ी बात है। उन्होंने मौत के कारणों का पता लगाने और इसकी गहराई से जांच कराने के निर्देश दिए है। उन्होंने मौके पर पहुंचे पुलिस अधिकारियों को शवों को लाने और पोस्टमार्डम पर भी ध्यान देने के निर्देश दिए है।