खरसिया/ खरसिया युवा कांग्रेस ब्लाक संयोजक हितेश पटेल ने किसान बिल पर नाराजगी जताते हुए किया विरोध..! केंद्र सरकार से फैसले वापिस लेने का किया मांग..!


खरसिया, 27 सितम्बर। बीते मंगलवार को राज्यसभा में 05 घण्टे चली लंबी बहस के बाद कृषि सुधार के नाम पर लाए गए आवश्यक वस्तु (संशोधन) अधिनियम विधेयक 2020, को मंजूरी दे दी गयी है, जिसके जरिये अनाज, दलहन, तिलहन, खाद्य तेलों, प्‍याज और आलू जैसी वस्‍तुओं को आवश्‍यक वस्‍तुओं की सूची से हटा दिया गया है। दूसरे शब्दों में कहें तो अब निजी खरीददारों द्वारा इन वस्तुओं के भंडारण या जमा करने पर सरकार का नियंत्रण नहीं होगा। जिसका सीधा प्रभाव मध्यवर्गी किसान को पड़ेगा। जिस पर खरसिया के युवा कांग्रेस ब्लाक संजोयक हितेश पटेल (बड़े देवगांव) ने नाराजगी जाहिर की तथा जमकर विरोध किया।

खरसिया ब्लाक संयोजक हितेश पटेल ने बताया कि अगर मंडियां खत्म हो गई तो किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य नहीं मिल पाएगी, कीमतों को तय करने का कोई तंत्र नहीं होगा, जिससे निजी कंपनियां द्वारा किसानों का शोषण होने की संभावनाएं बनी रहेगी। पटेल ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि व्यापारी इसके जरिए फसलों की जमाखोरी करेंगे, इससे बाजार में अस्थिरता उत्पन्न होगी और महंगाई बढ़ेगी। ऐसें में इन्हें नियंत्रित किए जाने की आवश्यकता होगी।