शासकीय अधिकारी संवेदनशीलता से आम नागरिकों की समस्याओं का निराकरण करें – कलेक्टर भीम सिंह


जिले में वर्मी खाद की बिक्री प्रारंभ

कलेक्टर की अध्यक्षता में समय-सीमा की बैठक संपन्न

रायगढ़, 10 नवम्बर। कलेक्टर भीम सिंह ने आज कलेक्टोरेट सभाकक्ष में टीएल (समय-सीमा)की बैठक लेकर सभी विभागीय कार्यों के साप्ताहिक प्रगति की समीक्षा की। गोधन न्याय योजना की समीक्षा करते हुये उन्होंने कहा कि जिले की गोठानों में वर्मी खाद की बिक्री प्रारंभ हो गयी है। सभी जनपद सीईओ इस बात का ध्यान रखें कि शासन के निर्देशों के अनुसार खाद की बिक्री एप के माध्यम से होगी और पैकेजिंग करके ही खाद की बिक्री की जाये, गोबर बिक्री से प्राप्त राशि से ही पशुपालकों और किसानों से गोबर की खरीदी की जायेगी। इस प्रकार जिले की सभी गोठान आत्मनिर्भर हो सकेंगे। कलेक्टर श्री सिंह ने कहा कि जिले के कौन से गोठानों में कितनी मात्रा में खाद उपलब्ध है इसकी सूचना निरंतर जारी करते रहे और उन्होंने ग्रुप में भी शेयर करने के निर्देश दिये, जिससे शासकीय विभाग तथा जिले के किसानों सहित कोई भी व्यक्ति अपनी उपयोग के अनुसार वर्मी खाद क्रय कर सकेंगे।

खाद बिक्री की ऑनलाइन जानकारी सीएम पोर्टल में भी दर्ज करावें। गोबर खरीदी में गड़बड़ी पाये जाने पर जनपद सीईओ जिम्मेदार होंगे। कलेक्टर श्री सिंह ने कहा कि राज्य शासन के निर्णय अनुसार प्रत्येक ग्राम पंचायत में गोठान और चारागाह बनाया जाना है अत: सभी एसडीएम और जनपद सीईओ यह सुनिश्चित करें कि गोठान के साथ चारागाह भी स्वीकृत किया जाये और जहां पर गौठान के लिये चिन्हांकित जमीनों पर अतिक्रमण है वहां से अतिक्रमण हटाया जाये, साथ ही औद्योगिक क्षेत्र होने तथा अन्य कारणों से यदि गोठान-चारागाह नहीं बन सकता है तो इसका भी रिपोर्ट प्रस्तुत करें। उन्होंने प्रत्येक गोठान के पास चारागाह की स्थिति और चारागाहों में लगाई गई फसल की भी जानकारी ली और जिन चारागाहों में फेंसिग नहीं है वहां पर चौड़े सीपीटी तैयार करने के निर्देश दिये जिससे हरे चारा की पशुओं से सुरक्षा हो सकेगी।


कलेक्टर श्री सिंह ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि मैदानी क्षेत्र के कार्यालयों तथा जिला मुख्यालय द्वारा प्रस्तुत जानकारियों में एकरूपता होनी चाहिये। उन्होंने सभी अधिकारियों को अपना कार्य संवेदनशीलता के साथ करने को कहा और एक दूसरे विभागों से समन्वय और संवाद बना रहना चाहिये। कलेक्टर श्री सिंह ने अधिकारियों के कार्यक्षमता में वृद्धि के लिये आवश्यक प्रशिक्षण दिये जाने की कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि आम नागरिकों का विश्वास अधिकारियों-कर्मचारियों की कार्यशैली से बढ़ता है। सरकार के प्रति विश्वास बढ़ाने के लिये अधिकारियों को कड़ी मेहनत और लगन से कार्य करना होगा, जिले के ग्रामीण अंचल से आने वाला कमजोर व्यक्ति बहुत उम्मीद लेकर अधिकारियों के पास आता है। अत: उनकी भावनाओं को समझते हुये उनकी समस्याओं का निराकरण प्राथमिकता से करना चाहिये।

जब सामान्य व्यक्ति को स्थानीय प्रशासन से न्याय नहीं मिलता है तो वह विवश होकर प्रदेश की राजधानी जाकर मुख्यमंत्री जी से मिलकर अधिकारियों की शिकायत करता है। ऐसी स्थिति में हमारा प्रयास होना चाहिये कि जिले के सभी एसडीएम अपने क्षेत्र के लोगों की समस्यायें सुने और उनका निराकरण करें। उन्होंने जिले के धान खरीदी केन्द्रों में पहुंच मार्ग, शौचालय, किसानों के बैठने का स्थान, स्वच्छ पेयजल, बिजली व्यवस्था की अद्यतन जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश उप पंजीयक सहकारी समिति को दिये। एक दिसम्बर से धान खरीदी आरंभ हो रही है इसमें किसी प्रकार का व्यवधान नहीं आना चाहिये।


कलेक्टर श्री सिंह ने कहा कि वर्तमान त्यौहार के समय में बाजारों में भीड़ बढ़ गई है, कोरोना संक्रमण की रोकथाम और बचाव हेतु प्रशासन और पुलिस विभाग मास्क की अनिवार्यता और सोशल डिस्टेसिंग के नियमों का पालन कड़ाई से कराने के निर्देश दिये। उन्होंने मुख्यमंत्री शहरी स्लम स्वास्थ्य योजना के अंतर्गत श्रमिकों के स्वास्थ्य जांच कराये जाने हेतु सभी श्रमिकों के लेबर कार्ड बनाये जाने के लिये श्रम विभाग के अधिकारी को निर्देशित किया और श्रम निरीक्षक को स्वास्थ्य जांच के दौरान मोबाइल यूनिट में उपस्थित रहने को कहा। कलेक्टर श्री सिंह ने कहा कि जिला मुख्यालय रायगढ़ में अंग्रेजी माध्यम स्कूल संचालन के लिये चिन्हांकित भवन के मरम्मत हेतु 3 करोड़ 22 लाख रुपये स्वीकृत किये गये है इस राशि से आकर्षक और सभी आवश्यक सुविधाओं लैब, लायब्रेरी, स्टाफ रूम से सुसज्जित भवन तैयार होगा जिससे वहां पढऩे वाले छात्र और पढ़ाने वाले शिक्षक स्वयं को गौरवान्वित अनुभव कर सकेंगे।

उन्होंने राजस्व तथा आदिवासी विकास विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि वन क्षेत्र में निवास कर रहे व्यक्तियों का सर्वेक्षण कर अधिक से अधिक संख्या में वन अधिकार पट्टा स्वीकृत करने की कार्यवाही करें। उन्होंने किसान क्रेडिट कार्ड तैयार किये जाने की प्रगति और हितग्राहियों को स्वरोजगार के लिये ऋण संबंधी प्रकरणों की भी समीक्षा की तथा बैंक खाता खोले जाने पर केन्द्र शासन द्वारा दी जाने वाली बीमा कवर राशि तथा अन्य योजनाओं की जानकारी खाता धारकों को एसएमएस या पत्र द्वारा सूचित करने के निर्देश लीड बैंक प्रबंधक को दिये।


कलेक्टर श्री सिंह ने मुख्यमंत्री जनचौपाल में प्राप्त आवेदनों का निराकरण दो माह के निर्धारित समय-सीमा में करने के निर्देश दिये। बैठक के दौरान अपर कलेक्टर श्री आर.ए.कुरूवंशी, निगम आयुक्त श्री आशुतोष पाण्डेय सहित सभी जिला स्तर के कार्यालय प्रमुख उपस्थित थे और सभी एसडीएम, तहसीलदार और जनपद सीईओ वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े रहे।