शव लेने को मृतक के परिजनों ने मचाया हंगामा..! कोरोना पाज़ीटिव व्यक्ति ने जहर खाकर आत्महत्या की..!


रायगढ़ । गुरुवार की रात लगभग 8 बजे मेकाहारा में अपने परिजन का शव मांग रहे लोगों ने जमकर बवाल काटा। समझाने आए डॉक्टरों की नहीं सुनी। भीड़ और कोविड के खतरे को देख डॉक्टर अंदर चले गए। पुलिस आए, समझाया तो धरने पर बैठ गए। ग्रामीण डभरा से आए थे। परिजन कोविड से मरने वाले बुजुर्ग का शव मांग रहे थे। मामला जहर खाने का भी था इसलिए शव का पोस्टमार्टम होना था। दो दिन तक मेकाहारा के डॉक्टरों ने पोस्टमार्टम नहीं कराया इसलिए शव मॉर्चरी में पड़ा रहा। मेकाहारा प्रबंधन ने जहां प्रशासन और पुलिस को सूचना देने की बात कही वहीं नायब तहसीलदार ने कहा कि 6 अक्टूबर को मौत के बाद शव मेकाहारा की मॉर्चरी में शिफ्ट हुआ। 7 को ही उन्होंने डॉक्टरों से पोस्टमार्टम के लिए कहा लेकिन 8 अक्टूबर की रात तक पीएम नहीं हुआ। बहरहाल कलेक्टर ने मामले की जांच कराने के आदेश दिए हैं। 24 सिंतबर काे धुरकाेट थाना डभरा जांजगीर के पठारु राम खूंटे (60) काे जहर खाने के बाद मेकाहारा में भर्ती कराया गया था। इलाज के दाैरान ही उसकी रिपाेर्ट पॉजिटिव आ गई। जिस पर उसे दूसरे दिन काेविड हाॅस्पिटल में गंभीर हालत में भर्ती करा दिया गया। इलाज के दाैरान ही 6 अक्टूबर काे उसकी माैत हाे गई। मृतक के शव का अंतिम संस्कार तहसीलदार और एसडीएम की उपस्थिति में किया जाएगा। तीन दिन तक जब परिजन को शव नहीं मिला और अंतिम संस्कार भी नहीं हुआ तब उनका गुस्सा फूट पड़ा और गुरुवार की शाम 60-70 लोग एकत्रित होकर अस्पताल के सामने अनशन पर बैठ गए। लगभग डेढ़ घंटे तक हंगामे के बाद शुक्रवार की सुबह पोस्टमार्टम और अंतिम संस्कार के भरोसे पर परिजन मेकाहारा परिसर से गए। माैके पर पहुंची काेतवाली पुलिस ने आक्राेशित लाेगाें काे शांत करा कर किसी तरह मामला शांत कराया। मृतक के दामाद बाबूराम ने बताया कि डॉक्टर कई दिनाें से घूमा रहे हैं। परिजन का आरोप था कि कोई डॉक्टर जवाब नहीं दे रहा है जबकि डॉक्टरों ने आकर तकनीकी बात समझाने की कोशिश की तो भीड़ शोर मचाने लगाी। इसके साथ ही लोग नजदीक आने लगे। ऐसे में मेकाहारा के अफसर और डॉक्टर अंदर चले गए। अफसरों ने कहा, पोस्टमार्टम नहीं हुआ, डॉक्टरों ने कहा पुलिस से पीएम के लिए जो कागज मिलते हैं वो नहीं मिले।

कलेक्टर बोले: बर्दाश्त नहीं यह, जांच कराएंगे..!

कलेक्टर भीम सिंह ने कहा, कोविड से मौत के बाद अंतिम संस्कार के लिए अफसरों की टीम बनी है। 6 अक्टूबर को मरीज की मौत के बाद नायब तहसीलदार को सूचना दी गई। जहर खाने के बाद मरीज को अस्पताल लाया गया था इसलिए 7 अक्टूबर को पोस्टमार्टम कराया जाना था। परिजन की इच्छा थी कि शव का दाह संस्कार रायगढ़ में ही हो जाए। दो दिन तक शव मॉर्चुरी में क्यों रखा रहा, पोस्टमार्टम क्यों नहीं किया गया। मैंने जांच के आदेश दिए हैं जो भी अफसर या कर्मचारी इसमें दोषी पाया जाएगा, कार्रवाई होगी।