रायगढ़/ केजीएच अस्पताल में शव ले जाने के लिए परिजनों ने खूब मचाया हंगामा..!

रायगढ़, 14 सितंबर। केजीएच अस्पताल में कल दोपहर उस समय बखेड़ा खड़ा हो गया जब इलाज के दौरान एक शख्स की मौत के बाद अस्पताल प्रबंधन ने यह कहते हुए परिजनों को लास्ट सौंपने से मना कर दिया कि बिना कोरोना जांच के लाश नहीं दे सकते। इसको लेकर परिजनों ने अस्पताल में खूब हो हंगामा मचाना शुरू कर दिया मगर लास्ट तभी सौंपी गई जब मृतक की रिपोर्ट कोरोना नेगेटिव आई।

कोरोना संक्रमण काल में अब मौत के बाद लाश को लेकर विवाद होने लगा है। जिले में कई मौतें ऐसी हो चुकी हैं जिसमें मरीज के इलाज के दौरान अस्पताल में मौत हुई और फिर जांच में उसकी कोरोना रिपोर्ट भी पॉजिटिव मिली। यही वजह है कि अब अस्पतालों में मरीजों की मौत के बाद तब तक लाश को परिजनों के हवाले नहीं किया जा रहा है। जब तक उसका कोरोना टेस्ट न हो और और वह नेगेटिव ना मिले क्योंकि पॉजिटिव केस में दाह संस्कार के काम प्रशासन को पूरी एतिहात के साथ करना पड़ता है। इसी बात को लेकर आज के केजीएच अस्पताल में अस्पताल प्रबंधन व परिजनों में काफी विवाद हो गया और हंगामा मच गया।

बताया जाता है कि खरसिया निवासी अजय अग्रवाल 52 वर्ष को अंदरूनी बीमारी के इलाज के लिए 11 सितंबर को यहां भर्ती कराया गया था उपचार दौरान उसकी हालत में सुधार नहीं हो सका और आज सुबह अस्पताल में उसकी मौत हो गई मृत्यु के बाद उसके घर वाले लाश को अंतिम संस्कार के लिए खरसिया ले जाने की तैयारी करने लगे मगर अस्पताल प्रबंधन ने उन्हें लाश देने से मना कर दिया और इसी बात को लेकर विवाद बढ़ता ही गया अस्पताल प्रबंधन का कहना था की कोरोना काल में बिना मृतक के कोरोना टेस्ट किए हम लाश को ले जाने की अनुमति नहीं दे सकते। पहले टेस्ट होगा उसमें अगर रिपोर्ट नेगेटिव आई तभी हम लाश देंगे अन्यथा प्रशासन को सूचना देंगे यह सुनते हैं मृतक के परिजन भड़क उठे और प्रबंधन के साथ बहस करते हुए हंगामा मचाना शुरू कर दिया।

कोरोना टेस्ट रिपोर्ट आई नेगेटिव तब विवाद थमा

काफी हो हंगामे के बाद जब अस्पताल प्रबंधन ने उन्हें समझाया कि यह सब सुरक्षा की दृष्टि से ही किया जा रहा है और इसके लिए शासन के भी निर्देश हैं तब कहीं जाकर परिजन मृतक का कोरोना टेस्ट कराने को राजी हुए टेस्ट हुआ रिपोर्ट नेगेटिव आई तब कहीं जाकर लाश परिजनों को सौंपा गया और विवाद की स्थिति का पटाक्षेप हुआ।