हाथरस की बेटी के लिए रायगढ़ के कवि ने अपनी कविता समर्पित की…


रायगढ़ 30 सितंबर 2020:- आए दिन हमारे देश की बेटियों के साथ दरिंदों के द्वारा बलात्कार हो रहा है लेकिन हर बार दरिंदगी करने वाले बच जाते हैं। इंसाफ के लिए सिर्फ और सिर्फ पीड़ित परिवार को ही जद्दोजहद करनी पड़ती है। अभी हालिया यूपी के हाथरस में कुमारी मनीषा के ऊपर चार दरिंदों ने बलात्कार करके हैवानियत की सारी हदें पार कर दी।जीभ काट दी, रीढ़ की हड्डी तोड़ दी, आखिर कब तक असहाय पीड़ा, सिस्टम की लाचारी, राजनीतिक उदासीनता, जातिवाद का दन्स सह कर अपनी लाचारी देखती ? आखिर मौत के आघोष में समा गई। कहते हैं मौत के बाद सबको अंतिम संस्कार का सवैधानिक अधिकार होता है लेकिन यूपी के सरकार ने मनीषा के घरवालों से वो अधिकार भी छीन लिया। रात को 2:30 जबर्दस्ती अंतिम संस्कार करवा देती है।

उसी के ऊपर रायगढ़ के उभरते हुए कवि जयलाल कलेत ने अपनी लेखनी से सटीक प्रहार किया है। पढ़ें उनकी कविता:-

हाथरस की बिटिया

राम राज्य चलाने वाले,
सूरत दिखाओ ना?
हाथरस के बिटिया खातिर,
इन्साफ दिलाओ ना?

बलात्कारी दरिंदों को,
फांसी पर चढ़ाओं ना?
हाथरस के बिटिया खातिर,
इन्साफ दिलाओ ना?

हथिनी की मौत पर रोने वाले,
एक बूंद आंसू गिराओ ना?
हाथरस के बिटिया खातिर,
इन्साफ दिलाओ ना?

अंग अंग तोड़कर,जुबां भी काटी,
कैसे जीऐ बिटिया तुम बताओ ना?
हाथरस के बिटिया खातिर,
इन्साफ दिलाओ ना?

तेरे राम राज्य में,कैसा हुकुमत है,
देश की हर बेटी को जरा बताओ ना?
हाथरस के बिटिया खातिर,
इन्साफ दिलाओ ना?

दरिंदों के मौत का कोई,
फरमान तो सुनाओ ना?
हाथरस के बिटिया खातिर,
इन्साफ दिलाओ ना?

रचनाकार- जयलाल कलेत
रायगढ़ छत्तीसगढ़,