रायगढ़/ बैंक में एफडी और गाड़ी फाइनेंस के नाम पर किया था 4.76 हजार रुपये की धोखाधड़ी, शातिर ठगबाज शशीभूषण महेंद्र चढा कोतरारोड़ पुलिस के हत्थे..!


रायगढ़, 10 नवम्बर। कोतरारोड़ पुलिस द्वारा आज दिनांक 10.11.2020 को एक शातिर जालसाज को गिरफ्तार किया गया । आरोपी द्वारा एक ड्रायवर को बैंक में एफडी कराने एवं गाड़ी फायनेंस के नाम पर  चार लाख छिहत्तर हजार रूपये की ठगी किया था । आरोपी पिछले चार दिनों से गिरफ्तारी के भय से पुलिस से लूकछिप रहा था, थाना प्रभारी कोतरारोड़ निरीक्षक चमन सिन्हा द्वारा मुखबिर एवं स्टाफ लगाकर आरोपी को धर दबोचा गया जिसे आज न्यायिक अभिरक्षा पर भेजा गया है । 

जानकारी के अनुसार आवेदक रमजान अंसारी आ. कलीम अंसारी उम्र 28 वर्ष निवासी जय जगन्नाथ ट्रांसपोर्ट मंगलूडीपा रायगढ जो पेशे से ड्राईवर है । आवेदक ने बताया कि जगन्नाथ ट्रांसपोर्ट कंपनी के सामने शशिभूषण महेन्द्र का मकान है । शशिभूषण को लगभग 4 वर्ष से जानता है । वर्ष 2016 जनवरी में शशिभूषण इसे बैंक में एफडी एवं गाडी फायनेंस कराने वाला बताया था । आवेदक को शशिभूषण आश्वासन दिया  कि वह  उसके नाम से 12 चक्का 3118 टाटा गाडी फायनेंस करवा देगा जिससे वह अपनी गाडी का मालिक बनकर ज्यादा पैसा कमायेगा । उसकी बातों में आकर रमजान फरवरी 2016 में 80,000/- रूपये शशिभूषण को एफडी कराने के नाम पर दिया,  जिसके कुछ दिन बाद शशिभूषण एक पास बुक बनवाकर रमजान को दिया । शशिभूषण की बातों में आकर जून 2017 में रमजान उसे गाडी फायनेंस कराने के लिए 3,96,000/- रूपये अपने दोस्तों  के सामने दिया था । शशिभूषण एक माह के अंदर गाडी फायनेंस हो जायेगा, दो माह के अंदर गाडी का डाला बनवाकर दिलवा दूंगा कहकर टाल मटोल कर रहा था किन्तु आज पर्यन्त तक उसके द्वारा गाडी फायनेंस कराकर नही दिया गया और न ही पैसा वापस किया गया और शशिभूषण के द्वारा जो एफडी का पास बुक प्रिंट कराकर दिया गया था वह पास बुक भी फर्जी निकला जिसमें सील भी नही लगी थी । आवेदक के शिकायत पत्र की जांच पर दिनांक 06.11.2020 को अप.क्र. 220/2020 धारा 420 भादंवि दर्ज कर विवेचना में लिया गया था । आरोपी को भनक लग गई थी कि उसके विरूद्ध थाना कोतरारोड में कार्यवाही हुई है, तब से वह फरार था जिसे गिरफ्तार कर आज रिमांड पर भेजा गया है । आरोपी पतासाजी व गिरफ्तारी में टीआई कोतरारोड के साथ सहायक उपनिरीक्षक डी.पी. भारद्वाज, एएसआई अर्जुन चंद्रा, आरक्षक विनोद सिंह, उमाशंकर, संतोष मिरी एवं महिला आरक्षक मिथिलेश पैंकरा की सक्रिय भूमिका रही है ।