गड़बड़ी:फर्जी मस्टर रोल बनाकर मजदूरों के पैसे पत्नी और भाई के खाते में डाले..!


रायगढ़, 28 सितम्बर । शहर से सटे खैरपुर ग्राम पंचायत के रोजगार सहायक दीनबंधु सिदार ने भी फर्जी तरीके से मनरेगा में काम करने वाले मजदूरों की मजदूरी अपने पत्नी भाई और पूर्व सरपंच के खातों में फर्जी मस्टर रोल बनाकर 5 लाख रुपए से ज्यादा ट्रांसफर किए हैं। लंबे समय तक रोजगार सहायक द्वारा मजदूरों को भुगतान के लिए घुमाने के बाद जब उन्होंने मनरेगा पोर्टल की जांच की तब इस मामले का खुलासा हुआ।

मामले में पीड़ित मजदूरों ने उप सरपंच चंदा गुप्ता के नेतृत्व में कलेक्टर से शिकायत की है। मामले में मजदूरों ने बताया कि रोजगार सहायक उन्हें लंबे समय से भुगतान उनके खातों में ट्रांसफर करने की बात कह रहा था लेकिन जब वे बैंक पहुंचे तो रुपए खाते में जमा ही नहीं कराए गए थे। इस मामले की जानकारी पंचायत के पंच और उपसरपंच को लगी तो उन्होंने ऑनलाइन मनरेगा पोर्टल में जाकर भुगतान की पूरी डिटेल निकाली। तब जाकर उन्हें पता चला कि रोजगार सहायक ने मजदूरों की बजाय अपनी पत्नी श्रीमती सिदार भाई नीलकंठ सिदार और पूर्व सरपंच श्याम बंधु के खातों में लंबे समय से पैसे भुगतान कर रहा है। इतना ही नहीं गांव के पूर्व सरपंच और अन्य लोगों के खातों में भी मजदूरों को गुमराह कर रुपयों का भुगतान किया गया है। फिलहाल इस मामले में शिकायत कलेक्टर ने जिला पंचायत को प्रेषित कर मामले में जांच के निर्देश दिए हैं।

पूर्व सरपंच के खाते में 36 हजार जमा कराए..!
बगैर काम पूर्व सरपंच श्याम बंधु के खाते में रोजगार सहायक ने कुल 36 हजार 8 रुपए भुगतान किए हैं। उन्होंने 2019-20 में सरपंच को 108 दिवस काम करना बताया है, और 19 हजार रुपए भुगतान किए हैं। इसी तरह 2009 में 28 दिवस के लिए 42 सौ रुपए और साल 2008-09 में 100 दिवस काम बता कर कुल 12 हजार 800 रुपए भुगतान करना दर्शाया है।

पत्नी और भाई के नाम पर 1.13 लाख डाले..!
रोजगार सहायक ने अपनी पत्नी और भाई के खाते में 1 लाख 13 हजार रुपए ट्रांसफर किए हैं। पत्नी श्रीमती सिदार के नाम पर 2010 में 87 दिन के 87 सौ, 2013-14 में 82 दिन के लिए 11800 रुपए, 2014 में 24 दिन कार्य बता कर 37 सौ और 2017 में 41 सौ रुपए और 2019-20 में 15 हजार से ज्यादा रकम ट्रांसफर किए हैं। भाई के खाते में इसी तरह 2008-09 में 11 हजार 912 रुपए, 2013 में 82 दिवस कार्य बता कर 12 हजार रुपए और 2017-18 में 105 दिन रोजगार दिखा कर 24 हजार रुपए से ज्यादा रुपए डाले हैं।

चोरी पकड़े जाने के डर से जॉब कार्ड नहीं दिया…!
ग्राम पंचायत में मनरेगा के अंतर्गत करीब 450 मजदूरों के नाम जॉब कार्ड बनाया गया है लेकिन इतने सालों से किसी एक को भी जॉब कार्ड नहीं दिया गया है। ग्रामीणों को जब से इसकी जानकारी लगी है, वे इसकी मांग कर रहे हैं लेकिन अपनी चोरी पकड़े जाने के डर से रोजगार सहायक जॉब कार्ड किसी को नहीं दे रहा है।

कई खातों में डाले रुपए..!
“रोजगार सहायक ने अपनी पत्नी भाई और पूर्व सरपंच के अलावा कई अन्य लोगों के खातों में भी रुपए डाले हैं। इस साल भी 30 से ज्यादा मजदूरों को भुगतान अबतक नहीं हुआ है। पोर्टल में और देखने पर उसके द्वारा किए गए अन्य फर्जी भुगतान भी सामने आएगी। फिलहाल हमने रोजगार सहायक की शिकायत कलेक्टर से की है।”
-चंदा गुप्ता, उप सरपंच खैरपुर