रायगढ़/ हॉस्पिटल में हंगामे के बाद जिला प्रशासन कुंभकर्णीय निद्रा से जागा ! भाजपा अध्यक्ष उमेश अग्रवाल ने सोशल मीडिया में इस विषय पर किया पोस्ट तो लोगों में दिखा आक्रोश ! 06 अक्टूबर को जहर खाने व कोरोना पॉजिटिव होने कारण एक व्यक्ति की हुई थी मौत.. मरीज की मौत के बाद भी मौत की खबर उसके परिजनों को नहीं दी गई और न ही शव को देखने दिया गया ! जब परिजनों के सब्र का बांध टूटा तो 50 से अधिक लोगों ने हॉस्पिटल में दे दिया धरना ! धरने के बाद हरकत में आया जिला प्रशासन ! प्रशासन के देखरेख में चौथे दिन हुआ मृतक का अंतिम संस्कार..! क्या कोरोना काल में ऐसा हो गया रायगढ़ ? लोग कर रहें सवाल.. कह रहे हैं – रायगढ़ से मानवीय संवेदना कहाँ हैं ?


रायगढ़। गुरुवार की रात परिजनों के हंगामे के बाद आखिरकार जिला प्रशासन कुंभकर्णीय निद्रा से जागा और शुक्रवार को पोस्टमार्टम के बाद पोस्टमार्टम के बाद कोरोना मरीज के शव का अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान मृतक के परिजन भी मौके पर उपस्थित थी हालांकि चार दिन बाद सड़े – गले शव को पाकर मृतक के परिजन शव देखे और खूब रोए। जिला जांजगीर धुरकोट निवासी हठारुराम खूंटे  56 वर्ष जो की कोरोना मरीज थे उनकी 06 अक्टूबर को इलाज के दौरान एम्स हॉस्पिटल में मृत्यु हो गई थी इसके बाद स्वास्थ्य विभाग व जिला प्रशासन की बड़ी लापरवाही देखने को मिली।

किसी ने भी हठारुराम खूंटे की मौत की सूचना पीड़ित परिजनों को नहीं दी। यहां तक की दो दिनों तक होने तक शव को देखने तक नहीं दिया गया और न ही अंतिम संस्कार के लिए भेजा गया।

तीन दिन तक जब परिजन को शव नहीं मिला और अंतिम संस्कार भी नहीं हुआ तब उनका गुस्सा फूट पड़ा और गुरुवार की शाम 60-70 लोग एकत्रित होकर अस्पताल के सामने अनशन पर बैठ गए। लगभग डेढ़ घंटे तक हंगामे के बाद शुक्रवार की सुबह पोस्टमार्टम और अंतिम संस्कार के भरोसे पर परिजन मेकाहारा परिसर से गए। माैके पर पहुंची काेतवाली पुलिस ने आक्राेशित लाेगाें काे शांत करा कर किसी तरह मामला शांत कराया। मृतक के दामाद बाबूराम ने बताया कि डॉक्टर कई दिनाें से घूमा रहे हैं। परिजन का आरोप था कि कोई डॉक्टर जवाब नहीं दे रहा है जबकि डॉक्टरों ने आकर तकनीकी बात समझाने की कोशिश की तो भीड़ शोर मचाने लगाी। इसके साथ ही लोग नजदीक आने लगे। ऐसे में मेकाहारा के अफसर और डॉक्टर अंदर चले गए। अफसरों ने कहा, पोस्टमार्टम नहीं हुआ, डॉक्टरों ने कहा पुलिस से पीएम के लिए जो कागज मिलते हैं वो नहीं मिले। परिजनों के धरना प्रदर्शन से स्वास्थ्य विभाग सहित जिला प्रशासन समेत कांग्रेस सरकार की काफी किरकिरी हुई इसका नतीजा रहा कि शुक्रवार को सुबह से ही प्रशासनिक अमला एक्टिव नजर आया जानकारी के मुताबिक नायाब तहसीलदार विक्रांत राठौर और उनकी टीम चक्रधरनगर थाना से एसआई पी बी मिश्रा सुबह से मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंच गए थे। जहां पहले पुलिस ने पंचनामा कार्रवाई की इसके बाद उनकी उपस्थिति में शव का पोस्टमार्टम कराकर सुबह करीब 10:00 बजे प्रशासन ने शव को अपने हैंडओवर में लिया। इसके बाद शव को मुक्तांजलि वाहन से अंतिम संस्कार के लिए अमलीभौना रवाना किया गया।

यही अलग से वाहन में मृतक के परिजन व प्रशासनिक टीम तथा पुलिस मौके पर पहुंची फिर अमली भावना में सभी की मौजूदगी में स्व. हठारुराम का अंतिम संस्कार किया गया।

कलेक्टर भीमसिंह ने लगाई फटकार

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार प्रशासन की लापरवाही उजागर होने के बाद जिला कलेक्टर भीम सिंह ने इसे गंभीरता से लिया है।

कलेक्टर भीम सिंह ने कहा की कोविड से मौत के बाद अंतिम संस्कार के लिए अफसरों की टीम बनी है। सुनने में आया है की उन्होंने एसडीएम और तहसीलदार को जमकर फटकार लगाई और इस मामले की जांच के निर्देश दिए ताकि दोषियों पर कड़ी कार्रवाई के बाद भी कहिए कलेक्टर के बाद मामले की जांच कर रहे हैं

भाजपा अध्यक्ष उमेश अग्रवाल के पोस्ट करते ही सोशल मीडिया में कांगेस सरकार व जिला प्रशासन की खूब हुआ किरकिरी

जिला भाजपा अध्यक्ष उमेश अग्रवाल ने इस विषय पर सोशल मीडिया में अस्पताल प्रबन्धन, जिला प्रशासन व कांग्रेस सरकार की लापरवाही को उजागर करते हुए लिखा :

जिला भाजपा अध्यक्ष के द्वारा जैसे ही यह पोस्ट किया गया उसके बाद जिला प्रशासन व कांग्रेस सरकार के खिलाप लोगों का गुस्सा सोशल मीडिया में फूट पड़ा मामले की गंम्भीरता बढ़ती इससे पहले ही प्रशासन ने एक्शन लेते हुए जैसे तैसे इस संवेदनशील विषय पर परिजनों को समझाया और शव का अंतिम संस्कार करवाया।