रायगढ़ / कोरोना के कारण काम पिछड़ा.. चौथी लाइन निर्माण में लग सकते हैं 2 साल.. रायगढ़-सारागांव के बीच सेक्शन को पूरा करने में लगी टीम..!


रायगढ़ / बिलासपुर से झारसुगुड़ा के बीच बनने वाली चौथी लाइन की रफ्तार धीमी पड़ गई है। शुरुआत में इसे 2019 तक पूरा किया जाना था, फिर इसे 2020 किया गया, लेकिन कोरोना के कारण इसे पूरा होने में दो साल का समय और लग सकता है। चौथी लाइन का लाभ लेने के लिए लंबा इंतजार करना पड़ सकता है। बिलासपुर-झारसुगड़ा के बीच 209 किलोमीटर की चौथी रेल लाइन बिछाई जा रही है। प्रोजेक्ट पहले से अपने समय-सीमा से विलंब से चल रही थी। इसी बीच कोरोना ने फिर से प्रोजेक्ट की रफ्तार धीमी कर दी। कोरोना के कारण बाहर से आए मजदूर अपने घर लौट गए। काम पूरी तरह ठप पड़ गया। अब मजदूर लौट रहे हैं लेकिन संख्या पर्याप्त नहीं है। तीसरी लाइन चांपा से झारसुगुड़ा के बीच लगभग पूरी हो चुकी है। सभी सेक्शनों में काम भी पूरा करने के बाद कमीशनिंग भी की जा चुकी है। लेकिन ईब के बाद कुछ हिस्से को तीसरी लाइन से जोड़ना बाकी है। इसी तरह चौथी लाइन भी झारसुगुड़ा की ओर से ब्रजराजनगर तक पहुंचा है। रायगढ़ से बिलासपुर के बीच अभी पूरा काम बाकी है। शुरुआत में काम 2020 तक कंप्लीट करने का टारगेट था। लेकिन अब इसे पूरा होने में दो साल का वक्त और लग सकता है। अफसरों के अनुसार कोरोना के कारण काम की रफ्तार पूरी तरह धीमी हो चुकी थी। इस वजह से रेलवे एक साल पीछे चला गया। इसकी वजह निर्माण के लिए मजदूरों की कमी और बार-बार लॉकडाउन लगाने को बताया जा रहा है। बहरहाल तीसरी लाइन का निर्माण पूरा होने से रायगढ़ से बिलासपुर के बीच ट्रेन की स्पीड बढ़ेगी और इसका लाभ यात्रियों को मिलेगा और वे अपने गंतव्य स्थान पर जल्दी पहुंचेगा। रेलवे को इसका लाभ होगा।

चौथी लाइन के लिए 1100 करोड़ रु. का टेंडर..!

बिलासपुर से रायगढ़ चौथी लाइन के लिए रेलवे ने 1100 करोड़ रुपए का टेंडर जारी किया गया था। बाद में इसे निरस्त कर छोटे-छोटे टुकड़ों में जारी किया गया। छोटे-छोटे सेक्शनों में काम बांट कर करने से गाड़ियां प्रभावित नहीं होने का तर्क रेलवे दे रही है। इस टेंडर पर काम शुरू होने के बाद ही कुछ जगहों पर फिर से दिक्कत आई।

चांपा-खरसिया के बीच चल रहा काम..!

वर्तमान में चांपा से खरसिया के बीच चौथी लाइन में काम चल रहा है। इस बीच रायपुर का ठेकेदार पटरियां बिछाने का काम कर रहा है। अभी फिलहाल अर्थवर्क ही हो पाया है। बाकी पूरा काम बाकी है। इसी तरह कटिंग, फिलिंग से लेकर पटरियों को बिछाने का काम पूरा होने में अभी इसी इसी बीच छह माह का समय लगने की बात कही जा रही है।