कोरबा/ अभी भी जिन्दा है ईमानदारी इस बात को गरीब सरस्वती ने किया साबित, सड़क पर पड़े 2 लाख रुपए लौटाई.. पढ़े खबर..!

कोरबा : एसईसीएल रिटायर्ड कर्मी जगदीश साहू के बेग से ढाई लाख रूपये सड़क पर गिर गई जिसे अन्य एक रिटायर्ड कोयला कर्मी के गरीब पुत्री सरस्वती गभेल ने देखा। सरस्वती गभेल को रुपए मिलने के बाद भी उसकी ईमानदारी नहीं डिगी । उसने पड़ोस के ही चाइल्ड सेन्टर में उपस्थित मनोज दीवाकर को रुपए मिलने की जानकारी दी। मनोज दिवाकर ने अपने सेंटर के सीसीटीवी कैमरा को खंगाला, कैमरे में जगदीश साहू के रुपए गिरने के फुटेज मिला चुँकि जगदीश साहू पूर्व में रजगामार कोयला खदान में कार्यरत थे उनका पहचान शीघ्र ही मिल गया।

सरस्वती गभेल ने यह रुपए जगदीश साहू तक पहुंचगे दिया। घटना के बारे में बताया जाता है की जगदीश साहू ओमपुर स्थित भारतीय स्टेट बैंक शाखा से अपने रिटायर्ड की राशि 9 लाख रुपए आहरण किया था उसके बाद बैंक से निकल कर अपने पुत्र के साथ बाइक में बैठकर गृह ग्राम चाम्पा के लिए रवाना हो गए। बैंक शाखा के निकट ही सब्जी मार्केट है जगदीश साहू के नोटों से भरे बेग से ढाई लाख रुपये सड़क पर गिर गए इसमें सरस्वती गभेल को 2 लाख रुपए और एक अन्य को 50 हजार रूपये मिले सरस्वती ने सड़क पर पड़े रूपये को एकत्र करने के बाद मनोज देवाकर के माध्यम से सरस्वती ने जगदीश साहू तक पहुंचाई।

सरस्वती की इस ईमानदारी को देखते हुए लोगो ने उसकी सराहना की। लोगो के अभी तक यह कहते थे कि समाज में ईमानदारी नहीं है, लेकिन सरस्वती ने रुपए लौटकर यह साबित कर दिया है कि समाज में अभी भी ईमानदारी जिन्दा है।