छाल (एडू) रेंज में 44 हाथी घूम रहे हैं लोगों को है जान का डर, इसलिए फसल की रखवाली करना भूले..!


रायगढ़ (एडू) । छाल वन परिक्षेत्र में हाथियों की आमद से किसानों की खुशियों को ग्रहण लग गया है। किसान इस दुविधा है कि हाथी से फसल की रक्षा करें या अपनी जान बचाएं। अभी छाल रेंज में 44 हाथी का दल विचरण कर रहा है। इसमें हाटी सर्किल में 36 से अधिक हाथी अलग-अलग झुंड में विचरण कर रहे हैं हालाकि विभाग हर गांव में हाथी ट्रेकर के माध्यम से उनकी लोकेशन का पता लगा रहा है, फिर भी किसान की पकती फसल को बर्बाद होने से नहीं बचा पा रहे हैं।

ग्रामीणों ने बताया कि हाथी पुरूगा गांव के आसपास ही विचरण कर रहे हैं और फसल को रौंद रहे हैं। कल शाम श्याम पटेल की डेढ़ एकड़ एवं जनक पटेल की एक एकड़ फसल और खेत में लगे बोर पंप को उखाड़ दिया। पिछले सप्ताह भर से हाथी फसल को नुकसान पहुंचा रहे हैं। जानकारी फारेस्ट विभाग को दी जा चुकी है। गांव से 500 मीटर की दूरी पर ही खेत है, जहां रोजाना हाथी आ रहे हैं।

इसके बावजूद किसान फसल को नही बचा पा रहे हैं। जंगल अंदर के खेत में रखवाली तो खतरे से खाली नहीं है। विभाग बता रहे है कि 44 हाथी का दल छाल रेंज में विचरण कर रहे है हालांकि रोज कहीं न कहीं से फसल की के नुकसान की सूचना तो मिल रही है लेकिन विभाग लेमरू अभयारण्य की तैयारी में लगा है।

इससे ग्रामीणों की समस्या एवं वन्यप्राणी की सुरक्षा मिल सकती है। इस इलाके में हाथी और ग्रामीणों के बीच द्वंद चल रहा है। हाल ही में वन मंडल में करंट से हाथियों की मौत हुई है वहीं दो ग्रामीणों ने भी जान गंवाई है।