“अभियंता दिवस” पर मुख्यमंत्री बघेल और चरण दास महंत जी ने दी बधाई….ताजमहल इंजीनियरिंग का नमूना….

  • मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अभियंता दिवस पर दी शुभकामनाएं

रायपुर 15 सितंबर- मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अभियंता दिवस के अवसर पर सभी इंजीनियरों को बधाई और शुभकामनाएं दी है। आज यहां जारी अपने शुभकामना संदेश में उन्होंनेे कहा कि भारत के महान इंजीनियर भारत रत्न सर मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया की स्मृति में हम उनके जन्मदिन 15 सितम्बर को अभियंता दिवस के रूप में मनाते हैं।उन्हें आधुनिक भारत के विश्वकर्मा के रूप में बड़े सम्मान के साथ याद किया जाता है। सर विश्वैश्वरैया ने अपनी असाधारण दृष्टि और प्रतिभा से भारत में इंजीनियरिंग के क्षेत्र में अतुलनीय योगदान दिया।

दक्षिण भारत के कर्नाटक को एक विकसित और समृद्धशाली क्षेत्र बनाने में उनका अभूतपूर्व योगदान रहा है। मैसूर में कृष्णा राज सागर बांध सहित अनेक बांधों के निर्माण और कई उद्योगों की स्थापना में उन्होंने अपनी उत्कृष्ठ तकनीकी कुशलता से नये मापदण्ड स्थापित किये। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी राष्ट्र और राज्य के निर्माण में इंजीनियरों की भूमिका महत्वपूर्ण होती है।अपने कार्य के प्रति सर विश्वेश्वरैया की निष्ठा और समर्पण सबके लिए प्रेरणादायक और अनुकरणीय है। उन्होंनेे अभियंताओं से सर विश्वेश्वरैया के आदर्शों और कार्यों से प्रेरणा लेकर प्रदेश के निर्माण में योगदान देने का आव्हान किया है।

  • छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष डॉ चरणदास महंत ने अभियंता दिवस के अवसर पर सभी इंजीनियरों को बधाई और शुभकामनाएं दी है।

डॉ महंत ने कहा कि भारत के महान इंजीनियर भारत रत्न सर मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया की स्मृति में उनके जन्मदिन 15 सितम्बर को अभियंता दिवस के रूप में मनाया जाता है।

भारत के सबसे पहले सिविल इंजीनियर, बांध बनाने वाले, अर्थशास्त्री, राजनेता, और उन्हें पिछली सदी के अग्रणी राष्ट्र-बिल्डरों में रहे हैं। मैसूर में कृष्णा राजा सागर डैम के निर्माण के लिए मुख्य इंजीनियर थे और साथ ही हैदराबाद शहर के लिए बाढ़ सुरक्षा प्रणाली के प्रमुख डिजाइनर भी थे।उन्हें आधुनिक भारत के विश्वकर्मा के रूप में बड़े सम्मान के साथ याद किया जाता है। सर विश्वैश्वरैया ने अपनी असाधारण दृष्टि और प्रतिभा से भारत में इंजीनियरिंग के क्षेत्र में अतुलनीय योगदान दिया।दक्षिण भारत के कर्नाटक को एक विकसित और समृद्धशाली क्षेत्र बनाने में उनका अभूतपूर्व योगदान रहा है। मैसूर में कृष्णा राज सागर बांध सहित अनेक बांधों के निर्माण और कई उद्योगों की स्थापना में उन्होंने अपनी उत्कृष्ठ तकनीकी कुशलता से नये मापदण्ड स्थापित किये।किसी भी राष्ट्र और राज्य के निर्माण में इंजीनियरों की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। अपने कार्य के प्रति सर विश्वेश्वरैया की निष्ठा और समर्पण सबके लिए प्रेरणादायक और अनुकरणीय है।

डॉ महंत ने अभियंताओं को अपनी बधाई संदेश में सर विश्वेश्वरैया के आदर्शों और कार्यों से प्रेरणा लेकर प्रदेश के निर्माण में योगदान देने का आव्हान किया है।

इंजीनियरिंग का बेजोड़ नमूना है ताजमहल

372 साल पहले बनकर तैयार हुआ दुनिया का सातवां अजूबा ताजमहल इंजीनियरिंग का बेजोड़ नमूना है। अभियंता दिवस पर ताजमहल के आर्किटेक्ट और इंजीनियरिंग की तुलना बेमानी है।निर्माण के 372 वर्षों में ताजमहल ने भूकंप और बाढ़ का कहर झेला है, लेकिन उनसे बेअसर रहा। देश के जाने माने नींव विशेषज्ञ प्रोफेसर एस. सी. हांडा के मुताबिक ताजमहल जैसी दुनिया में कोई इमारत नहीं। ताज की नींव भूकंप के झटके झेलने लायक है। इंजीनियरों के मुताबिक ताज सदियों तक बना रहेगा।