सारंगढ़ में पत्रकारों को टार्गेट कर फर्जी शिकायत करने वाले वर्ग के खिलाफ धरना-प्रदर्शन….


सारंगढ़ के पत्रकारों ने दिया एक दिवसीय धरना
पत्रकारों के खिलाफ शिकायतों पर सक्षम जांच की मांग
फर्जी शिकायतकर्ताओं के खिलाफ कार्यवाही की, मांग
पत्रकार सुरक्षा कानून लागू करने की मांग,

सारंगढ़ 11 अक्टूबर 2020:- सारंगढ अंचल के पत्रकारों के खिलाफ माफिया वर्ग के द्वारा फर्जी शिकायत करने तथा पुलिस और प्रशासन के द्वारा शिकायतों पर जांच किये बिना ही मामले दर्ज करने जैसे कार्यप्रणाली के खिलाफ सारंगढ़ पत्रकार संघ के बैनर तले एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन का आयोजन किया गया। इस धरना प्रदर्शन मे अंचल के लगभग 100 से अधिक पत्रकार शामिल हुए। इस धरना में वरिष्ठ पत्रकारों ने मांग किया कि पत्रकारों के खिलाफ बीते कुछ दिनों से षड़यंत्र के साथ शिकायत करने के लिये लॉबी सक्रिय है इस कारण से शिकायतों पर सूक्ष्म जांच जरूरी है।

सारंगढ के भारतमाता चौक में सारंगढ़ पत्रकार संघ के द्वारा एक दिवसीय धरना प्रदर्शन का आयोजन किया गया इस धरना प्रदर्शन मे सारंगढ़ शहर और ग्रामीण अंचल के लगभग 100 से अधिक पत्रकार शामिल हुए। सभी पत्रकारो के द्वारा एक स्वर मे पत्रकार एकता और पत्रकार सुरक्षा कानून लागू करने की मांग किया गया। वरिष्ठ पत्रकार तथा श्रमजीवी पत्रकार संघ के अध्यक्ष गोपश द्धिवेदी ने उपस्थित जनों को संबोधित करते हुए कहा कि पत्रकारों को लेकर प्रशासन का रवैया अनुचित हो गया है। पत्रकारों के साथ दुर्व्यवहार की बातें सामने आ रही है। किसी समाचार प्रकाशन से भ्रष्टाचार करने वालों को तकलीफ होती है तो फर्जी शिकायतों का दौर शुरू कर दे रहे है।

वही पुलिस प्रशासन के द्वारा उक्त शिकायतों पर एक पक्षीय कार्यवाही कर दिया जा रहा है। ऐसे में पत्रकार सुरक्षा कानून लागू करने और पत्रकारों के एकता के लिये आज एक दिवसीय धरना प्रदर्शन का आयोजन किया गया है। वरिष्ठ पत्रकार दीपक थवाईत ने उपस्थित पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि पत्रकारों को समाचार संकलन के लिये फील्ड पर जाना रिस्की कार्य हो गया है। स्तरहीन निर्माण सहित कई ऐसे मुद्दों का समाचार प्रकाशन होता है जिससे सरकारी निर्माण से जुड़े लोगों को परेशानी होती है तो अब पत्रकार के खिलाफ ही शिकायतें कर दिया जा रहा है जो कि पूर्णत: गलत है। उन्होनें प्रशासन को साफ शब्दों में चेताया कि सारंगढ़ अंचल के पत्रकारों के खिलाफ दुष्प्रचार बंद होना चाहिये तथा पत्रकारों के खिलाफ फजीँ शिकायतों पर जांच कर दोषी व्यक्ति पर कार्यवाही होना चाहिये।

सभा को संपादक अमितेश केशरवानी ने भी संबोधित करते हुए कहा कि पत्रकारों को सरकार के द्वारा सुरक्षा प्रदान करने के लिये पत्रकार सुरक्षा कानून का ड्राप्ट तैयार किया गया है उसे जल्द लागू किया जाये। वही पत्रकारों के खिलाफ शिकायतों पर डीएसपी स्तर के अधिकारियों से शिकायत की जांच सहित उन सभी मानको को लागू किया जाये जो कि प्रदेश सरकार के द्वारा पत्रकारों के हित मे तैयार किया गया है। वरिष्ठ पत्रकार लक्ष्मीनारायण लहरे ने भी पत्रकार एकता पर जोर देते हुए कांकेर के पत्रकार कमल शुक्ला के मामले में पुलिस की लचर कार्यवाही को दोषी ठहराते हुए पत्रकारों के लिये पत्रकार सुरक्षा कानून लागू करने की मांग किया तथा पत्रकारों के खिलाफ किया जा रहा फर्जी शिकायत के खिलाफ जांच कर फर्जी शिकायत करने वालों के खिलाफ कार्यवाही करने की मांग किया। सक्रिय पत्रकार रामकुमार थुरिया ने भी पत्रकारों के साथ धमकी और मारपीट की बढ़ती घटनाओं पर चिंता व्यक्त करते हुए प्रशासन से मांग किया है कि पत्रकारों के लिये सरकार संवेदनशील हो।

युवा पत्रकार मयूरेश केशरवानी ने भी पत्रकारों के ऊपर हो रहे दबाव की निंदा करते हुए कहा कि पत्रकारों को स्वतंत्र रूप से कार्य करने मे परेशानी हो रही है माफिया वर्ग पत्रकारों पर दबाव बनाने के लिये विभिन्न प्रकार से हठकंडे अपनाया जा रहा है जिस पर रोक लगाना जरूरी है। वरिष्ठ पत्रकार संदीप शर्मा ने भी पत्रकारों की एकता और पत्रकारों की सुरक्षा पर अपनी बात रखी। जबकि युवा पत्रकार किशोर मनहर ने पत्रकारों के खिलाफ षड़यंत्र करने वालो को स्पष्ट चेतावनी दिया तथा पुलिस प्रशासन को ऐसे तत्वों के खिलाफ कार्यवाही करने की मांग किया। वही पत्रकार राहुल भारती ने साफ शब्दों में प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि माफिया वर्ग के दबाव में आकर पुलिस प्रशासन पत्रकारों को टारगेट करना बंद करें। किसी के खिलाफ शिकायत आने पर कार्यवाही में कोई मनाही नहीं है किन्तु पत्रकार का भी पक्ष जानने के बाद ही कार्यवाही को आगे बढ़ाये।

इस आंदोलन को शहर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष पवन अग्रवाल के द्वारा अपना लिखित मे सर्मथन देकर पत्रकारों के लिये सदैव तत्पर रहने की बात धरना स्थल पर पहुंच कर दिया।
तहसील कार्यालय मे दिया गया एसडीएम को ज्ञापन
भारत माता चौक में एक दिवसीय धरना प्रदर्शन के बाद पत्रकारों ने पैदल मार्च करते हुए एसडीएम नंदकुमार चौबे को ज्ञापन सौपने के लिये तहसील कार्यालय पहुंचे। गगनचुंबी नारेबाजी करते हुए एसडीएम नंदकुमार चौबे को ज्ञापन सौपा। एसडीएम को सौपे ज्ञापन में वर्ग के द्वारा पत्रकारों को टारगेट कर झूठी शिकायतें करने की बात पर सूक्ष्म जांच की मांग के साथ झूठे शिकायतकर्ता पर कार्यवाही की मांग किया। वही केन्द्र सरकार/राज्य सरकार के द्वारा पत्रकारों के खिलाफ शिकायत होने पर होने वाला जांच के मामले में तय मानकों के अनुरूप जांच करने की मांग भी रखी गई।

पुलिस विभाग के नाम पर सौपा गया ज्ञापन
एसडीएम को ज्ञापन सौपने के बाद धरने प्रदर्शन का समापन पुलिस विभाग को ज्ञापन सौप कर किया गया। पुलिस अधीक्षक रायगढ़ के नाम पर सारंगढ़़ थाना में सौपे गये ज्ञापन में पत्रकारों के खिलाफ किया जा रहे शिकायतों की सूक्ष्म जांच की मांग के साथ साथ प्रशासन के द्वारा पत्रकारों के साथ किया जा रहा व्यवहार का भी उल्लेख है। साथ ही माफिया वर्ग के द्वारा पत्रकारों को टारगेट कर झूठी शिकायतें करने की बात पर सूक्ष्म जांच की मांग के साथ झूठे शिकायतकर्ता पर कार्यवाही की मांग किया। वही केन्द्र सरकार/राज्य सरकार के द्वारा पत्रकारों के खिलाफ शिकायत होने पर होने वाला जांच के मामले मे तय मानको के अनुरूप जांच करने की मांग भी रखी गई।

कौन-कौन पत्रकार रहे इसमे शामिल
सारंगढ़ के भारतमाता चौक में आयोजित इस धरना प्रदर्शन में वरिष्ठ पत्रकार अब्बास अली, गोपेश रंजन द्विवेदी अध्यक्ष श्रमजीवी पत्रकार संघ, दीपक थवाईत अध्यक्ष प्रेस क्लब, किशोर मनहर आईबीसी 24, राहुल भारती एसईएन 24 न्यूज, गौतम बंजारे साधना न्यूज, भारत भूषण साहू स्वराज एक्सप्रेस, वरिष्ठ पत्रकार संदीप शर्मा, अमितेश केशरवानी, रवि तिवारी, लक्ष्मीनाराण लहरे, गोल्डी लहरे, रामकुमार थुरिया, सत्यनारायण साहू, मयूरेश केशरवानी, दिनेश जोल्हे, नरेश चैहान, संतोष जायसवाल, मो.असीम राजा, दूर्गेश स्वर्णकार, राजमणी केशरवानी, विजय नायक, चंद्रिका भास्कर, प्रकाश तिवारी, दिनेश जायसवाल, मणीशंकर जायसवाल, दिलीप टण्डन, खूंटे, हरिनाथ खूंटे, कमलेश चैहान, लक्ष्मन, राजेंन्द्र, पुरंधर ,कमलेश, टारजन महेश, योगेश, नीलध्वज, पिंगध्वज, गिरीश, योगेश, मुकेश, नरेन्द्र देवांगन, सुधीर चौहान, अकबर, सतधनु, लक्ष भारती, महेंद्र महिलाने, प्रणीण थामस, दीपक पटेल, पवन केशरवानी, राजूकिर्ती चौहान, मिलनदास, कुबेरचरण जायसवाल, श्यामकुमार पटेल, गुलशन लहरे, संजय चौहान, हेमेन्द्र जायसवाल, कैलाश नायक, मुकेश शर्मा, पंकज कुर्रे, संजय चौहान, प्रदीप नेताम, महेन्द्रकांत, रमेश यादव, कुष्णा महिलाने, धीरज बरेठ, कबीरदास, हरिश निराला, अश्वनी साहू, दिलीपकुमार साहू, कृष्णकुमार महिलाने, लक्ष्मीकांत मनहर, दीपक पाण्डेय, गोविन्द बरेठ भारी संख्या में विभिन्न मिडिया समूह से जुड़े लोग पत्रकारों पर हमले एवं झुठे शिकायत के विरोध में एकजुट हुए।