रायगढ़/ प्याज की महंगी झांस क्या कम थी जो अब आलू हुआ 50 रु किलो.. आपदा में अवसर देख जमाखोर कोरोनाकाल का खूब उठा रहें है लाभ.. प्रशासन को उठाने होंगे बड़े कदम..!


रायगढ़, 03 नवम्बर। शहर के सब्जियों के बाजार में कालाबाजारी बदस्तूर जारी है। हाल के दिनों में प्याज की जमाखोरी करने वालों पर सरकार ने शिकंजा कसा, तो जमाखोरों की बुरी नजर आलू पर लग गई। जमाखोरों के चंगूल से मुक्त होने के बाद प्याज की झांस तो नरम पड़ गई, मगर आलू आंख तरेरने लगा। बाजार के जानकार बताते हैं कि आलू के आमद में न तो कमी आई है और न ही बिक्री बढ़ी है। इसके बावजूद भाव में अचानक उछाल आ गया। दो महीने तक 30 रूपये किलो बिकने वाले आलू की कीमत खुदरा बाजार में अब 50 रुपये किलो तक पहुंच गई है।

गरीब से लेकर अमीर तक सभी की पसंद है आलू

आलू आमजन के बीच सबसे लोकप्रिय सब्जी है। शायद ही कोई होगा, जिसे आलू पसंद न हो। यही वजह है कि गृहणियां मानती हैं कि घर में आलू, प्याज और टमाटर हो तो हर संकट में आसानी से भोजन तैयार कर लेंगी। मगर इस वर्ष जमाखोरों ने इन्हीं लोकप्रिय सब्जियों पर अपनी नजर लगा दी है। सबसे पहले बाजार में टमाटर लाल हुआ और इसकी कीमत 80 रुपये किलो तक पहुंच गई। टमाटर के भाव में नरमी आई, तो प्याज की झांस ने सबको रुला दिया।

प्रशासन ने प्याज पर नकल करने की कोशिश की तो जमाखोरों ने आलू का रेट बढ़ा दिया

सरकार भी लोगों के आंसू पोछने आई और जमाखोरों पर नकेल कसी, तो अब आलू निशाने पर आ गया है। बाजार में आलू की उपलब्धता और खपत में कोई असंतुलन नहीं है। थोक से लेकर खुदरा बाजार में यह पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। इसके बावजूद मात्र एक सप्ताह में ही खुदरा बाजार में इसकी कीमत में 20 स्र्पये प्रति किलो का इजाफा हो गया।

₹50 किलो बिक रहा है आलू

पिछले दो दिनों से बाजार में आलू 50 रु किलो बिक रहा है, जबकि आलू व्यवसायियों के समक्ष इस समय आलू का पुराना स्टाक खपाने की चिंता है, क्योंकि बाजार में नया आलू आने वाला है। इसके बावजूद जमाखोरों और कालाबाजारियों के कारण आलू सख्त होकर आंखें तरेर रहा है।

प्रशासन को करना होगा हस्तक्षेप

₹50 किलो आलू बिक रहा है और मजबूरी में लोग इसे खरीद रहे बारहमासी मिलने वाले आलू की कीमत में इतनी बड़ी उछाल जमाखोरी के कारण हुई है। जिला प्रशासन को आलू और प्याज के महंगाई के विषय में बड़ा कदम उठाना होगा क्योंकि यह दोनों सब्जियां प्रत्येक इंसान की जरूरत है और आज प्याज के साथ साथ आलू भी महंगी आंखें दिखा रहा है। गरीब व मध्यम वर्गीय परिवार के लिए कोरोना काल बहुत बड़ी आपदा बनकर सामने आई है ऊपर से यह महंगाई आज हर वर्ग के पेट में आग लगा रही है।