CMHO रायगढ़ द्वारा फोन ना उठाने से कोरोना खबर की पुष्टि कैसे होगी साहब ?? कलमकारों से भी दूरी ???


रायगढ़ 27 जुलाई 2020:- रायगढ़ जिले में लगातार बढ़ रहे कोरोना वायरस से पूरा जिला दहशत में है। हर कोई सावधानी बरतना चाहता है और पॉजिटिव मरीजों से खुद को दूर रखना चाहता है। इस कारण जब भी पॉजिटिव मरीज मिलने की सूचना नागरिकों को मिलती है, तो उन्हें पूरी जानकारी चाहिए होती है कि कोरोना संक्रमित कहां मिला है, कहां से वापस आया है, लोकल या है बाहरी हैं, किसके संपर्क में आया है, स्वास्थ्य विभाग उस क्षेत्र में क्या कार्यवाही कर रही है। इन सभी तमाम जानकारीयों को जानने की उत्सुकता जिलेवासियों में हैं और ये जायज भी है क्योंकि हर कोई कोरोना वायरस से दहशत में है और इस मामले में सजग और सतर्क रहना चाहता है।

पोर्टल न्यूज और अखबारों से मिलती है जनता को सूचना :

जिलेवासियों को किस एरिया में कितने कोरोना पॉजिटिव मिले तथा उनके हिस्ट्री क्या है इसकी जानकारी जिले में सबसे पहले पोर्टल न्यूज से लोगों को मिलता है फिर अगले दिन अखबारों के माध्यम से भी मिलता है। कोरोना काल में जिले के पत्रकारों की भूमिका सराहनीय रही है। पूरी शिद्दत और मेहनत से पत्रकार नागरिकों को सही जानकारियां उपलब्ध कराने का प्रयास कर रहें हैं।

रायगढ़ का स्वास्थ्य विभाग द्वारा समय पर नहीं दी जाती पॉजिटिव मरीजों के हिस्ट्री की जानकारी, पूरी जानकारी के लिए लगाना पड़ता है बार-बार फोन :

जिले के पत्रकारों द्वारा कोरोनावायरस की पुष्ट खबर देने के लिए जो मेहनत की गई है। वह तारीफ के काबिल है। लेकिन इस मेहनत पर रायगढ़ जिले का स्वास्थ्य विभाग बट्टा लगा रहा है। रायगढ़ जिले में “पत्रकार हेल्थ” नाम से स्वास्थ्य विभाग ने एक व्हाट्सएप ग्रुप बनाया है। जिसमें रायगढ़ जिले में मिलें समस्त पॉजिटिव मरीजों की जानकारी दी जाती है।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर एस. एन. केसरी द्वारा इस व्हाट्सएप ग्रुप में जिले में जब भी कोरोना मरीजों की पुष्टि होती है तो उनकी संख्या बता दी जाती है लेकिन उसकी पूर्ण जानकारी समय पर नहीं दी जाती है, जैसे कि जो पॉजिटिव मरीज पाया गया है वो कहां से हैं, कहां से वापस आया है, महिला है या पुरुष है, शहर के किस मोहल्ले से है, पूरी हिस्ट्री की जानकारी नहीं रहती है। जिसके कारण खबरनवीसों को नागरिकों को सही व पुष्ट सूचना देने में दिक्कत का सामना करना पड़ता है।

फोन नहीं उठाते CMHO साहब :

पत्रकारों को कोरोना की जानकारी देने के लिए जिला प्रशासन सीएमएचओ को जिम्मेदारी दी गयी है। उनके दिशा निर्देशन में ही कोरोना के विषय में जानकारी दिया जाना है लेकिन जब उनको पूर्ण खबर के लिए फोन किया जाता है तो उनके द्वारा जल्दी से फोन नहीं उठाया जाता है। अब पत्रकार करें तो करें क्या ? मजबूरी में ही पत्रकारों द्वारा व्हाट्सएप ग्रुप में जो आधी-अधूरी जानकारी दी जाती है उसी के अनुसार खबर प्रकाशित की जाती है जबकि कोरोना एक ऐसा विषय है जिसमें सीएमएचओ को पूरी जानकारी के साथ व्हाट्सएप ग्रुप में लिखना चाहिए। सही समय में पूरी जानकारी ना मिलने के कारण शहर में अफवाहों को भी जोर मिलता है ऐसा पहले भी कई बार हो चुका है।

पत्रकारों का फोन नहीं उठाना किसी भी स्थिति में उचित नहीं है :

आपको बता दें की कोरोना काल के समय जिले के पत्रकारों ने पूरी शिद्दत और ईमानदारी से अपनी जान जोखिम में डालकर जनता को सही खबर पहुंचाई है। इन्हीं पत्रकारों का फोन सीएमएचओ द्वारा नहीं उठाया जाता यह उचित नहीं है, अगर मुख्य चिकित्सा अधिकारी की व्यस्तता अत्यधिक है.. तो स्वास्थ्य विभाग को एक ऐसे व्यक्ति को कोरोना के विषय में जानकारी देने के लिए फोन पर उपलब्ध कराना चाहिए। जो कम से कम लोकतंत्र के चौथे स्तंभ का तो फोन उठाकर सही जानकारी दे सके। जब पत्रकारों का फोन नहीं उठ रहा है तो आम नागरिकों का फोन कैसे उठाएंगे स्वास्थ्य अधिकारी..? यह एक सोचनीय विषय है।

प्रदेश के मेडिकल बुलेटिन और जिले के कोरोना के आंकड़ों में भी देखा गया है अंतर :

प्रतिदिन छत्तीसगढ़ के हेल्थ डिपार्टमेंट से ट्विटर के माध्यम से पूरे प्रदेश की कोरोना रिपोर्ट की जानकारी साझा की जाती है। जिसमें अमूमन देखा गया है कि है रायगढ़ जिले में जो संख्या स्वास्थ्य विभाग द्वारा दी जाती है उससे एक अधिक आंकड़ा या आंकड़ों में अंतर पाया जाता है। नागरिकों द्वारा इस विषय पर जब पत्रकारों से जानकारी ली जाती है तो पत्रकार स्वास्थ विभाग के ऊपर निर्भर रहते हैं। इस कारण वही जानकारी देते हैं। जो विभाग द्वारा दिया जाता है।

स्वास्थ्य विभाग द्वारा कुछ इस तरह से दी जाती है जानकारी बाकी पूरी जानकारी के लिए फोन लगाना पड़ता है फोन उठा तो मिलेगी जानकारी वरना यही है समाचार :