पंडालों में कल विराजेंगी मां दुर्गा..! इस बार 50 लोगों की उपस्थिति में होगा रावण दहन..!


रायगढ़ । शहर में कोरोना संक्रमण का असर दुर्गोत्सव पर दिखेगा। शुक्रवार से कुछ पंडालों में ही मां दुर्गा की प्रतिमा स्थापित होगी। पिछले साल तक जहां भव्य पंडाल बनते थे वहां या तो पंडाल नहीं बने हैं या पास के मंदिर में ही छोटी मूर्ति रख सार्वजनिक दुर्गोत्सव की परंपरा निभाई जाएगी। दशहरे पर रामलीला मैदान में सीमित लोगों की उपस्थिति में ही रावण दहन होगा।

शहर में स्टेशन चौक, काली बाड़ी, हंडी चौक, गांजा चौक, दक्षिण चक्रधर नगर चौक, गांजा चौक, टीवी टावर जैसे इलाकों में दुर्गा पंडाल बैठाने का निर्णय लिया गया है । वहां पंडाल बनाने की तैयारियां भी शुरू कर दी गई है । रेलवे स्टेशन में बंगाली समाज, बैकुंठपुर और सत्तीगुड़ी चौक में भी इस वर्ष दुर्गोत्सव नहीं होगा। गांधी गंज, गौरी मंदिर चौक, रामनिवास टॉकीज चौक, गद्दी चौक में मंदिर और आसपास घरों में प्रतिमा की स्थापना करने का निर्णय लिया गया है। यहां पर लाइटिंग और सजावट करने की तैयारियां शुरू कर दी गई है। शुक्रवार को सप्तमी के दिन पंडालों में मां दुर्गा की पूजा अर्चना के साथ स्थापना होगी, लेकिन इससे पहले दुर्गा प्रतिमाओं को अंतिम रूप देने में मूर्तिकार दिनरात लगे हैं। हंडी चौक दुर्गाउत्सव समिति के अध्यक्ष सलीम नियारिया ने बताया कि 6 फीट ऊंची मूर्ति तैयार की जा रही है। राष्ट्रीय एकता कायम रखने के थीम पर 15 गुना 15 फीट का पंडाल तैयार किया गया है। गांजा चौक में भी सादगी के साथ सामान्य तरीके से दुर्गोत्सव मनाने का निर्णय लिया है।

50 लोगों के साथ रावण दहन करेंगे..!

रामलीला मैदान में हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी रावण दहन का कार्यक्रम किया जा रहा है। समिति के अध्यक्ष दीपक पाण्डेय ने बताया कि 50 लोगों के साथ में रावण दहन कार्यक्रम करने की अनुमति प्रशासन से मिली है, इसमें सिर्फ 6 फीट का रावण का पुतला तैयार होगा। रेलवे स्टेशन चौक स्थित नटवर स्कूल स्थित मैदान में समिति के गुरुपाल भल्ला ने बताया कि रावण दहन को लेकर यहां पर अंतिम निर्णय नही हुआ है।

पहले जैसी धूमधाम नहीं दिखेगी..!

पिछले वर्षों तक बड़े धूमधाम से सार्वजनिक दुर्गोत्सव मनाया जाता था, लेकिन कोरोना संक्रमण के खतरे को देखते हुए सरकार ने गाइडलाइन जारी की है। इसके पालन पर ही एसडीएम द्वारा उत्सव की अनुमति दी गई है। दक्षिण चक्रधर नगर दुर्गा उत्सव समिति के अध्यक्ष आशीष ताम्रकार ने बताया कि स्थानीय लोक संस्कृति को देखते हुए वहां पर छोटा सा पंडाल तैयार किया जा रहा है। गोपाल बापोड़िया ने बताया कि गांधी गंज में राणी सती मंदिर में दुर्गा उत्सव मनाने का निर्णय लिया गया है। इन दोनों जगहों पर पिछले साल तक झांकियों के साथ काफी धूमधाम के साथ मां दुर्गा की स्थापना की जाती थी। रेलवे के दुर्गा उत्सव समिति के अनूप बोस ने बताया कि काली मंदिर में पूजा अर्चना के साथ वहां पर दीए जलाने का निर्णय लिया गया है, यहां पर 50 वर्षों की परंपरा टूटी है।