खरसिया/ ग्राम पंचायत चपले के समाजसेवियों ने सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र चपले में पीपल व बरगद का किया तथा उनके द्वारा बरगद व पीपल से होने वाले फायदे के प्रति लोगों को किया गया जागरूक.!


खरसिया, 04 अक्टूबर। आपको बता दें कि वातावरण को साफ रखने के लिए पीपल व बरगद के पेड़ संजीवनी का काम करते हैं। पीपल पेड़ के फायदों के बारे में धर्म ग्रंथों के अलावा अन्य साहित्य में उल्लेख मिलता है। पूजे जाने वाले पीपल के पेड़ को हवा को शुद्ध करने वाला सबसे अहम वृक्ष माना गया है। वहीं बरगद न केवल राष्ट्रीय वृक्ष है बल्कि पर्यावरण के दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण है।

बता दें कि पीपल में 33 करोड़ देवी-देवताओं का वास होता है इसी कड़ी में आज ग्राम पंचायत चपले के समाजसेवियों ने सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र चपले मे पीपल व बरगद का वृक्षारोपण किया। जिसमें ईश्वरीय पटेल,लखन पटेल, कन्हैया कुमार, केपी पटेल गोलू,भागवत पटेल व समस्त कांग्रेस परिवार चपले का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

बरगद व पीपल के वृक्ष को औषधि के रूप में भी इस्तेमाल किया जाता है

बरगद के पेड़ से कफ, वात, पित्त दोष को ठीक किया जा सकता है। नाक, कान या बालों की समस्या में भी बरगद के पेड़ के फायदे मिलते हैं। बरगद का वृक्ष विशाल तना और शाखाओं वाला होता है। यह बहुत ही छायादार और लंबे समय तक जीवित रहने वाला पेड़ है। कई पुराने आयुर्वेदिक ग्रंथों में पीपल के पेड़ और इसकी पत्तियों के गुणों के बारे में बताया गया है कि पीपल के प्रयोग से रंग में निखार आता है, घाव, सूजन, दर्द से आराम मिलता है। पीपल खून को साफ करता है। पीपल की छाल मूत्र-योनि विकार में लाभदायक होती है। पीपल की छाल के उपयोग से पेट साफ होता है। यह सेक्सुअल स्टेमना को भी बढ़ाता है और गर्भधारण करने में मदद करता है। सुजाक, कफ दोष, डायबिटीज, ल्यूकोरिया, सांसों के रोग में भी पीपल का इस्तेमाल लाभदायक होता है।